केतन अग्रवाल मर्डर केस: सिया गोयल और चेतन चौधरी 3 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में ! जांच अभी अधूरी है। मोबाइल फोन से डिलीट डेटा रिकवर कर फॉरेंसिक जांच की जानी है और यह पता लगाना है कि लोहगढ़ किले पर आरोपियों ने किन लोगों से संपर्क किया था।

जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि क्या वारदात से पहले लोहगढ़ किले की रेकी की गई थी और क्या साजिश रचने के लिए किसी वैकल्पिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने अदालत को बताया कि केतन अग्रवाल का कथित रूप से रास्ते में फेंका गया पासपोर्ट अभी बरामद होना बाकी है। इसके अलावा आरोपी चेतन चौधरी के वारदात के समय पहने गए कपड़े भी अभी जब्त किए जाने हैं। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल का रिक्रिएशन पहले किया जा चुका है, लेकिन दोनों आरोपियों को साथ लेकर दोबारा पूरे घटनाक्रम का रिक्रिएशन करना जरूरी है।

Jun 29, 2026 - 18:11
Jun 29, 2026 - 18:23
केतन अग्रवाल मर्डर केस: सिया गोयल और चेतन चौधरी 3 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में ! जांच अभी अधूरी है। मोबाइल फोन से डिलीट डेटा रिकवर कर फॉरेंसिक जांच की जानी है और यह पता लगाना है कि लोहगढ़ किले पर आरोपियों ने किन लोगों से संपर्क किया था।

केतन अग्रवाल मर्डर केस: सिया गोयल और चेतन चौधरी 3 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में

Pune Murder Case

केतन अग्रवाल मर्डर केस

लोहगढ़ किले की रेकी की जांच

मोबाइल डेटा की फॉरेंसिक जांच

संभावित साजिशकर्ताओं की तलाश

मावल कोर्ट ने पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में दोनों आरोपियों की पुलिस कस्टडी बढ़ाई, जांच में मोबाइल डेटा रिकवरी, लोहगढ़ किले की रेकी और संभावित साजिशकर्ताओं की भूमिका पर फोकस।


सबसे बड़ी अपडेट

कोर्ट ने 3 जुलाई तक बढ़ाई पुलिस कस्टडी

लोणावला पुलिस ने दोनों आरोपियों सिया गोयल और चेतन चौधरी को मावल कोर्ट में पेश किया, जहां अदालत ने उन्हें 3 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया।

पुलिस की दलील

जांच अभी अधूरी है। मोबाइल फोन से डिलीट डेटा रिकवर कर फॉरेंसिक जांच की जानी है और यह पता लगाना है कि लोहगढ़ किले पर आरोपियों ने किन लोगों से संपर्क किया था।

लोहगढ़ किला एंगल

पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या वारदात से पहले लोहगढ़ किले की रेकी की गई थी और क्या साजिश के लिए किसी वैकल्पिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल हुआ।

पासपोर्ट और कपड़ों की तलाश

पुलिस के मुताबिक, केतन अग्रवाल का कथित रूप से रास्ते में फेंका गया पासपोर्ट बरामद करना बाकी है। चेतन चौधरी के वारदात के समय पहने कपड़े भी अभी जब्त किए जाने हैं।

बचाव पक्ष का तर्क

बचाव पक्ष ने पुलिस कस्टडी का विरोध करते हुए कहा कि तकनीकी जांच और घटनास्थल का रिक्रिएशन पहले ही हो चुका है, इसलिए आगे की जांच के लिए पुलिस हिरासत जरूरी नहीं है।

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मावल कोर्ट ने पुलिस को जांच के लिए अतिरिक्त समय दिया; डिलीट मोबाइल डेटा, लोहगढ़ किले की रेकी और संभावित साजिशकर्ताओं की भूमिका की जांच जारी।

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पुणे: चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में सोमवार (29 जून) को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। लोणावला पुलिस ने दोनों आरोपियों सिया गोयल और चेतन चौधरी को मावल कोर्ट में पेश किया, जहां अदालत ने उन्हें 3 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया।

सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत से 7 दिन की अतिरिक्त कस्टडी की मांग करते हुए कहा कि हत्या की साजिश से जुड़े कई अहम पहलुओं की जांच अभी बाकी है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के मोबाइल फोन से डिलीट किए गए डेटा को रिकवर कर उसकी फॉरेंसिक जांच की जानी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि लोहगढ़ किले पर आरोपियों ने किन-किन लोगों से संपर्क किया था।

जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि क्या वारदात से पहले लोहगढ़ किले की रेकी की गई थी और क्या साजिश रचने के लिए किसी वैकल्पिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने अदालत को बताया कि केतन अग्रवाल का कथित रूप से रास्ते में फेंका गया पासपोर्ट अभी बरामद होना बाकी है।

इसके अलावा आरोपी चेतन चौधरी के वारदात के समय पहने गए कपड़े भी अभी जब्त किए जाने हैं। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल का रिक्रिएशन पहले किया जा चुका है, लेकिन दोनों आरोपियों को साथ लेकर दोबारा पूरे घटनाक्रम का रिक्रिएशन करना जरूरी है।

वहीं, बचाव पक्ष ने पुलिस कस्टडी का विरोध करते हुए कहा कि तकनीकी जांच, पूछताछ और घटनास्थल का रिक्रिएशन पहले ही हो चुका है। इसलिए आगे की जांच तकनीकी प्रकृति की है और पुलिस हिरासत की आवश्यकता नहीं है। बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी को भी अवैध बताते हुए अदालत से अपना आवेदन स्वीकार करने की मांग की।

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