बीकानेर से कोटपुतली अब सिर्फ 3 घंटे! राजस्थान में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से बदलेगी कनेक्टिविटी की तस्वीर

सबसे बड़ा फायदा इसकी तेज और बेहतर कनेक्टिविटी का होगा। एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार यातायात के चलते बीकानेर से कोटपुतली का सफर लगभग आधे समय में पूरा होने की उम्मीद है। दिल्ली-NCR तक पहुंच होगी आसान इस परियोजना का सबसे बड़ा रणनीतिक फायदा पश्चिमी राजस्थान को दिल्ली-NCR और उत्तर भारत से बेहतर कनेक्टिविटी के रूप में मिल सकता है। प्रस्तावित एक्सप्रेसवे बीकानेर क्षेत्र को दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) से जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकता है।

Aug 24, 2026 - 16:02
बीकानेर से कोटपुतली अब सिर्फ 3 घंटे! राजस्थान में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से बदलेगी कनेक्टिविटी की तस्वीर

जयपुर/बीकानेर। राजस्थान के लोगों के लिए प्रस्तावित बीकानेर-कोटपुतली ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे एक बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकता है। करीब 295 किलोमीटर लंबे इस प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के बनने के बाद बीकानेर से कोटपुतली का सफर करीब 3 घंटे में पूरा होने की उम्मीद है। फिलहाल यही दूरी तय करने में यात्रियों को करीब 6 से 7 घंटे तक लग जाते हैं।

हालांकि, NHAI की ओर से इस प्रस्तावित एक्सप्रेसवे को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक नया अपडेट जारी नहीं किया गया है। ऐसे में परियोजना से जुड़ी समयसीमा और निर्माण की स्थिति को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

आधे समय में पूरा होगा सफर

मौजूदा रूट से बीकानेर और कोटपुतली के बीच दूरी करीब 340 किलोमीटर है। सड़क मार्ग की स्थिति और मौजूदा यातायात के कारण इस सफर में 6 घंटे से अधिक समय लग सकता है। प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के बनने पर दूरी घटकर करीब 295 किलोमीटर रह सकती है।

सबसे बड़ा फायदा इसकी तेज और बेहतर कनेक्टिविटी का होगा। एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार यातायात के चलते बीकानेर से कोटपुतली का सफर लगभग आधे समय में पूरा होने की उम्मीद है।

दिल्ली-NCR तक पहुंच होगी आसान

इस परियोजना का सबसे बड़ा रणनीतिक फायदा पश्चिमी राजस्थान को दिल्ली-NCR और उत्तर भारत से बेहतर कनेक्टिविटी के रूप में मिल सकता है। प्रस्तावित एक्सप्रेसवे बीकानेर क्षेत्र को दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) से जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकता है।

इसके आगे कोटपुतली के आसपास से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और अंबाला-कोटपुतली एक्सप्रेसवे (NH-152D) जैसे प्रमुख मार्गों से कनेक्टिविटी मिलने पर दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा के साथ-साथ हरियाणा और पंजाब की ओर आवाजाही भी आसान हो सकती है।

इन 10 शहरों-कस्बों को मिलेगा फायदा

प्रस्तावित एक्सप्रेसवे राजस्थान के कई महत्वपूर्ण शहरों और कस्बों को कनेक्ट करेगा। इनमें—

बीकानेर, नापासर, श्रीडूंगरगढ़, रतनगढ़, फतेहपुर शेखावाटी, मंडावा, झुंझुनू, उदयपुरवाटी, नीम का थाना और कोटपुतली शामिल हैं।

इससे न केवल इन क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क बेहतर हो सकता है, बल्कि व्यापार, पर्यटन, परिवहन और लॉजिस्टिक्स को भी गति मिलने की उम्मीद है।

पश्चिमी राजस्थान के लिए बन सकता है बड़ा कॉरिडोर

बीकानेर और पश्चिमी राजस्थान को दिल्ली-NCR से तेज कनेक्टिविटी मिलने का असर स्थानीय कारोबार से लेकर माल परिवहन तक कई क्षेत्रों पर पड़ सकता है। खासकर बीकानेर जैसे महत्वपूर्ण शहर के लिए दिल्ली और उत्तर भारत के बाजारों तक पहुंच आसान होना आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दे सकता है।

हालांकि फिलहाल यह परियोजना प्रस्तावित स्तर पर है और NHAI की ओर से कोई ताजा आधिकारिक अपडेट नहीं आया है। इसलिए एक्सप्रेसवे की लंबाई, रूट, निर्माण शुरू होने और पूरा होने की समयसीमा को आधिकारिक घोषणा के बाद ही अंतिम माना जाना चाहिए।

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