130वां संविधान संशोधन बिल 2025-अगर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री 30 दिन रहे हिरासत में तो उन्हें हटा दिया जाएगा पद से
राजनीति में कम से कम दो ऐसे उदाहरण हैं जिससे इस बिल के महत्व को समझा जा सकता है। अरविंद केजरीवाल शराब घोटाले में 156 दिन तिहाड़ जेल में रहे लेकिन उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिया। इसी तरह तमिलनाडु के मंत्री सेंथिल बालाजी 8 महीने तक जेल में रहने के बावजूद मंत्री बने रहे। सेंथिल को आखिर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद इस्तीफा देना पड़ा था

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज लोकसभा में 130वां संविधान संशोधन बिल 2025.. गवर्नमेंट ऑफ यूनियन टेरिटरीज संशोधन बिल 2025 और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) बिल 2025 पेश किया। इन बिलों में प्रावधान है कि अगर केंद्रीय मंत्रिपरिषद का कोई मंत्री, मुख्यमंत्री या राज्यों के मंत्री को ऐसे गंभीर अपराधों में गिरफ्तार किए जाते हैं, जिनमें कम से कम पांच साल की जेल हो सकती है और उन्हें लगातार 30 दिन हिरासत में रखा जाता है, तो 31वें दिन उन्हें पद से हटा दिया जाएगा। खास बात है कि यह नियम प्रधानमंत्री, गृह मंत्री जैसे दूसरे बड़े केंद्रीय मंत्रियों पर भी लागू होगा। अभी तक के नियमों में किसी मुख्यमंत्री या मंत्री के गिरफ्तार होने या उसके जेल जाने पर उसके इस्तीफा का कोई प्रावधान नहीं है। हालांकि इस बिल को आज पास नहीं कराया जाएगा। इसे संसद की सेलेक्ट कमेटी में भेज दिया जाएगा।
राजनीति में कम से कम दो ऐसे उदाहरण हैं जिससे इस बिल के महत्व को समझा जा सकता है। अरविंद केजरीवाल शराब घोटाले में 156 दिन तिहाड़ जेल में रहे लेकिन उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिया। इसी तरह तमिलनाडु के मंत्री सेंथिल बालाजी 8 महीने तक जेल में रहने के बावजूद मंत्री बने रहे। सेंथिल को आखिर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद इस्तीफा देना पड़ा था
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