मणिपुर फिर सुलगा! मुख्यमंत्री आवास के गेट पर शव रखकर प्रदर्शन, आंसू गैस से मची अफरा-तफरी
समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक, यह पूरा घटनाक्रम इंफाल पूर्व और कांगपोकपी जिलों की सीमा के पास हुई गोलीबारी के बाद सामने आया। अधिकारियों के अनुसार, जलावन की लकड़ी इकट्ठा करने गए लोगों के एक समूह पर संदिग्ध उग्रवादियों ने कथित तौर पर हमला कर दिया। इस गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। घटना के बाद तीन लोगों के लापता होने की भी सूचना सामने आई, जिससे इलाके में चिंता और बढ़ गई। लकड़ी लेने निकले थे 16 लोग, अचानक हुई गोलीबारी अधिकारियों के मुताबिक, करीब 16 लोगों का एक समूह सोमवार सुबह लगभग सात बजे अपने गांव के पास की पहाड़ियों में जलावन की लकड़ी इकट्ठा करने गया था। इसी दौरान उन पर गोलीबारी की गई। घटना इंफाल पूर्व जिले के नोंगशुम गांव के पास, कांगपोकपी जिले के इलाके में हुई।
इंफाल में दो लोगों की मौत के बाद भड़का आक्रोश, मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचा विरोध प्रदर्शन; गोलीबारी में कई घायल, तीन लोग लापता
इंफाल, 19 अक्टूबर 2026। मणिपुर में ताजा गोलीबारी की घटना ने एक बार फिर राज्य के हालात को तनावपूर्ण बना दिया है। दो लोगों की मौत की खबर सामने आते ही गुस्साए लोग सड़कों पर उतर आए। सोमवार सुबह राजधानी इंफाल में मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह के आवास के बाहर उस समय हड़कंप मच गया, जब प्रदर्शनकारी एक शव लेकर पहुंचे और उसे मुख्यमंत्री आवास के गेट के सामने रख दिया। भीड़ के बढ़ते आक्रोश और बिगड़ते हालात को देखते हुए सुरक्षाकर्मियों को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक, यह पूरा घटनाक्रम इंफाल पूर्व और कांगपोकपी जिलों की सीमा के पास हुई गोलीबारी के बाद सामने आया। अधिकारियों के अनुसार, जलावन की लकड़ी इकट्ठा करने गए लोगों के एक समूह पर संदिग्ध उग्रवादियों ने कथित तौर पर हमला कर दिया। इस गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। घटना के बाद तीन लोगों के लापता होने की भी सूचना सामने आई, जिससे इलाके में चिंता और बढ़ गई।
लकड़ी लेने निकले थे 16 लोग, अचानक हुई गोलीबारी
अधिकारियों के मुताबिक, करीब 16 लोगों का एक समूह सोमवार सुबह लगभग सात बजे अपने गांव के पास की पहाड़ियों में जलावन की लकड़ी इकट्ठा करने गया था। इसी दौरान उन पर गोलीबारी की गई। घटना इंफाल पूर्व जिले के नोंगशुम गांव के पास, कांगपोकपी जिले के इलाके में हुई।
मृतकों की पहचान 35 वर्षीय अरुबम रोनिल और 51 वर्षीय लैरेनलाकपम इनओबी के रूप में हुई है। गोलीबारी में घायल लोगों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं, लापता बताए जा रहे तीन लोगों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे थे।
मुख्यमंत्री आवास के बाहर शव, सड़कों पर उतरा गुस्सा
दो लोगों की मौत की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। विरोध जताने के लिए प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास के बाहर पहुंच गए। स्थिति उस समय और संवेदनशील हो गई, जब प्रदर्शनकारियों ने एक शव को आवास के मुख्य गेट के बाहर रख दिया।
भीड़ को नियंत्रित करने और हालात बिगड़ने से रोकने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बाद में शवों को जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (JNIMS) ले जाया गया। घटना के वक्त मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह अपने आवास पर मौजूद थे या नहीं, इसकी तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी।
पहाड़ी इलाकों में हिंसा से बढ़ी चिंता
मणिपुर में ताजा घटना ऐसे समय सामने आई है, जब राज्य के विभिन्न पहाड़ी इलाकों में हिंसा की घटनाओं को लेकर पहले से ही चिंता बनी हुई है। इससे पहले कामजोंग जिले के चस्साद गांव में कुकी और नागा समुदायों से जुड़े सशस्त्र समूहों के बीच गोलीबारी की खबर सामने आई थी। उस घटना में भी एक व्यक्ति की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे।
लगातार सामने आ रही हिंसक घटनाओं ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ताजा गोलीबारी के बाद दो मौतें, कई घायलों की खबर, तीन लोगों का लापता होना और मुख्यमंत्री आवास के बाहर हुआ प्रदर्शन—इन सभी घटनाक्रमों ने मणिपुर में तनाव को और बढ़ा दिया है।
फिलहाल सबसे बड़ी चिंता लापता लोगों का पता लगाने, घायलों के उपचार और इलाके में हालात को नियंत्रित रखने की है। प्रशासन की आगे की कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था पर अब सबकी नजरें टिकी हैं।
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