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    <title>Delhi Lookout &amp; : Desh Web Story</title>
    <link>https://delhilookout.com/rss/category/desh-web-story</link>
    <description>Delhi Lookout &amp; : Desh Web Story</description>
    <dc:language>en</dc:language>
    <dc:creator></dc:creator>
    <dc:rights>Copyright 2024 Delhi Lookout &amp; All Rights Reserved. |  Design and Develop By &amp;lt;a class=&amp;quot; text&amp;light&amp;quot; href=&amp;quot;https://rjinfotechindia.com/&amp;quot;&amp;gt;RJ Infotech&amp;lt;/a&amp;gt;</dc:rights>
    <item>
        <title>कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडोे को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप  की धमकी! अगर देश नही संभलता तो अमेरिका में विलय कर लो!</title>
        <link>https://delhilookout.com/US-President-Donald-Trump-has-threatened-Canadian-Prime-Minister-Justin-Trudeau.-If-you-cant-manage-the-country,-merge-it-with-the-US </link>
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        <description><![CDATA[ <p>अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा और मेक्सिको जैसे देशों से आने वाले सामानों पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी है. इसके बाद इन देशों के बीच व्यापार संबंधों को लेकर हलचल बढ़ गई है. फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने फ्लोरिडा में डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी. इस दौरान ट्रंप ने ट्रूडो को सुझाव दिया कि कनाडा अगर इन मुद्दों को हल नहीं कर सकता, तो वह अमेरिका का 51 वां राज्य बनने पर विचार करें. जिसके बाद दोनों देशों के संबंधों पर नई बहस छिड़ गई है.दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान मार-ए-लागो में हुई एक बैठक में सामने आया है. ट्रंप ने ट्रूडो को साफ शब्दों में कहा कि अगर कनाडा सीमा मुद्दे और व्यापार घाटे को ठीक नहीं कर सकता है, तो वह अपने कार्यालय के पहले दिन सभी कनाडाई उत्पादों पर 25% टैरिफ लगाएंगे. जवाब में ट्रूडो ने कहा कि ट्रंप टैरिफ नहीं लगा सकते क्योंकि इससे कनाडा की अर्थव्यवस्था खत्म हो जाएगी. फॉक्स न्यूज के अनुसार, ट्रंप ने जवाब दिया, "तो आपका देश तब तक जीवित नहीं रह सकता जब तक कि वह अमेरिका को 100 बिलियन डॉलर का चूना न लगा दे?"<br> ट्रंप के सुझाव को कनाडा में अपमानजनक माना जा रहा है. दरअसल, कनाडा अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा व्यापार भागीदार है. टैरिफ बढ़ने से ऑटोमोबाइल, कृषि उत्पाद और ऊर्जा सेक्टर प्रभावित हो सकते हैं. यह फैसला कनाडा की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डाल सकता है, जो अपने निर्यात का बड़ा हिस्सा अमेरिका को भेजता है. कनाडा ने अपने व्यापारिक लाभ की सुरक्षा को देखते हुए पहले भी अमेरिका के साथ समझौते किए हैं, जैसे NAFTA (अब USMCA). ट्रम्प प्रशासन ने हमेशा इमिग्रेशन को लेकर सख्त रुख अपनाया है. कनाडा के शरणार्थियों और आप्रवासियों के प्रति उदार नीति को ट्रंप ने आलोचना की है. ट्रंप का मानना है कि कनाडा की आव्रजन नीति अमेरिका की सीमा सुरक्षा को कमजोर कर सकती है. वहीं, कनाडा आप्रवासन को अपनी राष्ट्रीय पहचान का हिस्सा मानता है. जस्टिन ट्रूडो ने हमेशा आप्रवासन और मानवाधिकारों के लिए मजबूत पक्ष लिया है. ट्रंप के इस बयान को कनाडा की संप्रभुता पर हमला माना जा रहा है.</p> ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 03 Dec 2024 17:11:31 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>US President Donald Trump has threatened Canadian Prime Minister Justin Trudeau. If you can&#039;t manage the country, merge it with the US! </media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>होना चाहते थे पहले भाजपा में शामिल लेकिन अब थामी शिक्षाविद अवध ओझा ने आम आदमी पार्टी की झाडू! दिल्ली विधानसभा चुनाव में टिकट हुआ पक्का</title>
        <link>https://delhilookout.com/Earlier-wanted-to-join-BJP-but-now-academician-Avadh-Ojha-has-swept-Aam-Aadmi-Party-Ticket-confirmed-in-Delhi-Assembly-elections </link>
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        <description><![CDATA[ <p>शिक्षाविद अवध ओझा सोमवार को आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया की मौजूदगी में सदस्यता ग्रहण की. आप मुख्यालय में अरविंद केजरीवाल ने टोपी और पटका पहनाकर अवध ओझा का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि अवध ओझा के अनुभव और दृष्टिकोण से दिल्ली की शिक्षा नीति को नई दिशा मिलेगी. हम बाबा साहब के सपनों को मिलकर पूरा करने का काम करेंगे. अवध ओझा शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में बहुत अहम भूमिका निभाने वाले हैं. पार्टी में आने से दिल्ली और देश को बहुत फायदा होगा.आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अवध ओझा शिक्षा के क्षेत्र में देश का जाना माना नाम है. उन्होंने हजारों बच्चों को शिक्षा दी, रोजगार के लिए तैयार किया. अरविंद केजरीवाल ने कहा, "मैं अवध ओझा के वीडियो देखता हूं. वीडियो से युवाओं को अच्छा जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है." उन्होंने कहा कि अवध ओझा के आने से आम आदमी पार्टी मजबूत होगी. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी शिक्षा के क्षेत्र में सबसे ज्यादा काम कर रही है. अवध ओझा के आप में शामिल होने से देश की शिक्षा मजबूत होगी. केजरीवाल ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में शिक्षा का सबसे बड़ा महत्व है. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की कोशिश रहती है कि भ्रष्टाचार निरोधक, शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में अच्छा काम कर रहे लोगों को राजनीति में लाया जाए. होना चाहते थे पहले भाजपा में शामिल लेकिन अब थामी शिक्षाविद अवध ओझा ने आम आदमी पार्टी की झाडू! दिल्ली विधानसभा चुनाव में टिकट हुआ पक्का </p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 02 Dec 2024 18:18:51 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>Earlier wanted to join BJP but now academician Avadh Ojha has swept Aam Aadmi Party! Ticket confirmed in Delhi Assembly elections </media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>रूस ने किया यूक्रेन पर मिसाइल और ड्रोन से अटैक! यूक्रेन में बत्ती गुल, छाया अंधेरा! </title>
        <link>https://delhilookout.com/Russia-attacked-Ukraine-with-missiles-and-drones-Lights-out,-darkness-in-Ukraine</link>
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        <description><![CDATA[ <p>रूस ने यूक्रेन के बिजली संयंत्रों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए. इससे यूक्रेन में अंधेरा छा गया और 1 करोड़ से ज्‍यादा लोगों को अंधेरे में रात बितानी पड़ी. सर्दियों में पावरकट होना नागरिकों के लिए भारी मुश्किलें देता है. गुरुवार की रात को ये हमले करने के बाद रूसी राष्‍ट्रपति ने अपने आगे के मकसद के बारे में भी बता दिया है. पुतिन ने बताया है कि अब वे अगला हमला कहां करेंगे?राष्ट्रपति पुतिन ने कहा है कि ये हमले यूक्रेन द्वारा अमेरिका द्वारा आपूर्ति की गई मिसाइलों के इस्तेमाल के खिलाफ जवाबी कार्रवाई था. यानी कि रूस ने यूक्रेन से इन मिसाइलों के इस्‍तेमाल का बदला लिया है. इस बयान के बाद यूक्रेनी राष्‍ट्रपति जेलेंस्‍की ने पश्चिमी देशों से सहयोग मांगा है. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति बिडेन ने इन हमलों की निंदा करते हुए इसे अपमानजनक बताया है.रूस यूक्रेन के बिजली संयंत्रों को ध्‍वस्‍त करके सर्दियों से पहले उसे बिजली की कमी से परेशान करना चाहता है. ताकि यूक्रेन दबाव में आ जाए. यूक्रेन में पहले ही भारी बिजली कटौती हो रही है, वहीं सर्दियों में भी यदि यही स्थिति रही तो नागरिकों का जीना मुहाल हो जाएगा. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यह स्‍पष्‍ट किया कि यह हमला अमेरिकी मिसाइलों के उपयोग के प्रतिशोध में किया गया. साथ ही यह भी चेतावनी दी कि अब भविष्‍य में उनका अगला टारगेट कीव के 'निर्णय लेने वाले केंद्र' होंगे. इन महत्‍वपूर्ण सरकारी संस्‍थानों पर रूस हाइपरसोनिक मिसाइलों द्वारा हमले कर सकता है. जाहिर है इससे रूस को यूक्रेन का मनोबल तोड़ने में मदद मिलेगी क्‍योंकि हाल ही में हुए रूस द्वारा हाइपरसोनिक मिसाइलों के पहली बार इस्‍तेमाल के बाद यूक्रेन ने अपनी संसद बंद कर दी थी. साथ ही सांसदों से कहा था कि वे कीव से दूर रहें और अपने परिवारों को भी दूर रखें.</p> ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 29 Nov 2024 17:31:43 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>Russia attacked Ukraine with missiles and drones! Lights out, darkness in Ukraine!</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>क्या नरेंद्र मोदी&amp; अमित शाह से मुक्ति की चाहत, सीटों को लेकर धींगामुश्ती, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बनने के मकसद के अलावा इंडिया गठबंधन के पास कोई ठोस वजहें हैं साथ रहने के लिए?</title>
        <link>https://delhilookout.com/Apart-from-the-desire-to-get-rid-of-Narendra-Modi-and-Amit-Shah,-the-struggle-for-seats,-and-the-aim-of-becoming-Prime-Minister-and-Chief-Minister,-does-the-India-alliance-have-any-concrete-reasons-to-stay-together</link>
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        <description><![CDATA[ <p>इंडिया गठबंधन के सामने कठिन प्रश्न हैं। महाराष्ट्र के चुनाव नतीजों से यह सवाल गहरा गया है कि क्या ये गठबंधन बनने के डेढ़ साल बाद भी अपना कोई साझा उद्देश्य तय कर पाया है?हर चुनाव से पहले शामिल दलों के बीच सीटों को लेकर धींगामुश्ती, मुख्यमंत्री पद के लिए चेहरा पेश कर पाने के मुद्दे पर मतभेद और चुनाव अभियान में समन्वय का अभाव आम कहानी बन गया है।गठबंधन बनने के बाद नवंबर- दिसंबर 2023 में जब पहले चुनाव हुए, तो दलों का मनमुटाव खुल कर जाहिर हुआ।लोकसभा चुनाव में जरूर चीजें कुछ संभलती नजर आईं, लेकिन जैसे ही बात हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड की आई, पुरानी खींचतान उभर आई। किसी साझा न्यूनतम कार्यक्रम की जरूरत तो गठबंधन ने आरंभ से ही नहीं समझी।नरेंद्र मोदी- अमित शाह से मुक्ति की चाहत के अलावा उनके बीच किसी मुद्दे और सहमति की तलाश करना कठिन बना रहा है। ऐसी नकारात्मक राजनीति कभी कारगर नहीं होती। (India alliance)लोकसभा चुनाव में बिजली चमकने जैसी उम्मीद जगी, तो उसके पीछे भी उनके अपने प्रयासों का कम ही योगदान था।अब ऐसा लगता है कि तब जो नुकसान हुआ, अपनी ध्रुवीकरण एवं समीकरण साधने की सियासत से भाजपा ने उसे काफी हद तक संभाल लिया है।इसका बड़ा कारण यह है कि इंडिया गठबंधन यह संदेश देने में नाकाम है कि उसके पास देश के विकास एवं आम जन की बेहतरी का कोई बेहतर एजेंडा है। इसके अभाव में गठबंधन महज सीटों के तालमेल का माध्यम बन कर रह जाता है।इस रूप में कुछ खास परिस्थितियों में यह प्रयास लाभदायक हो सकता है, लेकिन सत्ता पक्ष के लिए कोई गठबंधन कोई निर्णायक चुनौती पेश नहीं कर पाएगा। महाराष्ट्र का चुनाव नतीजा आने के बाद गठबंधन के अंदर की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस आलोचना के केंद्र में आई है, तो उसकी भी ठोस वजहें हैं। बड़ी पार्टी होने का सिर्फ लाभ नहीं होता, बल्कि जिम्मेदारियां भी होती हैं, इसे अब भी कांग्रेस नेतृत्व नहीं समझ पाया, तो पार्टी की भूमिका पर सवाल गहराते जाएंगे। वैसे अपनी-अपनी भूमिका से जुड़ा सवाल गठबंधन में शामिल सभी दलों के सामने है।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 26 Nov 2024 17:28:20 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>Apart from the desire to get rid of Narendra Modi and Amit Shah, the struggle for seats, and the aim of becoming Prime Minister and Chief Minister, does the India alliance have any concrete reasons to stay together?</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>प्रदूषण के कारण बंद दिल्ली के स्कूल फिलहाल रहेंगे बंद! चलेंगी ऑनलाइन कक्षाएं!</title>
        <link>https://delhilookout.com/Delhis-schools-closed-due-to-pollution-will-remain-closed-for-now-Online-classes-will-run</link>
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        <description><![CDATA[ <p>दिल्ली-एनसीआर में गंभीर श्रेणी में पहुंचे प्रदूषण को लेकर आज फिर से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारा सुझाव है कि अगले दो दिनों का AQI लेवल देखा जाए। परसों आंकड़े लाइए फिर हम देखेंगे कि पिछले दो दिनों में क्या रुझान रहा है? इसके बाद शैक्षिक संस्थानों को खोले जाने से संबंधित मामले पर फैसला लेंगे।<br>इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने एयर क्वॉलिटी मैनेजमेंट कमेटी को कहा कि वह शीघ्र तय करें कि स्कूल खुलेंगे या नहीं। कोर्ट अगली सुनवाई में तय करेगा कि GRAP-4 के प्रावधानों में ढील दी जाएगी या नहीं। अगली सुनवाई गुरूवार 28 नवंबर को होगी। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा कि सिर्फ 23 जगहों पर ही चेक पोस्ट क्यों लगाए गए? हम CAQM आयोग को धारा-14 के तहत दिल्ली के पुलिस आयुक्त पर मुकदमा चलाने का निर्देश देंगे। कोर्ट ने कहा कि हम CAQM को सभी एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने, जवाब लेने और उन पर मुकदमा चलाने का निर्देश देंगे।<br>कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार ने 18 से 23 नवंबर के बीच GRAP- 4 के दिशानिर्देशों का पालन ठीक से नहीं किया है। ट्रकों को दिल्ली आने से रोकने के लिए उचित कदम नहीं उठाए गए। ASG एश्वर्या भाटी ने कहा कि कल हम AQI के मुताबिक, GRAP 2 के स्टेज पर थे लेकिन आज अब तक AQI लगभग 324 है। एश्वर्या भाटी ने कोर्ट को बताया कि स्कूलों के लिए फिजिकल क्लासेज पर रोक जारी है। एनसीआर में गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर के लिए सभी फिजिकल क्लासेज बंद कर दी गई हैं। प्रदूषण के कारण बंद दिल्ली के स्कूल फिलहाल रहेंगे बंद! चलेंगी ऑनलाइन कक्षाएं!</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 25 Nov 2024 17:09:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>Delhi&#039;s schools closed due to pollution will remain closed for now! Online classes will run!</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>उद्धव ठाकरे की शिवसेना से बहुत अलग थी बाला साहेब की शिवसेना! अब हिंदु नही मुसलमानों की वोट भी चाहिए सरकार बनाने के लिए </title>
        <link>https://delhilookout.com/Bala-Sahebs-Shiv-Sena-was-very-different-from-Uddhav-Thackerays-Shiv-Sena-Now-not-only-Hindus-but-also-votes-of-Muslims-are-needed-to-form-the-government. </link>
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        <description><![CDATA[ <p>लोकसभा चुनाव के दौरान मई में उद्धव ठाकरे मुंबई के ही चेंबूर के पास चीता कैंप नाम की बस्ती में पहुंचे थे.इस इलाक़े में मुस्लिमों की अच्छी ख़ासी आबादी रहती है और उद्धव ने यहां मराठी की जगह हिन्दी में भाषण दिया था.सामने मुसलमान मतदाताओं की भीड़ और उद्धव कहते हैं, "मैं तो शायद पहली बार आपके सामने आया हूँ क्योंकि हमारे बीच एक दीवार थी. हम एक दूसरे से लड़ाई करते थे. एक सवाल मैं आपसे पूछता हूँ क्या मैंने हिंदुत्व छोड़ा है?''''क्या मेरा हिंदुत्व आपको मंज़ूर है? मेरे हिंदुत्व और भाजपा के हिंदुत्व में फ़र्क़ है या नहीं है? मैं भी जय श्री राम कहता हूं लेकिन मेरा हिंदुत्व, ह्रदय में राम और हर एक हाथ को काम देने वाला हिंदुत्व है. हमारा हिंदुत्व घर का चूल्हा जलाने वाला हिंदुत्व है, घर जलाने वाला नहीं."लोकसभा चुनाव के दौरान उद्धव ठाकरे ने शिव सेना भवन में मुस्लिम मतदाताओं के साथ मुलाक़ात कर ये बताने की कोशिश की थी कि वो संविधान बचाना चाहते हैं. इसी साल फ़रवरी में रायगढ़ ज़िले में मुस्लिम समुदाय ने उद्धव ठाकरे को मराठी में लिखी क़ुरान उपहार में दी थी. तब उन्होंने कहा था, "मुझे मराठी में क़ुरान दी गई. यही हमारा हिंदुत्व है. इसलिए किसी को भी हमारे हिंदुत्व पर संदेह नहीं करना चाहिए."उद्धव ठाकरे की मुसलमान वोटरों तक पहुंचने की ये कोशिशें उनके पिता बाल ठाकरे की राजनीति से बिल्कुल अलग हैं.इसकी क्या वजह है और क्या ये कोशिशें क़ामयाब हो रही हैं?  सामना में शिव सेना नेता संजय राउत ने लिखा था, “जब तक मुसलमानों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहेगा, उनका कोई भविष्य नहीं है. यही कारण है कि बाल ठाकरे ने मांग की थी कि मुसलमानों के वोटिंग अधिकार छीन लिए जाएं. जिस दिन मुसलमानों के वोटिंग अधिकार छीन लिए जाएंगे, उस दिन 'धर्मनिरपेक्ष' होने का दावा करने वाले लोगों का मुखौटा उजागर हो जाएगा.” उद्धव ठाकरे की शिवसेना से बहुत अलग थी बाला साहेब की शिवसेना! अब हिंदु नही मुसलमानों की वोट भी चाहिए सरकार बनाने के लिए </p> ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 22 Nov 2024 17:32:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>Bala Saheb&#039;s Shiv Sena was very different from Uddhav Thackeray&#039;s Shiv Sena! Now not only Hindus but also votes of Muslims are needed to form the government. </media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>  गुयाना की संसद को संबोधित करते ही पीएम मोदी बन जाएंगे विदेशी संसदों में सबसे ज्यादा बार भाषण देने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री</title>
        <link>https://delhilookout.com/As-soon-as-he-addresses-the-Parliament-of-Guyana,-PM-Modi-will-become-the-first-Indian-Prime-Minister-to-give-the-most-number-of-speeches-in-foreign-parliaments.</link>
        <guid>https://delhilookout.com/As-soon-as-he-addresses-the-Parliament-of-Guyana,-PM-Modi-will-become-the-first-Indian-Prime-Minister-to-give-the-most-number-of-speeches-in-foreign-parliaments.</guid>
        <description><![CDATA[ <p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को गुयाना की संसद के विशेष सत्र को संबोधित करेंगे. यह संबोधन उनकी बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता में एक और मील का पत्थर साबित होगा. इससे पहले उन्हें गुयाना के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'द ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस' से सम्मानित किया गया. पीएम मोदी का यह भाषण 14वां अवसर होगा जब वह किसी विदेशी संसद में भारत की ओर से बोलेंगे.प्रधानमंत्री मोदी को विदेशी संसदों में सबसे अधिक बार भाषण देने वाले भारतीय प्रधानमंत्री होने का गौरव प्राप्त है. यह पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा सात विदेशी संसदों में दिए भाषणों की संख्या से दोगुना है. इंदिरा गांधी ने विदेशी संसदों को चार बार संबोधित किया था, जबकि जवाहरलाल नेहरू ने तीन बार. राजीव गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी ने दो बार ऐसे भाषण दिए, वहीं मोरारजी देसाई और पीवी नरसिम्हा राव ने केवल एक बार किसी विदेशी संसद को संबोधित किया. गुयाना की संसद को संबोधित करते ही पीएम मोदी बन जाएंगे विदेशी संसदों में सबसे ज्यादा बार भाषण देने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री</p> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 21 Nov 2024 16:26:56 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>As soon as he addresses the Parliament of Guyana, PM Modi will become the first Indian Prime Minister to give the most number of speeches in foreign parliaments.</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>हर साल की तरह फिर रोना शुरू हुआ आम आदमी पार्टी का! भाजपा शासित प्रदेशो पर लगाए पराली जलाने का आरोप </title>
        <link>https://delhilookout.com/ Like-every-year,-Aam-Aadmi-Party-started-crying-again-BJP-ruled-states-accused-of-stubble-burning  </link>
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        <description><![CDATA[ <p>राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत पूरे एनसीआर में पॉल्यूशन खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है और लोग जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं. कई इलाकों में तो एक्यूआई (AQI) 500 के करीब पहुंच गया है, लेकिन प्रदूषण पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीति शुरू हो गई है. एक तरफ, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोमवार को दिल्ली के मेट्रो स्टेशनों पर फ्री मास्क बांटा तो दूसरी तरफ सीएम आतिशी ने पराली जलाने को लेकर सवाल किया क्या सिर्फ पंजाब में पराली जलाई जा रही है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान में हर जगह पराली जल रही है. हर साल की तरह फिर रोना शुरू हुआ आम आदमी पार्टी का! भाजपा शासित प्रदेशो पर लगाए पराली जलाने का आरोप वहीं आम आदमी पार्टी शासित पंजाब में पराली जलाये जाने की घटनायें कम हुई हैं। यह आँकड़े हमारे नहीं बल्कि केंद्र की BJP सरकार के ही हैं। जब पंजाब सरकार पराली जलाने की घटनाएँ कम कर सकती है तो केंद्र की बीजेपी सरकार क्यों नहीं कर सकती है?  केंद्र सरकार कोई काम ना करने की बजाय राजनीति कर रही है और पूरे उत्तर भारत को Medical Emergency की तरफ़ धकेल रही है। </p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 18 Nov 2024 17:41:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords> Like every year, Aam Aadmi Party started crying again! BJP ruled states accused of stubble burning  </media:keywords>
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        <title>पीएम नरेंद्र मोदी ने की थी कोविड&amp;19 महामारी के दौरान कैरेबियाई द्वीप देश डोमिनिका की मदद! अब मिलेगा पीएम को सर्वोच्च सम्मान</title>
        <link>https://delhilookout.com/ PM-Narendra-Modi-helped-the-Caribbean-island-country-Dominica-during-the-Covid-19-pandemic-Now-PM-will-get-the-highest-honor</link>
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        <description><![CDATA[ <p>पीएम नरेंद्र मोदी को कैरेबियाई द्वीप देश डोमिनिका सर्वोच्च सम्मान से नवाजने वाला है. सम्मान का ऐलान होते ही डेमिनिका की ओर से कहा गया है कि पीएम मोदी ने कोविड-19 महामारी के दौरान काफी सहायता की थी. पीएम मोदी के इस योगदान को डोमिनिका ने दोनों देशों के बीच साझेदारी मजबूत करने वाला बताया है. पीएम मोदी को यह पुरस्कार डोमिनिका की राष्ट्रपति सिल्वेनी बर्टन देंगी. वे यह पुरस्कार 19 से 21 नवंबर तक गुयाना के जॉर्जटाउन में होने वाले भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन के वक्त देंगी. आपको बता दें कि फरवरी 2021 में पीएम मोदी ने डोमिनिका को एस्ट्राजेनेका कोविड-19 वैक्सीन की 70 हजार खुराक बांटी थी. इसकी वजह से कैरेबिया ने न सिर्फ अपने नागरिकों की जान बचाई. वहीं कैरेबयन पड़ोसी की भी मदद की थी.  पीएम नरेंद्र मोदी ने की थी कोविड-19 महामारी के दौरान कैरेबियाई द्वीप देश डोमिनिका की मदद! अब मिलेगा पीएम को सर्वोच्च सम्मान</p> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 14 Nov 2024 18:18:27 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords> PM Narendra Modi helped the Caribbean island country Dominica during the Covid-19 pandemic! Now PM will get the highest honor</media:keywords>
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        <title>एनडीटीवी के पूर्व मालिकों प्रणव रॉय और राधिका रॉय को सीबीआई ने क्लीन चिट तो दी! लेकिन क्या प्रणव रॉय और राधिका रॉय की बनाई गई इज्जत वापस लौटा पाएगी</title>
        <link>https://delhilookout.com/CBI-gives-clean-chit-to-former-NDTV-owners-Pranab-Roy-and-Radhika-Roy-But-will-Pranab-Roy-and-Radhika-Roy-be-able-to-bring-back-the-respect-created-by-them</link>
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        <description><![CDATA[ <p>सीबीआई ने मंगलवार  को एनडीटीवी के पूर्व प्रमोटरों और निदेशकों प्रणय रॉय और राधिका रॉय के खिलाफ कथित धोखाधड़ी के एक मामले में क्लोजर रिपोर्ट दायर की, क्योंकि उसे 2009 में एक ऋण के निपटान में आईसीआईसीआई बैंक को हुए 48 करोड़ रुपये के नुकसान में कानूनी रूप से ठोस सबूत नहीं मिले।<br>यह मामला 2017 में शुरू हुआ था जब सीबीआई ने क्वांटम सिक्योरिटीज लिमिटेड के संजय दत्त नामक एक व्यक्ति की शिकायत के आधार पर एक प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि रॉय से जुड़े आरआरपीआर होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड ने सार्वजनिक खुली पेशकश के माध्यम से एनडीटीवी में 20% हिस्सेदारी हासिल करने के लिए इंडिया बुल्स प्राइवेट लिमिटेड से 500 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। एफआईआर के अनुसार, आरआरपीआर होल्डिंग्स ने इंडिया बुल्स से ऋण चुकाने के लिए आईसीआईसीआई बैंक से 19% प्रति वर्ष की ब्याज दर पर 375 करोड़ रुपये का ऋण (जिसमें से 350 करोड़ रुपये वितरित) लिया। सात साल से अधिक की जांच के बाद, सीबीआई ने अब एक विशेष अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है, जो यह निर्धारित करेगी कि रिपोर्ट को स्वीकार किया जाए या एजेंसी को अपनी जांच जारी रखने का निर्देश दिया जाए।एनडीटीवी ने 5 जून, 2017 को की गई तलाशी के बाद बताया कि आईसीआईसीआई बैंक से लिया गया 375 करोड़ रुपये का ऋण, जिसे न चुकाने का आरोप उस पर लगाया गया था, सात साल पहले चुका दिया गया था।कंपनी ने यह भी कहा कि सेबी के समक्ष गिरवी रखे गए शेयरों का खुलासा न करने का आरोप "गलत और झूठा" है। कंपनी ने जोर देकर कहा, "एनडीटीवी और उसके प्रमोटरों ने आईसीआईसीआई या किसी अन्य बैंक को दिए गए किसी भी ऋण का भुगतान कभी नहीं किया है। हम ईमानदारी और स्वतंत्रता के उच्चतम स्तर का पालन करते हैं।"</p> ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 04 Oct 2024 16:53:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>CBI gives clean chit to former NDTV owners Pranab Roy and Radhika Roy! But will Pranab Roy and Radhika Roy be able to bring back the respect created by them?</media:keywords>
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        <title>बीजेपी ने चला बड़ा दांव! अग्निवीरो को सरकारी नौकरियों में 20 फीसदी कोटा देने का वादा</title>
        <link>https://delhilookout.com/BJP-made-a-big-move-Promise-to-give-20-percent-quota-in-government-jobs-to-Agniveeros</link>
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        <description><![CDATA[ <p>जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने अपना संकल्प पत्र जारी कर दिया है. गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को जम्मू पहुंचे. यहां उन्होंने पार्टी का संकल्प पत्र जारी किया. केंद्र शासित प्रदेश के लोगों से बीजेपी ने 25 बड़े वादे किए हैं. इसमें अग्निवीरों को जम्मू-कश्मीर की सरकारी नौकरियों में 20% कोटा देने का वादा है. आईटी हब बनाने का जिक्र है और जम्मू व कश्मीर दोनों रीजन में मेट्रो सेवा चालू करने की बात कही है.</p> ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 06 Sep 2024 17:48:51 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>BJP made a big move! Promise to give 20 percent quota in government jobs to Agniveeros</media:keywords>
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        <title>कोई कितना भी जोर लगा ले अनुच्छेद&amp;370 कभी लौटकर नही आएगा&amp;अमित शाह</title>
        <link>https://delhilookout.com/No-matter-how-hard-anyone-tries,-Article-370-will-never-come-back:-Amit-Shah</link>
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        <description><![CDATA[ <p>जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव को लेकर शुक्रवार को बीजेपी ने अपना संकल्प पत्र जारी कर दिया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को जम्मू में बीजेपी का संकल्प पत्र जारी करते हुए कहा कि अनुच्छेद-370 अब इतिहास बन चुका है. जो अब कभी लौटकर नहीं आएगा. इसके साथ ही उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस के घोषणा पत्र पर भी जमकर हमला बोला. गृह मंत्री शाह ने कहा कि आजादी के समय से ही जम्मू-कश्मीर हमारी पार्टी के लिए सबसे अहम रहा है. उन्होंने कहा कि आजादी के समय से ही हमने इसे भारत के साथ जोड़ने के लिए बहुत कोशिश की है. शाह ने कहा कि पहले भारतीय जनसंघ और फिर भारतीय जनता पार्टी ने जम्मू-कश्मीर के लिए काफी संघर्ष किया है. पार्टी का संकल्प पत्र जारी करते हुए शाह ने नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि 2014 से पहले जम्मू-कश्मीर पर हमेशा अलगाववाद और आतंकवाद की परछाई रहती थी. उन्होंने कहा कि 2014 से लेकर 2024 तक जम्मू-कश्मीर का इतिहास लिखा जाएगा तो ये समय स्वर्णिम होगा. शाह ने कहा कि इन 10 सालों में पर्यटन पर फोकस रहा है. उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें अनुच्छेद-370 की परछाई में अलगाववादियों की मांगों के आगे नतमस्तक होती थीं.</p> ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 06 Sep 2024 17:40:46 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>No matter how hard anyone tries, Article 370 will never come back: Amit Shah</media:keywords>
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