जनगणना के लिए सरकार तय किया ₹11,718 करोड़ का बजट! 30 लाख फील्ड कार्यकर्ता करेंगे जनगणना का काम पूरा

डेटा यूजर्स को एक क्लिक में उपलब्ध कराया जाएगा। Census-as-a-Service (CaaS) के जरिए मंत्रालयों को साफ-सुथरा, डिजिटल और उपयोगी डेटा मिलेगा। जनगणना को लेकर एक गजट नोटिफिकेशन आएगा जिसमें लागत आदि के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी। नीति निर्माण और प्रशासनिक जरूरतों के लिए अद्यतित और सूक्ष्म स्तर का डेटा उपलब्ध होगा। हर घर जाकर गृह-सूचीकरण और जनसंख्या गणना के लिए अलग-अलग फॉर्म भरे जाएंगे। राज्य सरकारों द्वारा नियुक्त सरकारी शिक्षक आमतौर पर यह गिनती का काम करेंगे। इसके अलावा, उप-जिला, जिला और राज्य स्तर पर भी अधिकारी तैनात किए जाएंगे।

Dec 12, 2025 - 17:55
जनगणना के लिए सरकार तय किया ₹11,718 करोड़ का बजट! 30 लाख फील्ड कार्यकर्ता करेंगे जनगणना का काम पूरा

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि आज कैबिनेट में तीन बड़े फैसले लिए गए हैं. इनमें से एक जनगणना से संबंधित है. जनगणना के लिए संदर्भ 1 मार्च 2027 को 00:00 बजे निर्धारित की गई है. जनगणना का कार्य दो चरणों में किया जाएगा: पहला चरण अप्रैल से सितंबर 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण फरवरी 2027 में संपन्न होगा. इसके साथ ही सरकार ने कोल सेतु योजना को भी मंजूरी दी है. इसे लेकर अश्विनी वैष्णव ने बड़ा ऐलान किया है.
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि जनगणना 2027 देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसके लिए ₹11,718 करोड़ के बजट को मंजूरी दे दी है. इस आगामी जनगणना में एक महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि इसमें जाति आधारित गणना को भी शामिल किया जाएगा. कैबिनेट के फैसलों के संबंध में मंत्री वैष्णव ने देश की बढ़ती घरेलू उत्पादन क्षमता का भी उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि घरेलू उत्पादन में वृद्धि के कारण देश को लगभग ₹60,000 करोड़ के विदेशी मुद्रा (forex) की बचत हो रही है. यह सरकार द्वारा लिए गए आर्थिक फैसलों के सकारात्मक परिणाम को दर्शाता है.
बता दें कि जनगणना को लगभग 30 लाख फील्ड कार्यकर्ता अंजाम देंगे, जो राष्ट्रीय महत्व का यह अभियान पूरा करेंगे। डेटा इकट्ठा करने के लिए मोबाइल ऐप का इस्तेमाल होगा, जो एंड्रॉयड और iOS दोनों पर चलेगा। साथ ही, निगरानी के लिए एक केंद्रीय पोर्टल भी होगा, जिससे डेटा की क्वालिटी बेहतर बनेगी। डेटा यूजर्स को एक क्लिक में उपलब्ध कराया जाएगा। Census-as-a-Service (CaaS) के जरिए मंत्रालयों को साफ-सुथरा, डिजिटल और उपयोगी डेटा मिलेगा। जनगणना को लेकर एक गजट नोटिफिकेशन आएगा जिसमें लागत आदि के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी। नीति निर्माण और प्रशासनिक जरूरतों के लिए अद्यतित और सूक्ष्म स्तर का डेटा उपलब्ध होगा। हर घर जाकर गृह-सूचीकरण और जनसंख्या गणना के लिए अलग-अलग फॉर्म भरे जाएंगे। राज्य सरकारों द्वारा नियुक्त सरकारी शिक्षक आमतौर पर यह गिनती का काम करेंगे। इसके अलावा, उप-जिला, जिला और राज्य स्तर पर भी अधिकारी तैनात किए जाएंगे।

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