वंदे मातरम विवाद पर पवन खेड़ा का अमित शाह पर तीखा हमला, बोले- क्या शाह गांधी, पटेल और अंबेडकर से भी बड़े हो गए?
कांग्रेस नेता ने तीखे अंदाज में कहा कि देश को यह तय करना होगा कि वह अमित शाह की बात माने या सरदार पटेल की, गांधी की माने या संविधान सभा की। उन्होंने अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा, "आखिर ये अपने आपको क्या समझते हैं? खुदा समझते हैं, भगवान समझते हैं? हैं कौन ये?" '20 दिन बाद संसद में प्रकट हुए' पवन खेड़ा ने अपने हमले को यहीं नहीं रोका। उन्होंने संसद से अमित शाह की कथित गैरमौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाए। खेड़ा ने आरोप लगाया कि अमित शाह करीब 20 दिनों तक संसद से दूर रहे और अब अचानक वंदे मातरम के मुद्दे पर सामने आए हैं।
नई दिल्ली: वंदे मातरम को लेकर देश में जारी सियासी बहस अब और तीखी होती जा रही है। कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर जोरदार हमला बोलते हुए 1937 में वंदे मातरम को लेकर पारित प्रस्ताव का हवाला दिया। खेड़ा ने सवाल उठाया कि जिस प्रस्ताव में सरदार वल्लभभाई पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, मौलाना अबुल कलाम आजाद, जवाहरलाल नेहरू, महात्मा गांधी और सी. राजगोपालाचारी जैसे नेता शामिल थे, आज अमित शाह उसकी आलोचना कैसे कर सकते हैं?
पवन खेड़ा ने कहा कि वंदे मातरम को लेकर 1937 में पारित प्रस्ताव ही वह ऐतिहासिक प्रस्ताव था, जिसके आधार पर आगे की व्यवस्था बनी। उन्होंने दावा किया कि यह निर्णय गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह के बाद लिया गया था। ऐसे में उन्होंने अमित शाह पर तंज कसते हुए पूछा कि क्या अब वे सरदार पटेल, गांधी, नेहरू और टैगोर से भी बड़े हो गए हैं?
'क्या अमित शाह संविधान सभा से भी बड़े हो गए?'
खेड़ा ने कहा कि संविधान सभा में भी वंदे मातरम के दो अंतरों को गाए जाने को लेकर निर्णय हुआ था। उन्होंने सवाल किया कि क्या अमित शाह अब संविधान सभा के फैसले से भी ऊपर हो गए हैं?
कांग्रेस नेता ने तीखे अंदाज में कहा कि देश को यह तय करना होगा कि वह अमित शाह की बात माने या सरदार पटेल की, गांधी की माने या संविधान सभा की। उन्होंने अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा, "आखिर ये अपने आपको क्या समझते हैं? खुदा समझते हैं, भगवान समझते हैं? हैं कौन ये?"
'20 दिन बाद संसद में प्रकट हुए'
पवन खेड़ा ने अपने हमले को यहीं नहीं रोका। उन्होंने संसद से अमित शाह की कथित गैरमौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाए। खेड़ा ने आरोप लगाया कि अमित शाह करीब 20 दिनों तक संसद से दूर रहे और अब अचानक वंदे मातरम के मुद्दे पर सामने आए हैं।
उन्होंने कहा कि गृह मंत्री को उन मुद्दों पर जवाब देना चाहिए जो सीधे उनकी जिम्मेदारी से जुड़े हैं। खेड़ा ने फायरिंग और पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाते हुए पूछा कि नौजवानों पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया था और लड़कियों पर लाठीचार्ज किसके आदेश पर हुआ?
'पहले अपना काम करके दिखाइए'
कांग्रेस सांसद ने अमित शाह को घेरते हुए कहा कि देश ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी है, पहले उन्हें उस जिम्मेदारी को निभाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने काम से जुड़े सवालों का जवाब देने के बजाय अमित शाह महात्मा गांधी और सरदार पटेल जैसे ऐतिहासिक नेताओं के फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं।
वंदे मातरम को लेकर छिड़ी यह राजनीतिक बहस अब केवल राष्ट्रगीत से जुड़े ऐतिहासिक फैसलों तक सीमित नहीं रही है, बल्कि कांग्रेस और बीजेपी के बीच वैचारिक टकराव का नया मुद्दा बनती दिखाई दे रही है। पवन खेड़ा के तीखे बयान के बाद इस विवाद के और गरमाने के आसार हैं।
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