मैं पीएम मोदी गृह मंत्री से पूछना चाहती हूं कि मासूम छात्रों पर लाठी चलाने की क्या जरूरत थी. पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया. क्या ये छात्र आतंकवादी थे -प्रियंका गांधी

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा, सरकार नौजवानों से क्यों डरती है. अभी तक एक भी माफिया को सजा नहीं मिली.  शिक्षा तंत्र में आरएसएस के प्रचारकों को भरा जा रहा है. कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने संसद में लाठी चार्ज के दौरान घायल छात्रों से मिलने का जिक्र किया. उन्होंने कहा, 'किसी की पीड़ा का मजाक न उड़ाया जाए. मैं पीएम मोदी गृह मंत्री से पूछना चाहती हूं कि मासूम छात्रों पर लाठी चलाने की क्या जरूरत थी. पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया. क्या ये छात्र आतंकवादी थे.'

Jul 28, 2026 - 17:25
मैं पीएम मोदी गृह मंत्री से पूछना चाहती हूं कि मासूम छात्रों पर लाठी चलाने की क्या जरूरत थी. पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया. क्या ये छात्र आतंकवादी थे -प्रियंका गांधी

लोकसभा में कई दिनों से जारी गतिरोध के मंगलवार (28 जुलाई) को समाप्त होने और पेपर लीक के खिलाफ कड़े प्रावधान वाले विधेयक पर चर्चा शुरू होने की संभावना है. सरकार ने लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल सोमवार को पेश कर दिया था, लेकिन विपक्ष ने इस पर हंगामा शुरू कर दिया था.
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा, सरकार नौजवानों से क्यों डरती है. अभी तक एक भी माफिया को सजा नहीं मिली.  शिक्षा तंत्र में आरएसएस के प्रचारकों को भरा जा रहा है. कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने संसद में लाठी चार्ज के दौरान घायल छात्रों से मिलने का जिक्र किया. उन्होंने कहा, 'किसी की पीड़ा का मजाक न उड़ाया जाए. मैं पीएम मोदी गृह मंत्री से पूछना चाहती हूं कि मासूम छात्रों पर लाठी चलाने की क्या जरूरत थी. पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया. क्या ये छात्र आतंकवादी थे.'
लोकसभा में अखिलेश यादव ने कहा, 'जब पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान संसद पहुंचे तो सदन के बाहर उनका स्वागत किया गया. सोचिए सदस्यों को कितनी बड़ी राहत मिली होगी और वे किस बड़े संकट से बच गए. एक 'प्रधान' को हटाकर, आपने असल में 'प्रधानमंत्री' को बचा लिया.'
अखिलेश यादव ने सदन में एंटी पेपर लीक पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा, ' ये पहला आंदोलन देखा जिसमें मां बाप भी जुड़ गए. धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर सरकार ने अपने प्रधानमंत्री को बचा लिया. मैं युवाओं के हौसले और एकता को सलाम करता हूं, जिसने सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया. प्रधान का स्वागत किसी हीरो की तरह किया गया. बीजेपी सांसद इस बात से राहत महसूस कर रहे थे कि प्रधान ने प्रधानमंत्री को बचा लिया.'
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर सभी प्रमुख राजनीतिक दल सोमवार को लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा कराने पर सहमत हुए थे.
इस पर विचार-विमर्श के लिए कम से कम छह घंटे का समय निर्धारित किया गया है. प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को विपक्ष के हंगामे के बीच यह विधेयक लोकसभा में पेश किया था.
विधेयक में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 में संशोधन का प्रस्ताव है. इसके तहत प्रश्नपत्र लीक कराने या परीक्षाओं में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वालों के लिए कम से कम पांच वर्ष और अधिकतम 10 वर्ष तक के कारावास तथा 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा, प्रश्नपत्र लीक से जुड़े संगठित अपराध के मामलों में कम से कम सात वर्ष के कारावास और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है.
विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष के सदस्य नीट प्रश्नपत्र लीक के कारण कई बच्चों की कथित आत्महत्या के मामलों, प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और शिक्षा प्रणाली से जुड़े विभिन्न विषयों को लेकर सरकार को घेर सकते हैं. वहीं, सत्तापक्ष के सदस्य परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों, विपक्ष शासित राज्यों में प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं तथा पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में हुई ऐसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए जवाबी हमला कर सकते हैं.
बीस जुलाई से शुरू हुए संसद के मानसून सत्र का पहला सप्ताह विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गया था, जिसके कारण कोई महत्वपूर्ण विधायी कार्य नहीं हो सका. सोमवार को भी नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर दोनों सदनों में गतिरोध बना रहा.

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