ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम विदाई, भारत की ओर से राज्यपाल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्यमंत्री पबित्रा मार्गेरिटा होंगे शामिल 4 से 9 जुलाई तक चलेगा राजकीय अंतिम संस्कार, दुनिया भर के नेताओं और लाखों लोगों के पहुंचने की उम्मीद

अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत इसी वर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए संयुक्त एयरस्ट्राइक में हुई थी। उनकी मृत्यु के बाद मार्च की शुरुआत में उनके बेटे मोज्तबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता चुना गया। इस घटना को ईरान के 46 वर्ष पुराने इस्लामी शासन के इतिहास का सबसे बड़ा राजनीतिक और सामरिक मोड़ माना गया।

Jun 29, 2026 - 18:16
ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम विदाई, भारत की ओर से राज्यपाल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्यमंत्री पबित्रा मार्गेरिटा होंगे शामिल 4 से 9 जुलाई तक चलेगा राजकीय अंतिम संस्कार, दुनिया भर के नेताओं और लाखों लोगों के पहुंचने की उम्मीद

नई दिल्ली/तेहरान: ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की स्मृति में आयोजित राजकीय अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि कार्यक्रम 4 जुलाई 2026 से शुरू होंगे। इस दौरान दुनिया के कई देशों के प्रतिनिधिमंडल ईरान पहुंचेंगे। भारत की ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्यमंत्री पबित्रा मार्गेरिटा इस समारोह में हिस्सा लेंगे।

ईरानी मीडिया के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण भेजा गया था। हालांकि भारत सरकार की ओर से प्रतिनिधिमंडल भेजने का फैसला किया गया है।

4 से 9 जुलाई तक कई शहरों में होंगे कार्यक्रम

श्रद्धांजलि समारोह की शुरुआत 4 और 5 जुलाई को तेहरान स्थित इमाम खुमैनी मोसाला प्रार्थना हॉल में होगी, जहां हजारों लोग दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद 6 और 7 जुलाई को तेहरान और पवित्र शहर कोम में अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। अंतिम कार्यक्रम 9 जुलाई को उत्तर-पूर्वी शहर मशहद में आयोजित होगा, जहां अयातुल्ला खामेनेई को इमाम रजा के पवित्र दरगाह परिसर में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

एयरस्ट्राइक में हुई थी मौत

अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत इसी वर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए संयुक्त एयरस्ट्राइक में हुई थी। उनकी मृत्यु के बाद मार्च की शुरुआत में उनके बेटे मोज्तबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता चुना गया। इस घटना को ईरान के 46 वर्ष पुराने इस्लामी शासन के इतिहास का सबसे बड़ा राजनीतिक और सामरिक मोड़ माना गया।

परिवार के चार सदस्य भी मारे गए

रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी-इजरायली हमलों में खामेनेई के परिवार के चार सदस्य भी मारे गए थे। इनमें उनकी बेटी, एक नाती/पोता और उनके दामाद शामिल बताए गए। उस समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से खामेनेई की मौत की पुष्टि की थी।

मध्य पूर्व पर पूरी दुनिया की नजर

ईरान में आयोजित होने वाले इन अंतिम संस्कार कार्यक्रमों में लाखों लोगों के शामिल होने की संभावना है। साथ ही कई देशों के वरिष्ठ नेता और प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रहेंगे। ऐसे में पूरी दुनिया की नजर इस ऐतिहासिक आयोजन और उससे जुड़े कूटनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हुई है।

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