संसद में घमासान: राम मंदिर चढ़ावा विवाद और छात्रों पर कार्रवाई को लेकर विपक्ष अड़ा
वहीं दूसरी मांग अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट पर चंदा और चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान और संसद के दोनों सदनों में व्यापक चर्चा की है। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि विपक्ष संसद का सत्र शुरू होने के बाद से ही इन दोनों मुद्दों को लगातार और मजबूती से उठा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट के गठन की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 फरवरी 2020 को लोकसभा में की थी।
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो गया है। कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित चढ़ावा और चंदा अनियमितताओं तथा प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई—दोनों मुद्दों पर विपक्ष अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेगा।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि विपक्ष की दोनों मांगों को अलग-अलग करके विपक्षी एकजुटता तोड़ने की केंद्र सरकार की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
रमेश के मुताबिक, विपक्ष की पहली मांग प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर दिल्ली पुलिस की कथित कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान और उसके बाद दोनों सदनों में इस मुद्दे पर चर्चा की है।
वहीं दूसरी मांग अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट पर चंदा और चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान और संसद के दोनों सदनों में व्यापक चर्चा की है।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि विपक्ष संसद का सत्र शुरू होने के बाद से ही इन दोनों मुद्दों को लगातार और मजबूती से उठा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट के गठन की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 फरवरी 2020 को लोकसभा में की थी।
सरकार चर्चा के लिए तैयार, लेकिन विपक्ष से शांति की अपील
इस बीच संसदीय कार्य मंत्री किरण रीजीजू ने कहा है कि सरकार छात्रों के आंदोलन के मुद्दे पर चर्चा कराने और गृह मंत्री अमित शाह के जवाब के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने विपक्ष से सदन में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की।
कांग्रेस का कहना है कि दोनों मुद्दों को अलग-अलग करके देखने की कोशिश विपक्षी एकता को कमजोर करने की रणनीति है। जयराम रमेश ने दोहराया कि विपक्ष इन दोनों मांगों को अलग नहीं होने देगा।
अब नजर संसद की अगली कार्यवाही पर
एक तरफ सरकार चर्चा के लिए तैयार होने का संकेत दे रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष दोनों मुद्दों पर अपनी संयुक्त मांग पर कायम है। ऐसे में संसद की अगली कार्यवाही के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ने के आसार हैं।
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