जयशंकर-पुतिन मुलाकात: दिल्ली में BRICS समिट के लिए भारत तैयार, पुतिन ने मोदी से मुलाकात की जताई इच्छा
बैठक के दौरान राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी शुभकामनाएं भेजीं। उन्होंने कहा कि वह आगामी किर्गिस्तान में होने वाले SCO शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी से आमने-सामने मुलाकात करना चाहते हैं। पुतिन की यह इच्छा ऐसे समय सामने आई है, जब भारत और रूस के संबंधों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार नजर बनी हुई है। अमेरिका की ओर से रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर दबाव बनाए जाने के बावजूद नई दिल्ली ने अपनी स्वतंत्र विदेश नीति और रणनीतिक संबंधों को लेकर स्पष्ट रुख कायम रखा है।
मॉस्को: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार, 24 अगस्त 2026 को मॉस्को में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस अहम बैठक में भारत-रूस संबंधों, द्विपक्षीय व्यापार और आगामी BRICS शिखर सम्मेलन समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद जयशंकर ने कहा कि भारत दिल्ली में BRICS समिट की मेजबानी और सदस्य देशों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है।
जयशंकर ने पुतिन से मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएं भी पहुंचाईं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति के लिए एक निजी संदेश दिया है, जिसे वह उन्हें सौंपना चाहते हैं। विदेश मंत्री ने भारत-रूस इंटरगवर्नमेंटल कमीशन की बैठक का भी जिक्र किया और कहा कि दोनों देशों के पास बैठक के बाद साझा करने के लिए एक अच्छी रिपोर्ट है।
पुतिन ने मोदी से आमने-सामने मुलाकात की जताई इच्छा
बैठक के दौरान राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी शुभकामनाएं भेजीं। उन्होंने कहा कि वह आगामी किर्गिस्तान में होने वाले SCO शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी से आमने-सामने मुलाकात करना चाहते हैं।
पुतिन की यह इच्छा ऐसे समय सामने आई है, जब भारत और रूस के संबंधों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार नजर बनी हुई है। अमेरिका की ओर से रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर दबाव बनाए जाने के बावजूद नई दिल्ली ने अपनी स्वतंत्र विदेश नीति और रणनीतिक संबंधों को लेकर स्पष्ट रुख कायम रखा है।
भारत-रूस व्यापार बढ़ने का पुतिन ने दिया मोदी को श्रेय
राष्ट्रपति पुतिन ने भारत और रूस के बीच बढ़ते व्यापारिक संबंधों का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया। उन्होंने जयशंकर से कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार में हुई वृद्धि में प्रधानमंत्री मोदी की महत्वपूर्ण भूमिका है।
पुतिन ने जयशंकर की रूस यात्रा को भी भारत-रूस संबंधों की मजबूती का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री की मौजूदा यात्रा दोनों देशों के बीच दशकों पुराने और मजबूत रिश्तों को दर्शाती है।
BRICS समिट पर टिकी नजर
जयशंकर की पुतिन से मुलाकात को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि भारत आगामी BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में मोदी-पुतिन की संभावित मुलाकात और भारत-रूस के बीच बढ़ता रणनीतिक संवाद वैश्विक कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत की ओर से लगातार यह संदेश दिया जा रहा है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर विदेश नीति के फैसले लेता है। ऐसे में जयशंकर-पुतिन बैठक ने एक बार फिर भारत-रूस की मजबूत रणनीतिक साझेदारी और नई दिल्ली की स्वतंत्र कूटनीतिक नीति को केंद्र में ला दिया है।
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