BPSC अधिकारी का विवादित बयान: आंदोलनकारी छात्रों पर ‘कुत्ता भौंके हजार’ टिप्पणी से भड़का आक्रोश, तेजस्वी ने जताया कड़ा विरोध

इसी दौरान 70वीं BPSC परीक्षा में तीसरी रैंक हासिल करने वाले अभ्यर्थी को लेकर आंदोलनकारी छात्रों की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर परीक्षा नियंत्रक से सवाल किया गया। जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि यदि आरोपों में तथ्य हैं तो अभ्यर्थियों को कोर्ट जाना चाहिए। इसी क्रम में उन्होंने विवादित कहावत का इस्तेमाल किया। छात्रों ने जताया कड़ा विरोध बयान सामने आने के बाद गर्दनीबाग में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का गुस्सा और बढ़ गया। छात्रों ने BPSC के खिलाफ “BPSC चोर है” के नारे लगाए और परीक्षा नियंत्रक की टिप्पणी को छात्रों का अपमान बताया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आयोग के अधिकारियों को अभ्यर्थियों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए, न कि आंदोलन कर रहे छात्रों को अपमानजनक शब्दों से संबोधित करना चाहिए।

Aug 24, 2026 - 17:40
BPSC अधिकारी का विवादित बयान: आंदोलनकारी छात्रों पर ‘कुत्ता भौंके हजार’ टिप्पणी से भड़का आक्रोश, तेजस्वी ने जताया कड़ा विरोध

पटना: बिहार में चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के बीच सोमवार को उस वक्त आक्रोश और बढ़ गया, जब बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह की एक टिप्पणी विवादों में आ गई। BPSC की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने आंदोलनकारी छात्रों के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा, “हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार।”

परीक्षा नियंत्रक की इस टिप्पणी को लेकर गर्दनीबाग में धरना दे रहे अभ्यर्थियों ने BPSC के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। छात्रों का कहना है कि अपनी मांगों और परीक्षा से जुड़े सवाल उठाने वाले अभ्यर्थियों के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना बेहद आपत्तिजनक है। छात्रों ने आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि “आज जिन्हें कुत्ता कहा जा रहा है, वही कल अफसर बनेंगे।”

70वीं BPSC के सवाल पर दिया जवाब

दरअसल, सोमवार को BPSC की प्रेस कॉन्फ्रेंस में TRE-4 की परीक्षा को लेकर कई अहम जानकारियां दी गईं। आयोग ने स्पष्ट किया कि शिक्षक भर्ती परीक्षा दो चरणों में आयोजित होगी और निगेटिव मार्किंग का प्रावधान जारी रहेगा।

इसी दौरान 70वीं BPSC परीक्षा में तीसरी रैंक हासिल करने वाले अभ्यर्थी को लेकर आंदोलनकारी छात्रों की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर परीक्षा नियंत्रक से सवाल किया गया। जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि यदि आरोपों में तथ्य हैं तो अभ्यर्थियों को कोर्ट जाना चाहिए। इसी क्रम में उन्होंने विवादित कहावत का इस्तेमाल किया।

छात्रों ने जताया कड़ा विरोध

बयान सामने आने के बाद गर्दनीबाग में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का गुस्सा और बढ़ गया। छात्रों ने BPSC के खिलाफ “BPSC चोर है” के नारे लगाए और परीक्षा नियंत्रक की टिप्पणी को छात्रों का अपमान बताया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आयोग के अधिकारियों को अभ्यर्थियों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए, न कि आंदोलन कर रहे छात्रों को अपमानजनक शब्दों से संबोधित करना चाहिए।

छात्रों ने यह भी कहा कि “कॉकरोच” वाले बयान पर प्रधान गए, अब सचिव की बारी है, यानी आयोग के अधिकारियों की भाषा और रवैये को लेकर छात्र अब और आक्रामक रुख अपनाने के संकेत दे रहे हैं।

तेजस्वी यादव ने भी की आलोचना

विवादित बयान पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा लोकतंत्र में स्वीकार नहीं की जा सकती और बयान देने वाले को माफी मांगनी चाहिए।

TRE-4 को लेकर पहले से ही अभ्यर्थी कई दिनों से गर्दनीबाग में धरने पर बैठे हैं। ऐसे में BPSC परीक्षा नियंत्रक की यह टिप्पणी आंदोलन को और तूल दे सकती है। अब छात्रों की मांग है कि आयोग इस बयान पर सफाई दे और जिम्मेदार अधिकारी अभ्यर्थियों से माफी मांगें।

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