बीपीएल परिवारों की सुविधा लेने के लिए हरियाणा में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े! 6 हजार फर्जी तलाक आए सामने

पुलिस ने खुलासा किया कि प्रदेश के 12 हजार परिवार पत्रों में बदलाव किया गया है. झज्जर की एडीसी सलोनी शर्मा ने बताया कि लोगों ने फर्जी डॉक्यूमेंट के जरिये पीपीपी में परिवार विभाजित करा लिया. इससे उनकी आय गरीबी रेखा के लिए निर्धारित सीमा से कम हो गई. चालान के मुताबिक तलाक का फर्जी कागजात लगाकर परिवार से अलग किया गया. फिर दूसरे सदस्य को अन्य परिवार पहचान पत्र से जोड़ा गया.

Mar 7, 2025 - 18:25
बीपीएल परिवारों की सुविधा लेने के लिए हरियाणा में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े! 6 हजार फर्जी तलाक आए सामने

बीपीएल परिवारों को मिलने वाली सुविधाएं लेने के लिए हरियाणा में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. राज्य सरकार की ओर से लागू परिवार पहचान पत्र यानी पीपीपी में छेड़छाड़ कर वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम दिखाई गई. फर्जीवाड़े को अंजाम देने वालों के खिलाफ झज्जर पुलिस ने न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की कोर्ट में चालान पेश किया है. बताया जा रहा है कि करीब छह हजार जोड़ों ने तलाक के फर्जी कागजात लगाकर फैमिली आईडी में आय कम दिखाई है.

पुलिस ने 30 नवंबर, 2024 को फर्जीवाड़े का खुलासा किया था. क्रीड के जिला प्रबंधक योगेश ने पुलिस को शिकायत दी थी. शिकायत में लॉग-इन से छेड़छाड़ कर आय बदलने का आरोप लगाया गया था. जांच में पता चला कि शिकायतकर्ता योगेश ने साथियों विकास और अमित के साथ मिलकर पीपीपी में बदलाव किए थे. पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया. जांच में दो अन्य आरोपियों गीता और सिकंदर का भी नाम सामने आया. पुलिस ने दोनों को भी गिरफ्तार किया गया. फर्जीवाड़े के पांचों आरोपी अभी जेल में हैं. पुलिस ने खुलासा किया कि प्रदेश के 12 हजार परिवार पत्रों में बदलाव किया गया है. झज्जर की एडीसी सलोनी शर्मा ने बताया कि लोगों ने फर्जी डॉक्यूमेंट के जरिये पीपीपी में परिवार विभाजित करा लिया. इससे उनकी आय गरीबी रेखा के लिए निर्धारित सीमा से कम हो गई. चालान के मुताबिक तलाक का फर्जी कागजात लगाकर परिवार से अलग किया गया. फिर दूसरे सदस्य को अन्य परिवार पहचान पत्र से जोड़ा गया.

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