मुख्यमंत्री आवास पर BJP विधायकों का प्रदर्शन या ‘हत्या की साजिश’? झारखंड में मंत्री इरफान अंसारी के गंभीर आरोप से सियासी भूचाल
इरफान अंसारी का बड़ा दावा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री कथित तौर पर एक बड़े खतरे से बाल-बाल बचे। उन्होंने सवाल उठाया कि विधानसभा की कार्यवाही के दौरान बीजेपी विधायकों का मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचकर धरना देना सामान्य राजनीतिक प्रदर्शन की श्रेणी में कैसे रखा जा सकता है। इरफान अंसारी ने यह भी कहा कि यदि जांच में मुख्यमंत्री को नुकसान पहुंचाने या उनकी हत्या के प्रयास की साजिश के कोई तथ्य सामने आते हैं, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
रांची। झारखंड की राजनीति में उस वक्त बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सरकारी आवास के बाहर हुए बीजेपी विधायकों के धरना-प्रदर्शन को लेकर बेहद गंभीर आरोप लगाए। मंत्री ने दावा किया कि यह प्रदर्शन महज राजनीतिक विरोध नहीं था, बल्कि इसके पीछे मुख्यमंत्री को जान से मारने की साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
इरफान अंसारी ने कहा कि जिस वक्त बीजेपी विधायक मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे, उस समय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी पत्नी और बच्चों के साथ आवास के अंदर मौजूद थे। मंत्री ने इसे मुख्यमंत्री की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए पूरे घटनाक्रम की जांच की मांग की है।
‘अगर कोई दीवार फांदकर अंदर चला जाता तो?’
स्वास्थ्य मंत्री ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री का सरकारी आवास सड़क के किनारे स्थित है और अगर प्रदर्शन के दौरान कोई व्यक्ति सुरक्षा घेरा तोड़कर अंदर प्रवेश कर जाता तो स्थिति कितनी गंभीर हो सकती थी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपने परिवार के साथ घर में मौजूद थे। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। मंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष से मांग की है कि मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान की जाए और यह जांच हो कि प्रदर्शन के पीछे वास्तविक मंशा क्या थी।
इरफान अंसारी का बड़ा दावा
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री कथित तौर पर एक बड़े खतरे से बाल-बाल बचे। उन्होंने सवाल उठाया कि विधानसभा की कार्यवाही के दौरान बीजेपी विधायकों का मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचकर धरना देना सामान्य राजनीतिक प्रदर्शन की श्रेणी में कैसे रखा जा सकता है।
इरफान अंसारी ने यह भी कहा कि यदि जांच में मुख्यमंत्री को नुकसान पहुंचाने या उनकी हत्या के प्रयास की साजिश के कोई तथ्य सामने आते हैं, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
हालांकि, मुख्यमंत्री की हत्या की साजिश संबंधी मंत्री के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। बीजेपी की ओर से इस आरोप पर प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
छात्र आंदोलन के बीच बढ़ा सियासी तापमान
यह पूरा विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। छात्रों की मांगों को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों की मांगों पर कहा है कि सरकार उनकी अधिकांश मांगें स्वीकार करने के लिए तैयार है। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों की समीक्षा और जरूरत पड़ने पर सभी परीक्षाओं की जांच कराने की बात भी कही है।
अब मुख्यमंत्री आवास के बाहर हुए बीजेपी विधायकों के प्रदर्शन को लेकर लगाए गए गंभीर आरोपों ने झारखंड की राजनीति को एक नए मोड़ पर ला खड़ा किया है। सवाल सिर्फ विरोध प्रदर्शन का नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा और प्रदर्शन की कथित मंशा की जांच का भी है।
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