रांची में छात्र आंदोलन उग्र: विधानसभा घेराव के दौरान बैरिकेडिंग टूटी, वाटर कैनन और लाठीचार्ज के बीच छात्रों का प्रदर्शन
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो बोले—‘भविष्य दांव पर है’ आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी खराब सेहत के बावजूद आंदोलन जारी रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि छात्रों का भविष्य उनकी अपनी सेहत से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है। महतो के अनुसार, “यहां छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है, जो मेरी सेहत से ज्यादा दुखद है। मेरी सेहत उन छात्रों के भविष्य से ज्यादा जरूरी नहीं है, जिनके मौकों को कथित तौर पर बेचा जा रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि उनकी सेहत काफी कमजोर है, लेकिन छात्रों के भविष्य को लेकर मौजूदा परिस्थितियां उससे भी अधिक चिंताजनक हैं। उनके मुताबिक, लाखों छात्रों के भविष्य पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं।
रांची | 10 अगस्त 2026
झारखंड की राजधानी रांची में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्रों का आंदोलन सोमवार, 10 अगस्त को अपने चरम पर पहुंच गया। पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से आंदोलन कर रहे हजारों छात्रों ने नई विधानसभा की ओर ‘विधानसभा घेराव’ मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच टकराव की स्थिति बन गई।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज किया। जवाब में कुछ प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाकर्मियों की ओर चप्पलें और पानी की खाली बोतलें फेंकीं।
JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच की मांग
आंदोलन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांग झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराना है।
छात्रों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उनका कहना है कि यदि परीक्षा और चयन प्रक्रिया में गड़बड़ियां हुई हैं तो इसकी उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
वाटर कैनन चला तो डांस करने लगे छात्र
प्रदर्शन के दौरान एक अलग तस्वीर भी देखने को मिली। जब पुलिस ने भीड़ को पीछे हटाने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, तो कुछ छात्र पानी की बौछार के बीच डांस करते नजर आए। हालांकि, इसके साथ ही बैरिकेडिंग तोड़ने और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की घटनाओं ने प्रदर्शन की गंभीरता भी बढ़ा दी।
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो बोले—‘भविष्य दांव पर है’
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी खराब सेहत के बावजूद आंदोलन जारी रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि छात्रों का भविष्य उनकी अपनी सेहत से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है।
महतो के अनुसार, “यहां छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है, जो मेरी सेहत से ज्यादा दुखद है। मेरी सेहत उन छात्रों के भविष्य से ज्यादा जरूरी नहीं है, जिनके मौकों को कथित तौर पर बेचा जा रहा है।”
उन्होंने आगे कहा कि उनकी सेहत काफी कमजोर है, लेकिन छात्रों के भविष्य को लेकर मौजूदा परिस्थितियां उससे भी अधिक चिंताजनक हैं। उनके मुताबिक, लाखों छात्रों के भविष्य पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं।
मांगें पूरी होने तक भूख हड़ताल जारी रखने का ऐलान
देवेंद्र नाथ महतो ने स्पष्ट किया कि छात्र नेताओं की भूख हड़ताल तब तक जारी रहेगी, जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती। आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार और संबंधित आयोगों को छात्रों की शिकायतों पर गंभीरता से विचार करते हुए परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए।
रांची में सोमवार को हुए विधानसभा घेराव के बाद अब सरकार और प्रशासन के सामने चुनौती है कि आंदोलनकारी छात्रों की मांगों और कानून-व्यवस्था—दोनों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।
फिलहाल रांची में छात्रों का आंदोलन जारी है और सभी की नजरें सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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