संसद का मकर द्वार बना रणक्षेत्र! NDA-INDIA सांसद आमने.सामने - राहुल गांधी और अमित शाह पर घमासान

वहीं, INDIA ब्लॉक के सांसद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। विपक्षी सांसदों ने दिल्ली में 20 जुलाई को पेपर लीक के आरोपों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। इसके साथ ही अयोध्या में राम मंदिर के चंदे की कथित चोरी के आरोपों को लेकर भी विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा। प्रदर्शन में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी सांसद मौजूद रहे। विपक्ष की मांग है कि गृह मंत्री अमित शाह संसद में छात्रों के खिलाफ हुई कथित कार्रवाई पर स्थिति स्पष्ट करें।

Aug 11, 2026 - 16:45
Aug 11, 2026 - 16:46
संसद का मकर द्वार बना रणक्षेत्र! NDA-INDIA सांसद आमने.सामने -  राहुल गांधी और अमित शाह पर घमासान

संसद के बाहर मंगलवार को सियासी टकराव उस वक्त खुलकर सामने आ गया, जब मकर द्वार पर सत्तारूढ़ NDA और विपक्षी INDIA ब्लॉक के सांसद आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया और एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बढ़ते तनाव को देखते हुए सुरक्षा बलों को दोनों गुटों के बीच घेरा बनाना पड़ा।

NDA सांसद संसद पुस्तकालय से अपनी साप्ताहिक ‘मंगल मिलन’ बैठक के बाद मकर द्वार पहुंचे। इस दौरान भाजपा सांसदों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ ‘राहुल गांधी जवाब दो’ और ‘राहुल गांधी भागो मत’ जैसे नारे लगाए। भाजपा सांसदों का आरोप था कि राहुल गांधी देश के विभिन्न हिस्सों में चल रहे छात्र आंदोलनों और कथित पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर संसद में चर्चा से बच रहे हैं।

वहीं, INDIA ब्लॉक के सांसद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। विपक्षी सांसदों ने दिल्ली में 20 जुलाई को पेपर लीक के आरोपों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। इसके साथ ही अयोध्या में राम मंदिर के चंदे की कथित चोरी के आरोपों को लेकर भी विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा।

प्रदर्शन में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी सांसद मौजूद रहे। विपक्ष की मांग है कि गृह मंत्री अमित शाह संसद में छात्रों के खिलाफ हुई कथित कार्रवाई पर स्थिति स्पष्ट करें।

दरअसल, सरकार ने सोमवार को देश के विभिन्न हिस्सों में हुए छात्र प्रदर्शनों पर गृह मंत्री अमित शाह के जवाब के साथ चर्चा की घोषणा की थी। इसके बाद राहुल गांधी ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा था कि देश संसद में गृह मंत्री की ‘सामान्य विषयों’ पर राय नहीं, बल्कि यह जानना चाहता है कि क्या प्रदर्शनकारी छात्रों पर पेलेट गन चलाने का आदेश दिया गया था।

झारखंड का मुद्दा बना संसद के बाहर सियासी हथियार

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए झारखंड में छात्र आंदोलन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो के साथ मारपीट की गई। भाजपा ने इस पूरे मामले को लेकर झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार और कांग्रेस पर सवाल खड़े किए।

भाजपा सांसद कंगना रनौत ने भी झारखंड में छात्रों के साथ कथित कार्रवाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन कर रहे छात्रों पर पानी की बौछारें और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया तथा उनके साथ कथित तौर पर मारपीट हुई। उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार से जवाब मांगा जाना चाहिए।

रांची में बढ़ा था छात्र आंदोलन का तनाव

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन सोमवार को और उग्र हो गया था। विधानसभा की ओर मार्च कर रहे हजारों अभ्यर्थियों को रोकने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारों और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। अधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने कई बैरिकेड तोड़ दिए, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की स्थिति पैदा हो गई।

संसद के बाहर मंगलवार का प्रदर्शन इसी मुद्दे की राजनीतिक गूंज का नया केंद्र बन गया। एक तरफ भाजपा ने झारखंड में छात्रों पर कथित कार्रवाई को लेकर विपक्ष को घेरा, तो दूसरी तरफ INDIA ब्लॉक ने केंद्र सरकार से दिल्ली में छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई और अयोध्या में राम मंदिर चंदे से जुड़े आरोपों पर जवाब मांगा।

मकर द्वार पर आमने-सामने आए दोनों राजनीतिक खेमों ने साफ कर दिया कि छात्र आंदोलन, पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चंदे से जुड़े आरोप अब संसद के भीतर ही नहीं, बल्कि संसद परिसर के बाहर भी बड़े राजनीतिक मुद्दे बन चुके हैं।

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