शिक्षा व्यवस्था पर राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर तीखा हमला, बोले- "अब शिक्षा में क्रांति का समय
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि शिक्षा प्रणाली में फैले भ्रष्टाचार ने "पेपर लीक माफिया" को जन्म दिया है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों की वर्षों की मेहनत को एक पल में बर्बाद कर देता है। उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक जैसे मामलों में शामिल दोषी वेंडर्स और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय उन्हें ठेके और पदोन्नति का लाभ मिलता है, जबकि इसकी सबसे बड़ी कीमत छात्रों को चुकानी पड़ती है।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही गंभीर समस्याओं पर जवाबदेही तय करने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं।
17 जुलाई को देहरादून में आयोजित होने वाले 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए कहा कि देश के छात्र आज शिक्षा व्यवस्था को "भ्रष्ट, अन्यायी, पक्षपाती और बेईमान" मानने लगे हैं। उनके अनुसार, जिस व्यवस्था का उद्देश्य युवाओं का भविष्य संवारना था, वही अब लाखों परिवारों को कर्ज, मानसिक तनाव और निराशा की ओर धकेल रही है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि शिक्षा प्रणाली में फैले भ्रष्टाचार ने "पेपर लीक माफिया" को जन्म दिया है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों की वर्षों की मेहनत को एक पल में बर्बाद कर देता है। उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक जैसे मामलों में शामिल दोषी वेंडर्स और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय उन्हें ठेके और पदोन्नति का लाभ मिलता है, जबकि इसकी सबसे बड़ी कीमत छात्रों को चुकानी पड़ती है।
उन्होंने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार इन समस्याओं से पूरी तरह अवगत होने के बावजूद जवाबदेही तय करने से बच रही है। राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि इस गंभीर मुद्दे पर मुख्यधारा की मीडिया भी पर्याप्त आवाज नहीं उठा रही है।
'छात्रों की गूंज' अभियान के माध्यम से राहुल गांधी लगातार पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठा रहे हैं। इस अभियान का पिछला कार्यक्रम राजस्थान के कोटा में आयोजित किया गया था, जबकि अगला कार्यक्रम 17 जुलाई को देहरादून में होगा।
अपने संदेश के अंत में राहुल गांधी ने छात्रों और युवाओं से अपील करते हुए कहा—
"बहुत हो चुका... अब समय है शिक्षा में क्रांति का। आइए, 17 जुलाई को देहरादून में 'छात्रों की गूंज' को और बुलंद करें तथा छात्रों के भविष्य की लड़ाई को मजबूत बनाएं।"
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