झारखंड में छात्र आंदोलन के बीच हेमंत सोरेन का बड़ा ऐलान: JPSC की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा और बैकलॉग परीक्षाएं रद्द करने को सरकार तैयार
विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान हेमंत सोरेन ने JPSC की परीक्षा कराने वाली एजेंसी TDPL पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि यह कंपनी उत्तर प्रदेश से जुड़ी है और उसका बिहार से भी संबंध रहा है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बाहरी एजेंसियों के माध्यम से झारखंड के युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन परीक्षाओं को लेकर शिकायतें और संदेह सामने आए हैं, उनकी जांच कराने से सरकार पीछे नहीं हटेगी। सरकार का फैसला केवल राजनीतिक दबाव के कारण नहीं, बल्कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार के व्यापक उद्देश्य के तहत लिया गया है।
रांची। झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को विधानसभा में सरकार का रुख साफ कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) प्रारंभिक परीक्षा और बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने के लिए तैयार है। इसके साथ ही परीक्षा कराने वाली एजेंसी TDPL से जुड़ी परीक्षाओं की भी जांच कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भर्ती परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में आगे बढ़ रही है। परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए IIT और IIM जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की विशेषज्ञ सलाह ली जाएगी। सरकार का दावा है कि परीक्षा प्रक्रिया में सामने आ रही शिकायतों और संदेहों को गंभीरता से लिया जा रहा है।
TDPL पर उठाए सवाल, एजेंसी की भूमिका की जांच के संकेत
विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान हेमंत सोरेन ने JPSC की परीक्षा कराने वाली एजेंसी TDPL पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि यह कंपनी उत्तर प्रदेश से जुड़ी है और उसका बिहार से भी संबंध रहा है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बाहरी एजेंसियों के माध्यम से झारखंड के युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन परीक्षाओं को लेकर शिकायतें और संदेह सामने आए हैं, उनकी जांच कराने से सरकार पीछे नहीं हटेगी। सरकार का फैसला केवल राजनीतिक दबाव के कारण नहीं, बल्कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार के व्यापक उद्देश्य के तहत लिया गया है।
विपक्ष पर बरसे मुख्यमंत्री, छात्र आंदोलन को लेकर तीखा हमला
मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान विपक्षी सदस्यों की लगातार नारेबाजी और हंगामे के बीच सदन का माहौल गरम रहा। हेमंत सोरेन ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष छात्र आंदोलन को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने कहा कि जो लोग लोकतंत्र और सदन की गरिमा की बात करते हैं, वही सदन में हंगामा कर उसकी गरिमा को तार-तार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का भी आरोप लगाया।
सोरेन ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि “गेरुआ पहनकर ढोंग तो करते ही हैं, अब पार्टी के लोग छात्र का चोला पहनकर राजनीतिक स्वार्थ साधने में लगे हैं।” उनके इस बयान के बाद सदन में राजनीतिक टकराव और तेज हो गया।
सोमवार के विधानसभा घेराव का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में सोमवार को हुए विधानसभा घेराव का भी उल्लेख किया। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है और प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों, पारदर्शिता और भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं।
सरकार की ओर से अब 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा और बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने की तैयारी तथा TDPL से जुड़ी परीक्षाओं की जांच के ऐलान को आंदोलन के बीच बड़ा कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि विपक्ष चाहे जितना हंगामा करे, सरकार अपने फैसलों पर आगे बढ़ेगी और भर्ती परीक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। आने वाले दिनों में सरकार के इन फैसलों और जांच की प्रक्रिया पर छात्रों तथा विपक्ष की प्रतिक्रिया पर सबकी नजर रहेगी।
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