फिल्म स्टार सैफ अली खान पर कातिलाना हमला करने वाला आखिरकार कैसे पंहुचा एक्टर के घर में?
जो उस फ्लोर पर रहने वाले लोगों के थंब इंप्रैशन, फेस रिकॉग्निशन या कार्ड से खुलता है। इसके बाद अपार्टमेंट के अंदर जाने के लिए मुख्य दरवाज़े पर कैमरा और वॉयस मैसेज सिस्टम है। गेट पर पासवर्ड वाला लॉक है। इसके बाद भी हमलावर ग्यारहवें फ्लोर पर सैफ अली खान के घर के भीतर कैसे दाखिल हो गया? इसका अब तक कोई जवाब नहीं मिला और जब तक इसका जवाब नहीं मिलेगा तब तक ये साफ नहीं होगा कि जिस शख्स ने सैफ पर जानलेवा हमला किया वो वाकई चोरी के इरादे से घुसा था या उसका मकसद सैफ को नुकसान पहुंचाना था। राहत की बात है कि सैफ अली खान इस कातिलाना हमले में बच गए लेकिन इससे मुंबई की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल तो उठे हैं। इसी इलाके में सलमान खान के घर पर गोली चली थी। इसी इलाके में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की सरेआम हत्या हुई थी। ऐसे में लोगों की चिंता तो वाजिब है इसीलिए ये एक राजनीतिक मुद्दा भी बन गया।

मुंबई से चौंकाने वाली खबर आई। फिल्म स्टार सैफ अली खान पर कातिलाना हमला हुआ। सैफ के घर में घुसकर हमलावर ने चाकू से 6 वार किए। दो घाव काफी गंभीर हैं। चाकू सैफ अली खान की रीढ़ की हड्डी में घुस कर टूट गया। उनकी गर्दन पर भी गहरा घाव है। हाथ और पेट पर भी चाकू से चोट लगी है। ऑपरेशन के बाद पीठ में घुसा चाकू का टुकड़ा निकाल दिया गया है। गर्दन और सीने पर आई चोट की सर्जरी की गई है। सैफ अली खान लीलावती अस्पताल में अब खतरे से बाहर हैं और उनको ICU से उनके रूम में भेज दिया गया है।डॉक्टर्स का कहना है कि सैफ अली खान को जल्द डिस्चार्ज किया जाएगा लेकिन अब वह कई दिन चल फिर नहीं पाएंगे। सबसे बड़ा सवाल ये है कि हमलावर सैफ अली खान के फ्लैट में घुसा कैसे? उसे एंट्री कैसे मिली?सैफ अली खान अपनी बिल्डिंग के बारहवें फ्लोर पर थे। ये हादसा 11वें फ्लोर पर हुआ। अपार्टमेंट के चारों तरफ सिक्योरिटी है। बिल्डिंग के बाहर और अंदर गार्ड्स तैनात है। किसी अनजान शख्स को बिना पूछताछ के अंदर नहीं जाने दिया जाता।सैफ अली खान जिस सदगुरू अपार्टमेंट में रहते हैं, उसमें चार लेयर की सिक्योरिटी है। सबसे पहले गेट पर सिक्योरिटी गार्ड्स रहते हैं लेकिन पुलिस का दावा है कि चोर दीवार फांद कर घुसा। दूसरी लेयर लॉबी में लिफ्ट के करीब है। लिफ्ट बिल्डिंग में रहने वाले लोगों के थंब इंप्रैशन से खुलती है लेकिन दावा किया जा रहा है कि ये शख्स लिफ्ट के बजाए सीढियों से ग्यारहवें फ्लोर तक पहुंचा। सिक्योरिटी की तीसरी लेयर हर फ्लोर पर लिफ्ट खुलने के बाद ग्लास का डोर है जो उस फ्लोर पर रहने वाले लोगों के थंब इंप्रैशन, फेस रिकॉग्निशन या कार्ड से खुलता है। इसके बाद अपार्टमेंट के अंदर जाने के लिए मुख्य दरवाज़े पर कैमरा और वॉयस मैसेज सिस्टम है। गेट पर पासवर्ड वाला लॉक है। इसके बाद भी हमलावर ग्यारहवें फ्लोर पर सैफ अली खान के घर के भीतर कैसे दाखिल हो गया? इसका अब तक कोई जवाब नहीं मिला और जब तक इसका जवाब नहीं मिलेगा तब तक ये साफ नहीं होगा कि जिस शख्स ने सैफ पर जानलेवा हमला किया वो वाकई चोरी के इरादे से घुसा था या उसका मकसद सैफ को नुकसान पहुंचाना था। राहत की बात है कि सैफ अली खान इस कातिलाना हमले में बच गए लेकिन इससे मुंबई की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल तो उठे हैं। इसी इलाके में सलमान खान के घर पर गोली चली थी। इसी इलाके में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की सरेआम हत्या हुई थी। ऐसे में लोगों की चिंता तो वाजिब है इसीलिए ये एक राजनीतिक मुद्दा भी बन गया।
What's Your Reaction?






