राहुल गांधी को मानहानि केस में बड़ी राहत, 8 साल बाद कोर्ट ने किया बरी; कांग्रेस ने कहा—‘सत्यमेव जयते’
राहुल गांधी सोमवार सुबह करीब 11 बजे सुल्तानपुर की विशेष MP-MLA अदालत पहुंचे थे। उनके अदालत पहुंचने से पहले ही परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। फैसले के दौरान राहुल गांधी स्वयं अदालत में मौजूद रहे। जैसे ही उनके बरी होने की खबर बाहर आई, कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। समर्थकों ने नाच-गाकर खुशी जाहिर की। पार्टी के आधिकारिक X अकाउंट पर ‘सत्यमेव जयते’ का संदेश सामने आया, जिसने इस फैसले पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया को स्पष्ट कर दिया। क्या है पूरा मामला? यह मामला चार अगस्त 2018 को बीजेपी नेता और जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष विजय मिश्रा की ओर से दर्ज कराई गई मानहानि की शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता का आरोप था कि राहुल गांधी ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान आठ मई 2018 को बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित शाह को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
सुल्तानपुर की MP-MLA कोर्ट का फैसला, कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल; 2018 में अमित शाह पर टिप्पणी से जुड़ा था मामला
सुल्तानपुर/नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर की विशेष MP-MLA अदालत से मानहानि के एक मामले में बड़ी राहत मिली है। अदालत ने सोमवार, 26 अक्टूबर को उन्हें दोषमुक्त करार देते हुए बरी कर दिया। साल 2018 में बीजेपी के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष और मौजूदा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े इस मामले में फैसले के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ‘सत्यमेव जयते’ लिखकर प्रतिक्रिया दी।
करीब आठ साल पुराने इस मामले में आए फैसले को कांग्रेस के लिए एक अहम कानूनी राहत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, अदालत का फैसला इस विशिष्ट मानहानि मामले तक सीमित है।
कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न
राहुल गांधी सोमवार सुबह करीब 11 बजे सुल्तानपुर की विशेष MP-MLA अदालत पहुंचे थे। उनके अदालत पहुंचने से पहले ही परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। फैसले के दौरान राहुल गांधी स्वयं अदालत में मौजूद रहे।
जैसे ही उनके बरी होने की खबर बाहर आई, कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। समर्थकों ने नाच-गाकर खुशी जाहिर की। पार्टी के आधिकारिक X अकाउंट पर ‘सत्यमेव जयते’ का संदेश सामने आया, जिसने इस फैसले पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया को स्पष्ट कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला चार अगस्त 2018 को बीजेपी नेता और जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष विजय मिश्रा की ओर से दर्ज कराई गई मानहानि की शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता का आरोप था कि राहुल गांधी ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान आठ मई 2018 को बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित शाह को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
राहुल गांधी ने कथित तौर पर सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ मामले का उल्लेख करते हुए बीजेपी नेतृत्व पर सवाल उठाए थे। अमित शाह को इस मामले में वर्ष 2014 में अदालत से बरी किया जा चुका था। राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर दर्ज शिकायत में इसे मानहानिकारक बताया गया था।
इसके बाद 27 नवंबर 2023 को अदालत ने राहुल गांधी को मुकदमे का सामना करने के लिए तलब किया था। वह अदालत में पेश हुए, जहां उन्हें जमानत मिल गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से राहुल गांधी की आवाज का नमूना लेकर उसका मिलान कराने की मांग भी की गई थी। निचली अदालत ने इस अर्जी को खारिज कर दिया था। इसके बाद सेशन कोर्ट और इलाहाबाद हाई कोर्ट में भी संबंधित आदेशों को चुनौती दी गई, लेकिन याचिकाओं से राहत नहीं मिली।
अब 26 अक्टूबर 2026 को विशेष MP-MLA अदालत ने मामले में राहुल गांधी को दोषमुक्त कर दिया। इस सुनवाई के लिए उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति के मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए थे।
राजनीतिक माहौल में फैसले की अहमियत
राहुल गांधी को मिली इस कानूनी राहत के बीच कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी चर्चा में है। रविवार को पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर की गई टिप्पणी पर बीजेपी नेताओं ने आपत्ति जताई थी। बीजेपी की ओर से इस बयान की आलोचना करते हुए इसे अनुचित भाषा बताया गया।
ऐसे राजनीतिक माहौल में सुल्तानपुर अदालत का फैसला कांग्रेस के लिए राहत लेकर आया है। पार्टी इसे अपने नेता के पक्ष में आए न्यायिक फैसले के रूप में पेश कर रही है, जबकि इस मामले की कानूनी पृष्ठभूमि 2018 में अमित शाह पर की गई टिप्पणी से जुड़ी रही है।
फिलहाल, सुल्तानपुर की अदालत से मिली राहत ने राहुल गांधी से जुड़े इस लंबे समय से चल रहे मानहानि मुकदमे पर विराम लगा दिया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के जश्न और पार्टी के ‘सत्यमेव जयते’ संदेश के बीच यह फैसला राजनीतिक चर्चाओं का प्रमुख विषय बन गया है।
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