मेरठ के चर्चित नीला ड्रम केस -“मुस्कान, बताओ… इस अपराध के लिए तुम्हें क्या सजा दी जाए?” — कोर्ट ने सुनाया दोषी होने का फैसला
फैसले के वक्त दोनों आरोपी मुस्कान और साहिल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत से जुड़े थे। दोषसिद्धि का फैसला सुनाने से पहले जज ने मुस्कान से सवाल किया—“आज फैसले का दिन आ गया है। मुस्कान, क्या लग रहा है? हमने जो करना था, कर दिया। आज सजा नहीं सुनानी है, क्या लगता है?” सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि इस तरह का अपराध समाज में डर का माहौल पैदा करता है। जज ने मुस्कान से कहा कि अब सजा क्या होनी चाहिए, यह सवाल भी उसके सामने है।
मेरठ के चर्चित नीला ड्रम केस में अदालत ने मुस्कान और साहिल को हत्या का दोषी करार दिया है। करीब 19 महीने तक चली लंबी सुनवाई, 126 तारीखों और 22 गवाहों के बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को सौरभ राजपूत हत्याकांड में दोषी माना। हालांकि, सजा का ऐलान अभी नहीं हुआ है। अदालत ने इसके लिए 14 अक्टूबर की तारीख तय की है।
फैसले के वक्त दोनों आरोपी मुस्कान और साहिल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत से जुड़े थे। दोषसिद्धि का फैसला सुनाने से पहले जज ने मुस्कान से सवाल किया—“आज फैसले का दिन आ गया है। मुस्कान, क्या लग रहा है? हमने जो करना था, कर दिया। आज सजा नहीं सुनानी है, क्या लगता है?”
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि इस तरह का अपराध समाज में डर का माहौल पैदा करता है। जज ने मुस्कान से कहा कि अब सजा क्या होनी चाहिए, यह सवाल भी उसके सामने है।
126 तारीखें, 22 गवाह और करीब 19 महीने का ट्रायल
मुस्कान और साहिल की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में अदालत में लगातार सुनवाई होती रही। करीब 19 महीने तक चले ट्रायल में 126 बार सुनवाई हुई और 22 लोगों की गवाही दर्ज की गई। तमाम दलीलों और गवाहियों के बाद अदालत ने दोनों को हत्या का दोषी करार दिया है।
अब सबकी नजर 14 अक्टूबर पर है, जब अदालत दोनों दोषियों को सजा सुनाएगी।
परिवार की मांग—फांसी से कम मंजूर नहीं
दोषसिद्धि के बाद सौरभ राजपूत के परिवार की नजर अब सजा पर है। परिवार लगातार दोनों आरोपियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग करता रहा है। सौरभ के भाई राहुल का कहना है कि परिवार शुरू से इंसाफ की उम्मीद लगाए बैठा है और चाहता है कि उनके भाई के साथ जो हुआ, उसके लिए दोषियों को कठोरतम सजा मिले।
परिवार की ओर से यह भी कहा गया है कि अगर फांसी की सजा नहीं होती है तो वे न्याय के लिए आगे की कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे।
क्या था पूरा मामला?
मार्च 2025 में मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया था। सौरभ मर्चेंट नेवी में काम करते थे और विदेश में भी नौकरी कर चुके थे। उनकी पत्नी मुस्कान और सौरभ की एक बेटी थी।
आरोपों के मुताबिक, मुस्कान के साहिल के साथ संबंध थे और दोनों ने सौरभ को रास्ते से हटाने की साजिश रची। सौरभ के भारत लौटने के बाद कथित तौर पर उन्हें नींद की दवा दी गई और उनकी हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को एक नीले ड्रम में छिपाए जाने का मामला सामने आया।
यही वजह रही कि यह मामला पूरे देश में “नीला ड्रम केस” के नाम से चर्चित हो गया।
अब करीब डेढ़ साल से ज्यादा समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने दोनों को दोषी ठहरा दिया है। दोष सिद्ध हो चुका है, लेकिन सजा का फैसला अभी बाकी है—14 अक्टूबर को तय होगा कि मुस्कान और साहिल को अदालत क्या सजा सुनाती है।
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