पंजाब में नशे के मुद्दे पर सियासी घमासान तेज, ‘जॉम्बी ड्रग’ वीडियो को लेकर हरभजन सिंह और सरकार आमने-सामने
हरपाल सिंह चीमा ने हरभजन सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी ने उनके योगदान को देखते हुए उन्हें राज्यसभा भेजा था और उम्मीद की थी कि वह पंजाबी युवाओं के लिए सकारात्मक रोल मॉडल बनेंगे। चीमा का आरोप है कि भाजपा के साथ आने के बाद हरभजन सिंह पंजाब से जुड़े मुद्दों को अलग तरीके से पेश कर रहे हैं। चीमा ने कहा कि गैर-पंजाब के वीडियो को पंजाब का बताकर साझा करना भाजपा के कथित ‘एंटी-पंजाब और एंटी-पंजाबी’ नैरेटिव को मजबूत करने की कोशिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि नशे के मुद्दे पर पंजाब को लगातार निशाना बनाकर राज्य की छवि खराब करने का राजनीतिक प्रयास किया जा रहा है।
चंडीगढ़। पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। राज्यसभा सांसद और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वायरल वीडियो को लेकर पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। चीमा का दावा है कि जिस वीडियो को पंजाब का बताकर प्रचारित किया जा रहा है, वह वास्तव में पंजाब का नहीं, बल्कि राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले का है।
हरभजन सिंह ने सोमवार देर रात सोशल मीडिया पर यह वीडियो साझा करते हुए पंजाब में नशे की स्थिति पर चिंता जताई थी। वीडियो में पगड़ी पहने दो युवक असामान्य अवस्था में खड़े नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे कथित तौर पर ‘जॉम्बी ड्रग’ से जोड़कर देखा जाने लगा। कुछ ऑनलाइन दावों में युवकों की हालत को xylazine और opioids से जुड़े नशीले पदार्थों के सेवन से जोड़ने की कोशिश की गई।
हालांकि, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने वीडियो की लोकेशन को लेकर ही सवाल खड़ा कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वीडियो पंजाब का नहीं है और इसे पंजाब से जोड़कर पेश करना राज्य और पंजाबियों की छवि खराब करने की कोशिश है।
चीमा का आरोप—‘एंटी-पंजाब नैरेटिव’ का हिस्सा है वीडियो
हरपाल सिंह चीमा ने हरभजन सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी ने उनके योगदान को देखते हुए उन्हें राज्यसभा भेजा था और उम्मीद की थी कि वह पंजाबी युवाओं के लिए सकारात्मक रोल मॉडल बनेंगे। चीमा का आरोप है कि भाजपा के साथ आने के बाद हरभजन सिंह पंजाब से जुड़े मुद्दों को अलग तरीके से पेश कर रहे हैं।
चीमा ने कहा कि गैर-पंजाब के वीडियो को पंजाब का बताकर साझा करना भाजपा के कथित ‘एंटी-पंजाब और एंटी-पंजाबी’ नैरेटिव को मजबूत करने की कोशिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि नशे के मुद्दे पर पंजाब को लगातार निशाना बनाकर राज्य की छवि खराब करने का राजनीतिक प्रयास किया जा रहा है।
गुजरात के बंदरगाहों से ड्रग्स पहुंचने का आरोप
नशे के मुद्दे पर पलटवार करते हुए चीमा ने गुजरात के बंदरगाहों पर पकड़ी गई नशीली दवाओं की बड़ी खेपों का हवाला दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में पहुंचने वाला ड्रग्स गुजरात के रास्ते आ रहा है और यह सवाल भी उठाया कि गुजरात में लगातार ड्रग्स की बड़ी खेप पकड़े जाने के बावजूद राजनीतिक चर्चा का केंद्र केवल पंजाब को क्यों बनाया जाता है।
चीमा ने कहा कि गुजरात भाजपा शासित राज्य है और नशे की सप्लाई चेन को लेकर वहां की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए जाने चाहिए।
‘वार ऑन ड्रग्स’ को लेकर सरकार का दावा
पंजाब सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में नशे के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। सरकार के मुताबिक, ‘वार ऑन ड्रग्स’ अभियान के तहत ड्रग्स की सप्लाई चेन को तोड़ने, तस्करों और पैडलरों के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ-साथ नशे की लत से जूझ रहे लोगों के उपचार और पुनर्वास पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
वहीं, विपक्ष और सरकार के बीच नशे के मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप लगातार तेज हो रहे हैं। ऐसे में हरभजन सिंह द्वारा साझा किए गए वीडियो ने पंजाब में नशे की समस्या को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को और गरमा दिया है।
अब बड़ा सवाल यही है कि वायरल वीडियो की वास्तविक लोकेशन क्या है और पंजाब में नशे की समस्या पर राजनीतिक आरोपों से अलग जमीनी सच्चाई कितनी गंभीर है?
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