दुनिया भर में एक बार फिर कोविड-19 को लेकर हलचल! अब कोरोना के वेरिएंट ‘सिकाडा’ को लेकर सभी देशो को चेतावनी
बता दें कि कुछ मामलों में पेट से जुड़ी समस्याएं (जैसे उल्टी या दस्त). इन लक्षणों के कारण इसे पहचानना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, क्योंकि यह सामान्य फ्लू जैसा ही लगता है.अभी तक विशेषज्ञों का कहना है कि ‘सिकाडा’ वेरिएंट से गंभीर बीमारी या मृत्यु दर बढ़ने के स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। हालांकि, इसकी तेजी से फैलने की क्षमता चिंता का विषय जरूर है.
आपको सर्दी-जुखाम या फिर बुखार की लगातार समस्या हो रही है तो सावधान हो जाएं क्योंकि कोरोना वायरल एक बार फिर अपने पैर पसार रहा है. दुनिया भर में एक बार फिर कोविड-19 को लेकर हलचल बढ़ने लगी है. COVID-19 के ओमिक्रॉन परिवार का नया सब-वेरिएंट BA.3.2, जिसे Cicada नाम दिया गया है, अब तक 23 देशों में फैल चुका है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह वेरिएंट धीरे-धीरे और चुपचाप अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है, जिससे सतर्क रहने की जरूरत है.सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार, BA.3.2 वेरिएंट की पहचान सबसे पहले नवंबर 2024 में दक्षिण अफ्रीका में हुई थी. इसके बाद यह कई देशों में फैलता गया. अमेरिका में भी यह 25 राज्यों में मॉनिटरिंग के दौरान पाया गया है, जहां वेस्टवॉटर सर्विलांस और एयरपोर्ट सैंपलिंग के जरिए इसकी पुष्टि हुई.
इस वेरिएंट को ‘सिकाडा’ नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि यह ठीक उस कीड़े की तरह है, जो लंबे समय तक छिपा रहता है और अचानक बड़ी संख्या में सामने आता है. BA.3.2 की सबसे बड़ी खासियत इसकी जेनेटिक विविधता है.
इसके स्पाइक प्रोटीन में करीब 70-75 म्यूटेशन पाए गए हैं, जो इसे अन्य वेरिएंट्स से अलग बनाते हैं. तुलना करें तो पहले के वेरिएंट्स जैसे JN.1 या LP.8.1 में केवल 30-40 म्यूटेशन ही थे.गनिमत यह है कि अब भारत में कोरोना के इस नए वेरिएंट का कोई केस दर्ज नहीं किया गया है. हालांकि ओमिक्रॉन के अन्य वेरिएंट जरूर मिल चुके हैं. लेकिन उनसे घबराने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि उन्हें आसानी से काबू किया जा सकता है.
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में म्यूटेशन होने के कारण यह वेरिएंट शरीर की मौजूदा इम्युनिटी को कुछ हद तक चकमा दे सकता है. नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ब्रैंडन डियोन के अनुसार, “म्यूटेशन की अधिक संख्या यह संकेत देती है कि मौजूदा वैक्सीन की प्रभावशीलता कम हो सकती है।” हालांकि, इस पर अभी और रिसर्च जारी है.
BA.3.2 के लक्षण काफी हद तक अन्य ओमिक्रॉन वेरिएंट्स जैसे ही हैं:
- गले में खराश
- खांसी और जुकाम
- बुखार और सिरदर्द
- थकान
- नाक बंद होना
बता दें कि कुछ मामलों में पेट से जुड़ी समस्याएं (जैसे उल्टी या दस्त). इन लक्षणों के कारण इसे पहचानना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, क्योंकि यह सामान्य फ्लू जैसा ही लगता है.अभी तक विशेषज्ञों का कहना है कि ‘सिकाडा’ वेरिएंट से गंभीर बीमारी या मृत्यु दर बढ़ने के स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। हालांकि, इसकी तेजी से फैलने की क्षमता चिंता का विषय जरूर है.
क्या करें सावधानी?
- भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का इस्तेमाल करें
- हाथों की सफाई का ध्यान रखें
- लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं
- वैक्सीनेशन अपडेट रखें
कुल मिलाकर, ‘सिकाडा’ वेरिएंट एक चेतावनी है कि कोविड-19 पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. सावधानी और जागरूकता ही इससे बचाव का सबसे बड़ा हथियार है.
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