"बंगाल की जंग: सत्ता बदलेगी या ममता फिर संभालेंगी कमान? "एग्जिट पोल का बड़ा संकेत: बंगाल में बदलाव की आहट!" ममता vs मोदी: किसके हाथ लगेगी बंगाल की सत्ता?"
जिसका सीधा मतलब है कि उनकी स्थिति कमजोर है.हालांकि यह ध्यान देने वाली बात है कि सट्टा बाजार के ये आंकड़े पूरी तरह अनौपचारिक और अनुमान आधारित होते हैं. भारत में पब्लिक गैंबलिंग एक्ट 1867 के तहत सट्टेबाजी अवैध है और ये बाजार पर्दे के पीछे से चलता होता है. फालोदी, जोधपुर के पास एक छोटा सा कस्बा है, जहां से ये ‘पॉलिटिकल सट्टा’ नेटवर्क संचालित होता है और कई बार इसके अनुमान चर्चा में रहते हैं- हालांकि इसकी सटीकता हमेशा भरोसेमंद नहीं रही है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे हर बार की तरह इस बार भी बेहद दिलचस्प होने वाले हैं. इस बार रिकॉर्ड 92.47% मतदान ने सभी को होश उड़ा दिए हैं. वोटिंग के बाद शाम को आए एग्जिट पोल्स ने भी राज्य में सत्ता परिवर्तन के संकेत दिए हैं. हालांकि कुछ एक पोल्स ने TMC की वापसी का दावा भी किया है. इस सबके बीच फलोदी सट्टा बजार भी चर्चा में बना हुआ है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव से पहले जहां ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी को बढ़त दी जा रही थी, वहीं दूसरे चरण के बाद बाजार के समीकरण बदलते दिखे. अब सट्टा बाजार का अनुमान है कि भाजपा को 150-152 सीटें मिल सकती हैं, जबकि टीएमसी 137-140 सीटों पर सिमट सकती है. जबकि इससे पहले भाजपा के लिए करीब 100 सीटों का अनुमान लगाया गया था.फलोदी सट्टा बाजार के मुताबिक ममता बनर्जी की अपनी सीट भवानीपुर पर भी स्थिति कमजोर बताई जा रही है. उनके खिलाफ भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी को बढ़त मिलने के संकेत दिए हैं. सट्टा बाजार में ममता का ‘रेट’ 20-25 पैसे से बढ़कर 50 पैसे तक पहुंच गया है, जिसका सीधा मतलब है कि उनकी स्थिति कमजोर है.हालांकि यह ध्यान देने वाली बात है कि सट्टा बाजार के ये आंकड़े पूरी तरह अनौपचारिक और अनुमान आधारित होते हैं. भारत में पब्लिक गैंबलिंग एक्ट 1867 के तहत सट्टेबाजी अवैध है और ये बाजार पर्दे के पीछे से चलता होता है. फालोदी, जोधपुर के पास एक छोटा सा कस्बा है, जहां से ये ‘पॉलिटिकल सट्टा’ नेटवर्क संचालित होता है और कई बार इसके अनुमान चर्चा में रहते हैं- हालांकि इसकी सटीकता हमेशा भरोसेमंद नहीं रही है.
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