EU से भारत में आने वाली दवाइयों पर 11% तक के टैरिफ ज्यादातर खत्म हो जाएंगे! कारों पर टैरिफ धीरे-धीरे 110% से घटाकर लाया जाएगा

भारत दुनिया का 'फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड' कहलाता है, खासकर जेनेरिक दवाइयों के मामले में. EU में पहले से ही ज्यादातर भारतीय दवाइयों पर कोई या बहुत कम ड्यूटी है, इसलिए यह डील भारतीय फार्मा इंडस्ट्री को और मजबूत बनाएगी. इससे EU में सस्ती और क्वालिटी वाली जेनेरिक दवाइयां ज्यादा उपलब्ध होंगी, जिससे यूरोप के मरीजों को भी फायदा होगा. इस डील की वजह से फार्मास्यूटिकल्स और केमिकल्स सेक्टर में भारत को हर साल 20-30% के ट्रेड का फायदा हो सकता है.

Jan 27, 2026 - 17:54
EU से भारत में आने वाली दवाइयों पर 11% तक के टैरिफ ज्यादातर खत्म हो जाएंगे! कारों पर टैरिफ धीरे-धीरे 110% से घटाकर  लाया जाएगा

27 जनवरी 2026 को दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय यूनियन (EU) कमीशन प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय काउंसिल प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा के साथ मीटिंग की. भारत और यूरोपीय यूनियन के नेताओं ने 16वें भारत-EU समिट के दौरान भारत-EU के बीच सबसे बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) समझौता किया. इस समझौते की 10 बड़ी बातें जानते हैं...1. 25% GDP को कवर करेगा भारत-EU समझौता! बीते 4 साल में भारत 7 FTA साइन कर चुका है, जिसमें यूके, ओमान, न्यूजीलैंड शामिल हैं. अब 27 जनवरी को EU के साथ FTA की घोषणा हुई है, जिसे मदर ऑफ ऑल डील्स कहा जा रहा है. इसकी सबसे बड़ी वजह है कि EU 27 देशों का ग्रुप और दुनिया की सबसे बड़ा व्यापारिक ब्लॉक है. वहीं भारत दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्था है. EU की GDP 22.53 ट्रिलियन डॉलर है, जबकि भारत की इकोनॉमी 4 ट्रिलियन डॉलर है. दोनों के साथ आने से 200 करोड़ लोगों का मार्केट बनेगा. साथ ही दुनिया की 25% GDP को कवर करेगा. 2025 में भारत और EU ने 12.5 लाख करोड़ रुपए का ट्रेड किया था. FTA आने के बाद भारत की बर्लिन, रोम, म्यूनिख जैसे यूरोपीय बाजारों में और यूरोप की दिल्ली, मुंबई, कोलकाता जैसे भारतीय बाजारों में पहुंच बन जाएगी. अनुमान है कि FTA होने से भारत-EU का व्यापार जल्द ही दोगुना हो जाएगा.
कारों पर टैरिफ धीरे-धीरे 110% से घटाकर 10% तक लाया जाएगा, जिससे यूरोपीय कंपनियां जैसे ऑडी, मर्सिडीज-बेंज और BMW हाई-एंड या स्पेशल मॉडल्स भारतीय बाजार में सस्ते हो जाएंगे. कार के पुर्जों पर लगने वाले टैरिफ को शून्य तक कम कर दिया जाएगा. इससे भारत और यूरोप के बीच सप्लाई चेन में गहरा एकीकरण होगा, यानी दोनों तरफ के उद्योग ज्यादा करीब से जुड़ेंगे और सहयोग बढ़ेगा. यूरोप भारतीय ऑटो कंपोनेंट सप्लायर्स के लिए एक बड़ा निर्यात बाजार है, इसलिए इस डील से भारतीय कंपनियों को काफी फायदा होगा. दूसरी तरफ, यूरोप में बने पार्ट्स की कीमत ज्यादा होने की वजह से भारत के घरेलू मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री पर असर सीमित रहने की उम्मीद है.
EU से भारत में आने वाली दवाइयों पर 11% तक के टैरिफ ज्यादातर खत्म हो जाएंगे, लेकिन भारत से EU में जाने वाली दवाइयों पर पहले से ही आसान पहुंच है. EU अभी भारत से निर्यात होने वाली ज्यादातर दवाइयों पर 0% या बहुत कम टैरिफ लगाता है. इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से EU बाजार में भारतीय जेनेरिक दवाइयों को और आसान पहुंच मिलेगी, जिससे भारत की दवा कंपनियों के निर्यात में काफी बढ़ोतरी हो सकती है. भारत दुनिया का 'फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड' कहलाता है, खासकर जेनेरिक दवाइयों के मामले में. EU में पहले से ही ज्यादातर भारतीय दवाइयों पर कोई या बहुत कम ड्यूटी है, इसलिए यह डील भारतीय फार्मा इंडस्ट्री को और मजबूत बनाएगी. इससे EU में सस्ती और क्वालिटी वाली जेनेरिक दवाइयां ज्यादा उपलब्ध होंगी, जिससे यूरोप के मरीजों को भी फायदा होगा. इस डील की वजह से फार्मास्यूटिकल्स और केमिकल्स सेक्टर में भारत को हर साल 20-30% के ट्रेड का फायदा हो सकता है.

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