असम CRPF कैंप में फायरिंग: 3 जवानों की मौत, एक गंभीर घायल; घटना की जांच जारी
मिली जानकारी के अनुसार, फायरिंग में जवान रामनवल सिंह यादव और विष्णु प्रसाद बघेल गंभीर रूप से घायल हुए और उपचार से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद कथित रूप से एएसआई बल्लानी प्रेमाबरम ने स्वयं को भी गोली मार ली, जिससे उसकी भी मौत हो गई। वहीं घायल जवान गोविंद श्रीपुल का नगांव के अस्पताल में इलाज जारी है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही CRPF के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। घटनास्थल को सील कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं तथा कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
असम के नगांव जिले के कतिमारी स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) कैंप में सोमवार को हुई गोलीबारी की दुखद घटना ने पूरे सुरक्षा तंत्र को झकझोर दिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कैंप के भीतर तैनात एक एएसआई ने कथित तौर पर अपनी सर्विस राइफल से साथी जवानों पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद तीन जवानों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे कैंप को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, फायरिंग में जवान रामनवल सिंह यादव और विष्णु प्रसाद बघेल गंभीर रूप से घायल हुए और उपचार से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद कथित रूप से एएसआई बल्लानी प्रेमाबरम ने स्वयं को भी गोली मार ली, जिससे उसकी भी मौत हो गई। वहीं घायल जवान गोविंद श्रीपुल का नगांव के अस्पताल में इलाज जारी है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही CRPF के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। घटनास्थल को सील कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं तथा कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
फिलहाल फायरिंग के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। जांच एजेंसियां व्यक्तिगत विवाद, मानसिक तनाव, ड्यूटी से जुड़े कारणों और अन्य संभावित पहलुओं सहित सभी कोणों से मामले की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों की आधिकारिक जानकारी सामने आएगी।
इस दर्दनाक घटना से CRPF और अन्य सुरक्षा बलों में शोक का माहौल है। साथ ही यह घटना सुरक्षा बलों के जवानों के मानसिक स्वास्थ्य, कार्यस्थल के तनाव और समय पर मनोवैज्ञानिक सहायता की आवश्यकता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी गंभीर चर्चा की मांग करती है।
दिल्ली लुकआउट दिवंगत जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करता है और घायल जवान के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता है। जांच पूरी होने तक घटना के कारणों को लेकर किसी भी प्रकार के निष्कर्ष पर पहुंचने से बचना आवश्यक है।
What's Your Reaction?






