राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव: रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा होंगे पहले CEO, 38 साल का शानदार सैन्य अनुभव आएगा काम ऑपरेशन सिंदूर से लेकर कारगिल तक निभा चुके हैं अहम भूमिका, पश्चिमी वायु कमान के चीफ भी रह चुके हैं जितेंद्र मिश्रा

जितेंद्र मिश्रा वायुसेना की पश्चिमी कमान के चीफ भी रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने फाइटर स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर, एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टेब्लिशमेंट (ASTE) के चीफ टेस्ट पायलट, दो फ्रंटलाइन एयर बेस के एयर ऑफिसर कमांडिंग और ASTE के कमांडेंट जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। वह एयर मुख्यालय में डायरेक्टर (ऑपरेशनल प्लानिंग एंड असेसमेंट ग्रुप), प्रिंसिपल डायरेक्टर (ASR) और असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (प्रोजेक्ट्स) जैसे पदों पर भी रहे। इसके अलावा इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में डॉक्ट्रिन, ऑर्गनाइजेशन एंड ट्रेनिंग से जुड़े वरिष्ठ पद की जिम्मेदारी भी संभाली।

Sep 2, 2026 - 19:02
राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव: रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा होंगे पहले CEO, 38 साल का शानदार सैन्य अनुभव आएगा काम ऑपरेशन सिंदूर से लेकर कारगिल तक निभा चुके हैं अहम भूमिका, पश्चिमी वायु कमान के चीफ भी रह चुके हैं जितेंद्र मिश्रा

अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर बड़ा प्रशासनिक बदलाव सामने आया है। रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का पहला CEO नियुक्त किए जाने का फैसला किया गया है। ट्रस्ट की व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और पेशेवर बनाने के लिए CEO का नया पद बनाया गया है।

कौन हैं रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा?

देवरिया के रहने वाले जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में 38 साल से ज्यादा का शानदार करियर पूरा कर चुके हैं। वह 30 अप्रैल 2026 को रिटायर हुए थे। अपने सैन्य करियर के दौरान उन्होंने कई बेहद महत्वपूर्ण कमांड और स्टाफ पदों पर जिम्मेदारियां संभालीं।

जितेंद्र मिश्रा वायुसेना की पश्चिमी कमान के चीफ भी रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने फाइटर स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर, एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टेब्लिशमेंट (ASTE) के चीफ टेस्ट पायलट, दो फ्रंटलाइन एयर बेस के एयर ऑफिसर कमांडिंग और ASTE के कमांडेंट जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम किया।

वह एयर मुख्यालय में डायरेक्टर (ऑपरेशनल प्लानिंग एंड असेसमेंट ग्रुप), प्रिंसिपल डायरेक्टर (ASR) और असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (प्रोजेक्ट्स) जैसे पदों पर भी रहे। इसके अलावा इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में डॉक्ट्रिन, ऑर्गनाइजेशन एंड ट्रेनिंग से जुड़े वरिष्ठ पद की जिम्मेदारी भी संभाली।

मौजूदा जिम्मेदारी से पहले वह इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑपरेशन्स) के डिप्टी चीफ थे।

ऑपरेशन सिंदूर और कारगिल से जुड़ा अनुभव

जितेंद्र मिश्रा के सैन्य करियर की खास बात उनका व्यापक ऑपरेशनल अनुभव है। उन्होंने कारगिल युद्ध और ऑपरेशन सिंदूर में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उनकी सेवाओं के लिए उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल (SYSM), अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से सम्मानित किया जा चुका है।

यानी राम मंदिर ट्रस्ट की नई प्रशासनिक व्यवस्था की जिम्मेदारी ऐसे अधिकारी को दी गई है, जिसके पास नेतृत्व, रणनीतिक योजना, संचालन और बड़े स्तर के प्रशासन का लंबा अनुभव है।

क्यों बदली जा रही है राम मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्था?

राम मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर सामने आए दान और प्रशासन से जुड़े गंभीर आरोपों के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में बदलाव की जरूरत महसूस की गई। इसी क्रम में ट्रस्ट की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक CEO नियुक्त करने का फैसला लिया गया था।

अब 2 सितंबर 2026 को रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगने की जानकारी सामने आई है।

CEO पद के लिए कई नामों पर विचार किया गया था। इनमें पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडे, पूर्व IAS अधिकारी दिनेश चंद्र, रिटायर्ड IAS अधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा और पूर्व IPS अधिकारी परेश सक्सेना के नाम भी शामिल थे। हालांकि अंतिम रूप से जितेंद्र मिश्रा का नाम तय किया गया।

राम मंदिर ट्रस्ट में तीन नए ट्रस्टी भी शामिल

CEO की नियुक्ति से पहले ट्रस्ट में तीन नए ट्रस्टियों की नियुक्ति भी की गई। इनमें दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के मदन मोहन पांडे और शिकोहाबाद की निर्मला यादव शामिल हैं।

खबरों के मुताबिक, महेश भागचंदका का संबंध विश्व हिंदू परिषद के दिवंगत नेता अशोक सिंघल के परिवार से बताया जाता है। ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में तीनों नए सदस्यों की नियुक्ति को लेकर चर्चा हुई।

CEO की नियुक्ति के बाद क्या बदलेगा?

राम मंदिर ट्रस्ट में CEO की नियुक्ति को प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रोफेशनल, जवाबदेह और व्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। जितेंद्र मिश्रा के लंबे सैन्य नेतृत्व और प्रशासनिक अनुभव से मंदिर की विशाल व्यवस्थाओं, संचालन और भविष्य की योजनाओं को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में राम मंदिर ट्रस्ट की नई प्रशासनिक व्यवस्था किस तरह आकार लेती है।

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