सरकार–CJP वार्ता बेनतीजा: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा आंदोलन, दो मांगों पर बनी सहमति. धर्मेंद्र प्रधान को देना पड़ेगा इस्तीफा!
बैठक के बाद CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि संगठन अपनी पहली मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं और छात्रों को अब भी हिरासत में लिया जा रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सरकार ने मुआवजे और कानूनी कार्रवाई से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक संकेत दिए हैं।
नई दिल्ली: नीट पेपर लीक मामले को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के बीच शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित विट्ठल हाउस में अहम बैठक हुई। करीब एक घंटे तक चली इस वार्ता में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और पीएमओ में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आंदोलनकारी प्रतिनिधियों से बातचीत की।
बैठक में CJP की ओर से सौरभ दास और आशुतोष रांका ने अपनी तीन प्रमुख मांगों को एक बार फिर सरकार के सामने रखा। इनमें पहली और सबसे अहम मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की रही। दूसरी मांग उन परिवारों को आर्थिक मुआवजा देने की थी, जिनके परिजनों ने कथित तौर पर नीट पेपर लीक प्रकरण से मानसिक रूप से आहत होकर आत्महत्या की। तीसरी मांग आंदोलन में शामिल छात्रों और समर्थकों पर दर्ज सभी मामलों को वापस लेने तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई न करने की थी।
दो मांगों पर सकारात्मक संकेत, लेकिन इस्तीफे पर सरकार का साफ इनकार
सूत्रों के अनुसार, सरकार मुआवजा और आंदोलनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने जैसे मुद्दों पर सकारात्मक रुख दिखा रही है। हालांकि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सरकार फिलहाल सहमत नहीं है।
सरकारी पक्ष का कहना है कि केवल मंत्री का इस्तीफा समाधान नहीं है। सरकार का फोकस परीक्षा प्रणाली की खामियों को दूर करने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने पर है। इसी दिशा में भविष्य में नीट परीक्षा को ऑनलाइन माध्यम से आयोजित करने पर भी विचार किया जा रहा है।
CJP का ऐलान: इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन
बैठक के बाद CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि संगठन अपनी पहली मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने दिल्ली पुलिस पर भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं और छात्रों को अब भी हिरासत में लिया जा रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सरकार ने मुआवजे और कानूनी कार्रवाई से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक संकेत दिए हैं।
सरकार एक्शन मोड में, कई बड़े फैसलों की घोषणा
इस बीच, नीट पेपर लीक मामले को लेकर अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात अपना अनशन समाप्त कर दिया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और पीएमओ राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।
सरकार ने इस पूरे विवाद के बाद कई अहम कदम उठाने का दावा किया है। इनमें फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से मामलों की त्वरित सुनवाई, नकल रोकने के लिए संशोधन विधेयक को मंजूरी तथा परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार शामिल हैं।
हालांकि इन घोषणाओं के बावजूद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारी फिलहाल अपने रुख पर कायम हैं। उनका कहना है कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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