फैक्ट चेक: पुराने सिक्कों के बदले 5-10 लाख रुपये देने का दावा फर्जी, पीएम मोदी का वायरल वीडियो निकला मैनिपुलेटेड

वायरल वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कथित तौर पर लोगों से अपील करते दिखाई देते हैं कि वे अपने पुराने सिक्के सरकारी प्रदर्शनी में लेकर आएं। वीडियो में यह भी दावा किया जाता है कि सरकार इन सिक्कों को सीधे खरीदेगी और बदले में लाखों रुपये का भुगतान करेगी। वीडियो देखने के बाद कई लोग इसे वास्तविक सरकारी योजना समझकर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं।

Aug 4, 2026 - 18:13
फैक्ट चेक: पुराने सिक्कों के बदले 5-10 लाख रुपये देने का दावा फर्जी, पीएम मोदी का वायरल वीडियो निकला मैनिपुलेटेड

नई दिल्ली | दिल्ली लुकआउट

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पुराने सिक्कों की एक कथित सरकारी प्रदर्शनी (Exhibition) का प्रचार करते हुए दिखाया जा रहा है। वीडियो में दावा किया गया है कि केंद्र सरकार पुराने और दुर्लभ सिक्कों की प्रदर्शनी आयोजित कर रही है, जहां नागरिक अपने पुराने सिक्के बेचकर 5 लाख से 10 लाख रुपये तक प्राप्त कर सकते हैं।

हालांकि, यह दावा पूरी तरह भ्रामक और फर्जी है।

वायरल वीडियो में क्या किया जा रहा है दावा?

वायरल वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कथित तौर पर लोगों से अपील करते दिखाई देते हैं कि वे अपने पुराने सिक्के सरकारी प्रदर्शनी में लेकर आएं। वीडियो में यह भी दावा किया जाता है कि सरकार इन सिक्कों को सीधे खरीदेगी और बदले में लाखों रुपये का भुगतान करेगी।

वीडियो देखने के बाद कई लोग इसे वास्तविक सरकारी योजना समझकर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं।

PIB Fact Check ने बताया सच

भारत सरकार की आधिकारिक फैक्ट-चेक एजेंसी PIB Fact Check ने इस वायरल वीडियो की जांच की और इसे पूरी तरह फर्जी (Fake) करार दिया है।

PIB ने अपने आधिकारिक X (पूर्व में Twitter) अकाउंट पर स्पष्ट किया कि यह वीडियो डिजिटल रूप से छेड़छाड़ (Manipulated) करके बनाया गया है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आवाज और वीडियो का गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया है ताकि लोगों को भ्रमित किया जा सके।

PIB ने कहा कि सरकार ने पुराने सिक्कों की ऐसी किसी प्रदर्शनी का आयोजन नहीं किया है, न ही किसी अधिकृत खरीदार के माध्यम से लोगों से सिक्के खरीदने की कोई योजना चलाई जा रही है।

लोगों से की गई अपील

PIB Fact Check ने नागरिकों से अपील की है कि ऐसे किसी भी वीडियो या संदेश पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें और न ही उसे आगे साझा करें।

यदि किसी सरकारी योजना की जानकारी लेनी हो तो केवल सरकार की आधिकारिक वेबसाइटों या अधिकृत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से ही जानकारी प्राप्त करें।

दिल्ली लुकआउट की सलाह
सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी वीडियो को बिना जांचे-परखे सच न मानें।
प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति या किसी सरकारी संस्था के नाम पर किए जा रहे बड़े आर्थिक दावों की पहले आधिकारिक पुष्टि करें।
किसी भी संदिग्ध वीडियो या संदेश की सत्यता जानने के लिए PIB Fact Check या संबंधित सरकारी स्रोतों का सहारा लें।
फर्जी वीडियो और AI से तैयार किए गए मैनिपुलेटेड कंटेंट से सतर्क रहें।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow