दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने लगाया मार्शल लॉ! लोग उतरे सड़को पर तुरंत लेना पड़ा मॉर्शल लॉ वापिस
मारक हथियारों से लैस सैनिक संसद भवन में घुसे लेकिन वहां मौजूद 190 सांसदों (जो 300 सदस्यों वाली संसद में बहुमत का प्रत्निधित्व करने थे) ने मुख्य कक्ष को अन्दर से बंद कर लिया था। फिर, उन्होंने सर्वसम्मति से राष्ट्रपति द्वारा केवल दो घंटे पहले जारी किए गए आदेश को वापिस लेने का प्रस्ताव पारित किया। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने लगाया मार्शल लॉ! लोग उतरे सड़को पर तुरंत लेना पड़ा मॉर्शल लॉ वापिस

मार्शल लॉ लागू करने की घोषणा के कुछ ही समय बाद हथियारबंद सैनिकों ने नेशनल असेम्बली के मुख्य कक्ष में घुसने की कोशिश की। लेकिन तब तक देश के लोग अपने राष्ट्रपति की घोषणा के खिलाफ विरोध दर्ज करने के लिए सड़कों पर इकठ्ठा होने लगे। पुलिस और सेना ने उन्हे भगाना, डराना चाहा लेकिन सैन्य बलों को उलटे दुबक कर पीछे हटना पड़ा। सड़क पर लोगों के उमड़ने ने राष्ट्रपति को भी मार्शल ला की घोपणा को वापिस लेना पड़ा।इसने दक्षिण कोरिया के पुराने, तानाशाही के दुःख भरे दौर की यादें ताजा करा दी है। South Korea में पिछली बार मार्शल लॉ 1980 में लागू किया गया था। उस वक्त सैनिक तानाशाह जनरल चुन दू-ह्वान ने सैकड़ों लोगों को मरवा दिया था। विरोध प्रदर्शन करने वालों को कंसंट्रेशन कैम्पों में भेजा गया ताकि उन्हें “दिमाग को शुद्ध करने वाली शिक्षा” दी जा सके।बहरहाल, मंगलवार को मार्शल लॉ की घोषणा होते ही पूरे देश में सनसनी फैली। सभी प्रकार की राजनैतिक गतिविधियों पर तुरंत पूर्ण पाबंदी लगाए जाने का आदेश दिया गया और मीडिया की स्वतंत्रता को सीमित कर दिया गया। लोगों को बताया गया कि मार्शल लॉ के चलते उन्हें बिना वारंट के गिरफ्तार किया जा सकता है। लेकिन इस सब की तेज और तीखी प्रतिक्रिया हुई। हजारों प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति के खिलाफ नारे लगते हुए सड़कों पर उतर आए। वे राष्ट्रपति से अपना फैसला वापिस लेने की मांग की और बिना डरे ऊंची आवाज में लोग चिल्ला रहे थे ‘अरेस्ट हिम’। दक्षिण कोरिया में मार्शल लॉ के खिलाफ विपक्षी दलों का जोरदार विरोध, राष्ट्रपति ने फैसला वापस लिया
विपक्षी दलों ने आपसी मतभेदों को भुलाकर एक साथ मिल कर विरोध तुरंत शुरू किया। डेमोक्रेटिक पार्टी ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि मार्शल लॉ लागू करने की घोषणा गैर-क़ानूनी तरीके से सत्ता पर काबिज होने का प्रयास है। युन की पीपुल्स पावर पार्टी के प्रमुख ने भी इस कदम का विरोध किया और पुलिस व और सेना का आव्हान किया कि वे राष्ट्रपति के गैर-कानूनी और गलत हुक्म न मानें। मारक हथियारों से लैस सैनिक संसद भवन में घुसे लेकिन वहां मौजूद 190 सांसदों (जो 300 सदस्यों वाली संसद में बहुमत का प्रत्निधित्व करने थे) ने मुख्य कक्ष को अन्दर से बंद कर लिया था। फिर, उन्होंने सर्वसम्मति से राष्ट्रपति द्वारा केवल दो घंटे पहले जारी किए गए आदेश को वापिस लेने का प्रस्ताव पारित किया। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने लगाया मार्शल लॉ! लोग उतरे सड़को पर तुरंत लेना पड़ा मॉर्शल लॉ वापिस
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