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    <title>Delhi Lookout &amp; : बाजार आपके लिए</title>
    <link>https://delhilookout.com/rss/category/Business-news</link>
    <description>Delhi Lookout &amp; : बाजार आपके लिए</description>
    <dc:language>en</dc:language>
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    <dc:rights>Copyright 2024 Delhi Lookout &amp; All Rights Reserved. |  Design and Develop By &amp;lt;a class=&amp;quot; text&amp;light&amp;quot; href=&amp;quot;https://rjinfotechindia.com/&amp;quot;&amp;gt;RJ Infotech&amp;lt;/a&amp;gt;</dc:rights>
    <item>
        <title>“तेल भी हमारा, इजाज़त भी हमारी: भारत को रूसी तेल पर अमेरिका की ‘मियाद वाली मंजूरी’”</title>
        <link>https://delhilookout.com/“The-oil-is-ours,-the-permission-is-ours:-America-grants-India-an-‘expired-approval’-on-Russian-oil.”</link>
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        <description><![CDATA[ <p>भारत-रूस तेल सौदे पर अमेरिका की अस्थायी छूट, व्हाइट हाउस ने दी सफाई<br>United States ने कहा है कि उसने ऊर्जा आपूर्ति में आई अस्थायी कमी को देखते हुए India को समुद्र में पहले से मौजूद रूसी तेल स्वीकार करने की अस्थायी अनुमति दी है। यह बयान White House की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने एक संवाददाता सम्मेलन में दिया।<br>लेविट ने बताया कि यह फैसला राष्ट्रपति Donald Trump, वित्त मंत्री Scott Bessent और राष्ट्रीय सुरक्षा टीम की सलाह के बाद लिया गया। उन्होंने कहा कि ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति में आई अस्थायी कमी को देखते हुए भारत को यह सीमित छूट दी गई है।</p>
<p>प्रेस सचिव के मुताबिक, यह रूसी तेल पहले से समुद्र में मौजूद था और इसे स्वीकार करने से रूस को कोई बड़ा आर्थिक लाभ मिलने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका का एक अहम सहयोगी रहा है और उसने पहले ही प्रतिबंधित रूसी तेल की खरीद रोक दी थी, इसलिए यह फैसला अस्थायी व्यवस्था के तौर पर लिया गया है।</p>
<p>दरअसल, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और Iran के साथ जारी संघर्ष के बीच अमेरिका ने भारतीय रिफाइनरियों को 30 दिनों की अस्थायी छूट दी है, ताकि ऊर्जा आपूर्ति बाधित न हो।</p>
<p>इससे पहले ट्रंप प्रशासन ने रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर 25 प्रतिशत दंडात्मक शुल्क लगाया था। अमेरिकी प्रशासन का आरोप था कि भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद से Russia को Russian invasion of Ukraine के दौरान आर्थिक मदद मिल रही है।</p>
<p>हालांकि, पिछले महीने अमेरिका और भारत ने व्यापार को लेकर एक अंतरिम समझौते की रूपरेखा तैयार करने की घोषणा की थी। इसके बाद ट्रंप ने भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत शुल्क को हटाने का आदेश जारी किया।</p>
<p>ट्रंप ने कहा था कि भारत ने मॉस्को से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से ऊर्जा आयात बंद करने और अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है। अब 30 दिन की यह छूट वैश्विक तेल आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए उठाया गया एक अस्थायी कदम माना जा रहा है।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 18:28:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>“The oil is ours, the permission is ours: America grants India an ‘expired approval’ on Russian oil.”</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>1 फरवरी 2026 को संसद में पेश होगा देश का 80वां बजट! वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार करेंगी बजट पेश।</title>
        <link>https://delhilookout.com/The-countrys-80th-budget-will-be-presented-in-Parliament-on-February-1,-2026-Finance-Minister-Nirmala-Sitharaman-will-present-the-budget-for-the-ninth-consecutive-time.</link>
        <guid>https://delhilookout.com/The-countrys-80th-budget-will-be-presented-in-Parliament-on-February-1,-2026-Finance-Minister-Nirmala-Sitharaman-will-present-the-budget-for-the-ninth-consecutive-time.</guid>
        <description><![CDATA[ <p data-pm-slice="1 1 []"><span data-hovered="false" data-sentence="b5d108d3c503ec19_0_0">देश का आम बजट 1 फरवरी 2026 को संसद में पेश किया जाएगा. </span><span data-hovered="false" data-sentence="b5d108d3c503ec19_0_1">इस बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार बजट पेश करेंगी. </span><span data-hovered="false" data-sentence="b5d108d3c503ec19_0_2">यह स्वतंत्र भारत का 80वां बजट होगा. </span><span data-hovered="false" data-sentence="b5d108d3c503ec19_0_3">हर साल की तरह इस बार भी किसान, नौकरीपेशा, महिलाएं, युवा और व्यापारी वर्ग को बजट से बड़ी उम्मीदें हैं. </span><span data-hovered="false" data-sentence="b5d108d3c503ec19_0_4">लोग जानना चाहते हैं कि टैक्स में राहत मिलेगी या नहीं और महंगाई पर काबू पाया जाएगा या नहीं. </span><span data-hovered="false" data-sentence="b5d108d3c503ec19_0_5">बता दें कि आज बजट का आकार लाखों करोड़ का है, लेकिन क्या आपको पता है कि आजाद भारत में पहला बजट कितने रुपये का था? </span><span data-hovered="false" data-sentence="b5d108d3c503ec19_0_6">तो आइए यहां जानते हैं पहले बजट की पूरी कहानी.</span><br><span data-hovered="false" data-sentence="b5d108d3c503ec19_0_7">बजट दरअसल सरकार का सालाना आर्थिक खाका होता है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="b5d108d3c503ec19_0_8">इसमें आने वाले वित्त वर्ष के लिए सरकार की अनुमानित आय और खर्च का पूरा ब्योरा दिया जाता है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="b5d108d3c503ec19_0_9">भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 के अनुसार, केंद्रीय बजट सरकार का वार्षिक वित्तीय दस्तावेज होता है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="b5d108d3c503ec19_0_10">बजट दो हिस्सों में होता है- रेवेन्यू बजट (जिसमें रोजमर्रा की आय और खर्च शामिल होते हैं) और कैपिटल बजट (जिसमें बड़े निवेश, कर्ज और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े खर्च आते हैं).</span><span data-hovered="false" data-sentence="b5d108d3c503ec19_0_11">बहुत कम लोग जानते हैं कि भारत का पहला बजट आजादी के बाद नहीं, बल्कि ब्रिटिश शासन के दौरान पेश हुआ था. </span><span data-hovered="false" data-sentence="b5d108d3c503ec19_0_12">7 अप्रैल 1860 को ब्रिटिश भारत के वित्त मंत्री जेम्स विल्सन ने पहला बजट पेश किया था. </span><span data-hovered="false" data-sentence="b5d108d3c503ec19_0_13">उस समय बजट का मकसद आम लोगों की भलाई नहीं, बल्कि अंग्रेजी हुकूमत की जरूरतें पूरी करना था. </span><span data-hovered="false" data-sentence="b5d108d3c503ec19_0_14">इसी बजट में पहली बार आयकर लगाने की घोषणा की गई थी.</span><br><span data-hovered="false" data-sentence="b5d108d3c503ec19_0_15">भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली. </span><span data-hovered="false" data-sentence="b5d108d3c503ec19_0_16">इसके करीब तीन महीने बाद 26 नवंबर 1947 को आजाद भारत का पहला यूनियन बजट संसद में पेश किया गया. </span><span data-hovered="false" data-sentence="b5d108d3c503ec19_0_17">इसे देश के पहले वित्त मंत्री सर आर.के. शनमुखम चेट्टी ने पेश किया था. </span><span data-hovered="false" data-sentence="b5d108d3c503ec19_0_18">यह बजट पूरे साल के लिए नहीं, बल्कि साढ़े सात महीने यानी 15 अगस्त 1947 से 31 मार्च 1948 तक के लिए बनाया गया था.</span><br><span data-hovered="false" data-sentence="b5d108d3c503ec19_0_19">इस पहले बजट की एक खास बात यह थी कि देश के बंटवारे के बावजूद भारत और पाकिस्तान सितंबर 1948 तक एक ही मुद्रा का इस्तेमाल करने पर सहमत थे. </span><span data-hovered="false" data-sentence="b5d108d3c503ec19_0_20">बाद में आर.के. शनमुखम चेट्टी के इस्तीफे के बाद जॉन मथाई ने वित्त मंत्री का पद संभाला और 1949-50 का बजट पेश किया, जो पूरी तरह एकीकृत भारत का पहला बजट माना जाता है.</span><br><span data-hovered="false" data-sentence="b5d108d3c503ec19_0_21">आपको बता दें कि आजाद भारत का पहला बजट आकार में बेहद छोटा था. </span><span data-hovered="false" data-sentence="b5d108d3c503ec19_0_22">उस समय सरकार की कुल अनुमानित आय 171.15 करोड़ रुपये थी, जबकि कुल खर्च करीब 197.29 करोड़ रुपये आंका गया था. </span><span data-hovered="false" data-sentence="b5d108d3c503ec19_0_23">इस तरह पहला बजट करीब 24.59 करोड़ रुपये के घाटे का था. </span><span data-hovered="false" data-sentence="b5d108d3c503ec19_0_24">उस दौर में देश की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती थी, इसलिए बजट का बड़ा हिस्सा रक्षा पर खर्च किया गया. </span><span data-hovered="false" data-sentence="b5d108d3c503ec19_0_25">रक्षा बजट करीब 92.74 करोड़ रुपये था, जो कुल खर्च का लगभग आधा हिस्सा था. </span><span data-hovered="false" data-sentence="b5d108d3c503ec19_0_26">आज जब बजट लाखों करोड़ रुपये का हो चुका है, तब भारत के पहले बजट के ये आंकड़े देश की आर्थिक यात्रा को साफ तौर पर दिखाते हैं.</span></p> ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 27 Jan 2026 18:13:39 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>The country&#039;s 80th budget will be presented in Parliament on February 1, 2026! Finance Minister Nirmala Sitharaman will present the budget for the ninth consecutive time.</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>दिल्ली में नवंबर से पहली सरकारी टैक्सी &amp;भारत टैक्सी देगी ओला और उबर को टक्कर! 100  प्रतिशत पैसा होगा सिर्फ ड्राइवर का</title>
        <link>https://delhilookout.com/The-first-government-run-taxis-will-arrive-in-Delhi-in-November---Bharat-Taxi-will-take-on-Ola-and-Uber-The-driver-will-receive-100-of-the-money.</link>
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        <description><![CDATA[ <p data-pm-slice="1 1 []"><span data-hovered="false" data-sentence="8721965db8802c69_0_0">देश में पहली सरकारी टैक्सी सेवा शुरू होने वाली है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="8721965db8802c69_0_1">इस सर्विस का नाम- भारत टैक्सी है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="8721965db8802c69_0_2">पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ये सबसे पहले दिल्ली में नवंबर से शुरू होगी, 650 ड्राइवर साथ रहेंगे. </span><span data-hovered="false" data-sentence="8721965db8802c69_0_3">देश के बाकी राज्यों में दिल्ली के बाद विस्तार होगा. </span><span data-hovered="false" data-sentence="8721965db8802c69_0_4">देश भर में पांच हजार ड्राइवर इस योजना के साथ जुड़ेंगी, जिसमें महिला ड्राइवरें भी शामिल हैं. </span><span data-hovered="true" data-sentence="8721965db8802c69_0_5">देश में अभी ओला-ऊबर जैसी निजी कंपनियां टैक्सी सर्विस के क्षेत्र में काम कर रही है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="8721965db8802c69_0_6">लेकिन कई बार इनकी सुरक्षा से जुड़े सवाल सामने आते हैं, जिस वजह से सरकार खुद की निगरानी वाले टैक्सी सर्विस देश में शुरू करने वाली है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="8721965db8802c69_0_7">भारत टैक्सी पहली राष्ट्रीय सहकारी राइड हेलिंग प्लेटफॉर्म है, जिसे सहकारिता मंत्रालय और राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिविजन ने मिलकर शुरू किया है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="8721965db8802c69_0_8">इसमें ड्राइवर भी सह-मालिक होंगे. </span><span data-hovered="false" data-sentence="8721965db8802c69_0_9">सरकार ने सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड के साथ हाल ही में इसके लिए एमओयू साइन किया है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="8721965db8802c69_0_10">भारत टैक्सी का ऐप भी ओला और ऊबर जैसा ही होगा. </span><span data-hovered="false" data-sentence="8721965db8802c69_0_11">नवंबर में ऐप स्टोर से इसे डाउनलोड किया जा सकता है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="8721965db8802c69_0_12">चार भाषाओं (हिंदी, गुजराती, मराठी और अंग्रेजी) में इस ऐप को इस्तेमाल किया जा सकता है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="8721965db8802c69_0_13">खास बात है कि इस ऐप द्वारा की गई हर राइड का 100 प्रतिशत पैसा सिर्फ ड्राइवर को ही मिलेगा. </span><span data-hovered="false" data-sentence="8721965db8802c69_0_14">दैनिक, साप्ताहिक या फिर मासिक आधार पर ड्राइवर को शुल्क देना होगा और ये शुल्क बहुत ही सामान्य होगा. </span></p> ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 24 Oct 2025 18:00:37 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>The first government-run taxis will arrive in Delhi in November - Bharat Taxi will take on Ola and Uber! The driver will receive 100% of the money.</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>एप्पल ने लॉन्च किए चार नए iPhone 17 मॉडल, iPhone Air बना अब तक का सबसे पतला</title>
        <link>https://delhilookout.com/iPhone-Apple-launches-four-new-iPhone-17-models,-iPhone-Air-becomes-the-thinnest-iPhone-ever</link>
        <guid>https://delhilookout.com/iPhone-Apple-launches-four-new-iPhone-17-models,-iPhone-Air-becomes-the-thinnest-iPhone-ever</guid>
        <description><![CDATA[ <p data-pm-slice="1 1 []"><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_0_0">एप्पल ने लॉन्च किए चार नए iPhone 17 मॉडल, iPhone Air बना अब तक का सबसे पतला iPhone</span></p>
<p><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_1_0">नई दिल्ली। </span><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_1_1">टेक जायंट एप्पल ने अपने बहुप्रतीक्षित iPhone 17 सीरीज़ लॉन्च कर दी है। </span><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_1_2">इस बार कंपनी ने Plus मॉडल को हटाकर उसकी जगह iPhone Air पेश किया है, जिसे एप्पल अब तक का सबसे पतला iPhone बता रही है। </span><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_1_3">साथ ही, इस बार 128GB स्टोरेज ऑप्शन को हटा दिया गया है—</span><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_1_4">अब सभी नए मॉडल की शुरुआत 256GB स्टोरेज से होगी।</span></p>
<p><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_2_0">iPhone 17: </span><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_2_1">कीमत और फीचर्स</span><br><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_2_1">iPhone 17 की शुरुआती कीमत ₹82,900 रखी गई है। </span><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_2_2">यह 256GB स्टोरेज के साथ आता है, जबकि 512GB वेरिएंट की कीमत ₹1,02,900 है। </span><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_2_3">फोन 19 सितंबर से ग्लोबली बिक्री के लिए उपलब्ध होगा।</span><br><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_2_4">डिस्प्ले: </span><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_2_5">6.3-इंच Super Retina XDR OLED, 120Hz रिफ्रेश रेट, 3,000 निट्स ब्राइटनेस</span><br><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_2_5">चिपसेट: </span><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_2_6">नया A19 चिप (iPhone 16 से 40% तेज)</span><br><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_2_7">कैमरा: </span><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_2_8">रियर में 48MP डुअल सेंसर (टेलीफोटो सपोर्ट के साथ), फ्रंट में 18MP Centre Stage कैमरा</span><br><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_2_8">कलर: लैवेंडर, मिस्ट ब्लू, व्हाइट और ब्लैक</span></p>
<p><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_3_0">iPhone Air: </span><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_3_1">कीमत और फीचर्स</span><br><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_3_1">iPhone Air की शुरुआती कीमत ₹1,19,900 (256GB) से शुरू होती है, जबकि 512GB और 1TB वेरिएंट की कीमत क्रमशः ₹1,39,900 और ₹1,59,900 रखी गई है।</span><br><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_3_2">डिज़ाइन: </span><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_3_3">अब तक का सबसे पतला iPhone (5.6mm), 80% रिसाइकल्ड टाइटेनियम से निर्मित</span><br><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_3_3">डिस्प्ले: </span><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_3_4">6.5-इंच Super Retina XDR OLED, 120Hz ProMotion, 3,000 निट्स ब्राइटनेस</span><br><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_3_4">चिपसेट: </span><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_3_5">A19 Pro + नया N1 चिप (Wi-Fi 7, Bluetooth 6 सपोर्ट)</span><br><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_3_6">कैमरा: </span><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_3_7">48MP फ्यूज़न मेन सेंसर, 2X टेलीफोटो, OIS; </span><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_3_8">18MP Centre Stage फ्रंट कैमरा</span><br><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_3_8">iPhone 17 Pro और iPhone 17 Pro Max: </span><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_3_9">कीमत और फीचर्स</span><br><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_3_9">iPhone 17 Pro: </span><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_3_10">256GB वेरिएंट ₹1,34,900, 512GB ₹1,54,900, 1TB ₹1,74,900</span><br><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_3_10">iPhone 17 Pro Max: </span><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_3_11">256GB वेरिएंट ₹1,49,900, 512GB ₹1,69,900, 1TB ₹1,89,900, और 2TB ₹2,29,900</span></p>
<p><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_4_0">स्पेसिफिकेशन:</span><br><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_4_1">डिस्प्ले: </span><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_4_2">iPhone 17 Pro – 6.3 इंच, Pro Max – 6.9 इंच Super Retina XDR OLED, 120Hz ProMotion</span><br><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_4_2">बॉडी: </span><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_4_3">नया यूनिबॉडी डिज़ाइन, वेपर चेंबर कूलिंग सिस्टम</span><br><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_4_3">चिपसेट: </span><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_4_4">A19 Pro (6-कोर CPU, 6-कोर GPU, न्यूरल एक्सेलेरेटर), </span><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_4_5">40% तेज</span><br><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_4_5">कैमरा: </span><span data-hovered="false" data-sentence="c18e3aa2e71a0b52_4_6">ट्रिपल 48MP लेंस (प्राइमरी, अल्ट्रा-वाइड, टेलीफोटो), टेलीफोटो लेंस 8x ऑप्टिकल और 40x डिजिटल ज़ूम</span></p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 10 Sep 2025 17:24:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>iPhone Apple launches four new iPhone 17 models, iPhone Air becomes the thinnest iPhone ever</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>GST Council meeting: गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) काउंसिल की 56वीं बैठक 3 और 4 सितंबर 2025  को​ दिल्ली में</title>
        <link>https://delhilookout.com/GST-Council-meeting:-56th-meeting-of-the-Goods-and-Services-Tax-GST-Council-on-3-and-4-September-2025-in-Delhi</link>
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        <description><![CDATA[ <p data-pm-slice="1 1 []"><span data-hovered="false" data-sentence="ff34f794cac777a9_0_0">GST Council meeting: </span><span data-hovered="false" data-sentence="ff34f794cac777a9_0_1">गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) काउंसिल की 56वीं बैठक 3 और 4 सितंबर 2025 को​ दिल्ली में होगी. </span><span data-hovered="false" data-sentence="ff34f794cac777a9_0_2">यह बैठक सुबह 11 बजे से आरंभ होगी. </span><span data-hovered="false" data-sentence="ff34f794cac777a9_0_3">बैठक से पहले दो सितंबर को अधिकारियों की बैठक रखी गई है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="ff34f794cac777a9_0_4">इसमें एजेंडा तैयार किया गया जाएगा. </span><span data-hovered="false" data-sentence="ff34f794cac777a9_0_5">इसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों को इसमें जुड़ने के लिए आमंत्रित किया गया है.</span><br><span data-hovered="false" data-sentence="ff34f794cac777a9_0_6">इस बैठक त्योहारों के सीजन से ठीक पहले होने वाली है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="ff34f794cac777a9_0_7">केंद्र सरकार यह चाहती है कि दशहरा और दिवाली से पहले GST दरों में कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचे. </span><span data-hovered="true" data-sentence="ff34f794cac777a9_0_8">ऐसे में बैठक में टैक्स स्लैब पर बड़ा निर्णय लिया जा सकता है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="ff34f794cac777a9_0_9">21 अगस्त को मंत्री समूह (GoM) की बैठक में कई सुझाव दिए गए. </span><span data-hovered="false" data-sentence="ff34f794cac777a9_0_10">इस चार स्लैब में 5%, 12%, 18% और 28% की जगह पर सिर्फ दो स्लैब होंगे 5% और 18% रखा गया है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="ff34f794cac777a9_0_11">इसके साथ केंद्र ने "सिन गुड्स" और "अल्ट्रा लग्जरी आइटम्स" के लिए 40 प्रतिशत की अलग दर रखने का सुझाव दिया है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="ff34f794cac777a9_0_12">कई राज्यों ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति व्यक्ति है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="ff34f794cac777a9_0_13">उनका कहना है कि टैक्स दरें घटने से राजस्व पर असर पड़ेगा. </span><span data-hovered="false" data-sentence="ff34f794cac777a9_0_14">इसलिए राज्यों ने केंद्र से संभावित नुकसान का आंकलन करने और मुआवजा देने की मांग की है.</span><br><span data-hovered="false" data-sentence="ff34f794cac777a9_0_15">अगर टैक्स स्लैब कम किए जाते हैं तो कई प्रोडक्ट्स और सेवाओं पर टैक्स कम हो जाएगा. </span><span data-hovered="false" data-sentence="ff34f794cac777a9_0_16">इससे आम उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलेगा. </span><span data-hovered="false" data-sentence="ff34f794cac777a9_0_17">दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों पर जब बाजार में खरीदारी बढ़ती है, उस समय कीमतें घटने से उपभोक्ताओं का खर्च हल्का होगा और डिमांड भी बढ़ेगी. </span><span data-hovered="false" data-sentence="ff34f794cac777a9_0_18">GST काउंसिल की पिछली बैठकों में भी कई अहम फैसले लिए गए थे. </span><span data-hovered="false" data-sentence="ff34f794cac777a9_0_19">छोटे कारोबारियों के लिए रिटर्न फाइलिंग आसान बनाई गई. </span><span data-hovered="false" data-sentence="ff34f794cac777a9_0_20">MSME सेक्टर को राहत गई थी. </span><span data-hovered="false" data-sentence="ff34f794cac777a9_0_21">कुछ खाद्य उत्पादों पर टैक्ट घटाया गया. </span><span data-hovered="false" data-sentence="ff34f794cac777a9_0_22">राज्यों को मुआवजा फंड भी जारी किया गया. </span><span data-hovered="false" data-sentence="ff34f794cac777a9_0_23">इस बार की बैठक में अगर टैक्स स्लैब पर सहमति बन जाती है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="ff34f794cac777a9_0_24">यह अब तक का सबसे बड़ा बदलाव होगा. </span><span data-hovered="false" data-sentence="ff34f794cac777a9_0_25">इससे GST व्यवस्था और सरल होगी. </span><span data-hovered="false" data-sentence="ff34f794cac777a9_0_26">हालांकि, राज्यों की राजस्व हानि को देखते हुए मुआवजे का मुद्दा भी अहम होगा. </span></p> ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 26 Aug 2025 18:25:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>GST Council meeting: 56th meeting of the Goods and Services Tax (GST) Council on 3 and 4 September 2025 in Delhi</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>अमेरिकी टैरिफ ने भारत की इकोनॉमी के सामने खड़ी कर बड़ी चुनौती! हर सेक्टर में होगा गहरा असर</title>
        <link>https://delhilookout.com/US-tariffs-pose-a-big-challenge-to-Indias-economy-Every-sector-will-be-deeply-affected</link>
        <guid>https://delhilookout.com/US-tariffs-pose-a-big-challenge-to-Indias-economy-Every-sector-will-be-deeply-affected</guid>
        <description><![CDATA[ <p data-pm-slice="1 1 []"><span data-hovered="false" data-sentence="be5cd07107346118_0_0">अमेरिकी टैरिफ भारत की इकोनॉमी के सामने सबसे बड़ा रोड़ा बनकर खड़ा हो गया है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="be5cd07107346118_0_1">इसकी वजह से न सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग प्रभावित होगा बल्कि निर्यात से लेकर हर सेक्टर पर इसका असर महसूस होने की आहट सुनाई देने लगी है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="be5cd07107346118_0_2">रेटिंग एजेंसी मूडीज ने शुक्रवार आगाह करते हुए कहा कि अगर अमेरिका 27 अगस्त से भारतीय निर्यात पर कुल 50 प्रतिशत आयात शुल्क लागू कर देता है, तो वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर घटकर 6 प्रतिशत रह जाएगी. </span><span data-hovered="false" data-sentence="be5cd07107346118_0_3">यह अनुमान चालू वित्त वर्ष के लिए 6.3 प्रतिशत वृद्धि दर के मौजूदा पूर्वानुमान से 0.3 प्रतिशत अंक कम है.</span><br><span data-hovered="false" data-sentence="be5cd07107346118_0_4">हालांकि, रेटिंग एजेंसी ने कहा कि भारत की मजबूत घरेलू मांग और सेवाओं के क्षेत्र की मजबूती अमेरिकी शुल्क के दबाव को कुछ हद तक कम करने में सफल रहेगी. </span><span data-hovered="true" data-sentence="be5cd07107346118_0_5">इसके साथ ही मूडीज ने कहा कि उच्च अमेरिकी शुल्क पर भारत की प्रतिक्रिया से ही यह तय होगा कि इसका भारत की आर्थिक वृद्धि, मुद्रास्फीति और बाह्य स्थिति (external position) पर क्या असर पड़ेगा.</span><span data-hovered="false" data-sentence="be5cd07107346118_0_6">अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 6 अगस्त को भारतीय आयात पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क की घोषणा की थी. </span><span data-hovered="false" data-sentence="be5cd07107346118_0_7">इसके साथ ही 27 अगस्त से भारतीय उत्पादों पर लगने वाला कुल शुल्क बढ़कर 50 प्रतिशत हो जाएगा.</span><br><span data-hovered="false" data-sentence="be5cd07107346118_0_8">मूडीज ने कहा कि भारतीय आयात पर लगाया गया 50 प्रतिशत शुल्क, एशिया-प्रशांत क्षेत्र के अन्य देशों पर लागू 15-20 प्रतिशत शुल्क की तुलना में कहीं अधिक है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="be5cd07107346118_0_9">लंबे समय में इसका असर भारत के विनिर्माण क्षेत्र, खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे मूल्यवर्धित क्षेत्रों की विकास योजनाओं पर पड़ सकता है.</span><span data-hovered="false" data-sentence="be5cd07107346118_0_10">एजेंसी ने यह भी कहा कि भारत के पास बाहरी अस्थिरता से निपटने के लिए पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार है और सरकार संभवतः धीरे-धीरे राजकोषीय और ऋण नियंत्रण पर अपना ध्यान बनाए रखेगी. </span><span data-hovered="false" data-sentence="be5cd07107346118_0_11">मूडीज ने बताया कि वर्ष 2022 के बाद से भारत ने रूस से सस्ते कच्चे तेल का आयात किया है, जिससे उसे मुद्रास्फीति और चालू खाते के घाटे पर दबाव कम करने में मदद मिली है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="be5cd07107346118_0_12">वर्ष 2024 में भारत का रूस से तेल आयात बढ़कर 56.8 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जबकि 2021 में यह केवल 2.8 अरब डॉलर था.</span></p> ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 08 Aug 2025 16:50:23 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>US tariffs pose a big challenge to India&#039;s economy! Every sector will be deeply affected</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 25 प्रतिशत टैरिफ के बाद भारत के बाजार भारी निराशा!</title>
        <link>https://delhilookout.com/Indian-markets-are-in-deep-disappointment-after-US-President-Donald-Trumps-25-tariff</link>
        <guid>https://delhilookout.com/Indian-markets-are-in-deep-disappointment-after-US-President-Donald-Trumps-25-tariff</guid>
        <description><![CDATA[ <p data-pm-slice="1 1 []"><span data-hovered="false" data-sentence="ca767fefd0abedca_0_0">अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत नए टैरिफ के बाद घरेलू बाजार में भारी निराशा देखी जा रही है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="ca767fefd0abedca_0_1">वैश्विक बाजार में जारी अनिश्चितता और एशियाई बाजार में गिरावट के बीच हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन, शुक्रवार 1 अगस्त 2025 को सेंसेक्स 175 अंक टूट गया, जबकि निफ्टी भी 24,750 के नीचे जाकर कारोबार कर रहा है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="ca767fefd0abedca_0_2">हालांकि, हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर में चार प्रतिशत की तेजी देखी जा रही है.</span></p>
<p><span data-hovered="false" data-sentence="ca767fefd0abedca_1_0">भारत-यूएस के बीच बातचीत पर फोकस</span></p>
<p><span data-hovered="false" data-sentence="ca767fefd0abedca_2_0">जियोजीत इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट डॉ. विजय कुमार का कहना है कि जुलाई में निफ्टी में 3.1 प्रतिशत की गिरावट के बाद अगस्त के पहले ही दिन बाजार में गिरावट देखी जा रही है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="ca767fefd0abedca_2_1">उन्होंने कहा कि टैरिफ से संबंधित खबरों का अभी बाजार पर जबरदस्त असर बना रहेगा.</span></p>
<p><span data-hovered="false" data-sentence="ca767fefd0abedca_3_0">हालांकि, नए टैरिफ की दरें 7 अगस्त को लागू होंगी, और उसके पहले अमेरिका के साथ अन्य देशों को बातचीत का मौका दिया गया है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="ca767fefd0abedca_3_1">इससे टैरिफ की दरों में नरमी आने की संभावना बनी हुई है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="ca767fefd0abedca_3_2">इस महीने की शुरुआत में संभावित बातचीत के अगले दौर के बाद टैरिफ कम होने की उम्मीद जताई जा रही है.</span></p>
<p><span data-hovered="false" data-sentence="ca767fefd0abedca_4_0">एक दिन पहले भी गिरावट</span></p>
<p><span data-hovered="false" data-sentence="ca767fefd0abedca_5_0">एक दिन पहले गुरुवार को BSE पर 30 कंपनियों वाला सेंसेक्स 296 अंक यानी 0.36 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81,185.58 अंक पर बंद हुआ. </span><span data-hovered="false" data-sentence="ca767fefd0abedca_5_1">वहीं, NSE पर निफ्टी 50 भी 86.70 अंक यानी 0.35 प्रतिशत लुढ़ककर 24,768.35 अंक पर बंद हुआ..</span></p> ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 01 Aug 2025 18:13:23 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>Indian markets are in deep disappointment after US President Donald Trump&#039;s 25% tariff!</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>यूएई है दुनिया में सबसे ज्यादा जॉब देने वाला देश! अमेरिका और कनाड़ा को भी पछाड़ा</title>
        <link>https://delhilookout.com/UAE-is-the-country-providing-the-most-jobs-in-the-world-It-has-surpassed-America-and-Canada-as-well</link>
        <guid>https://delhilookout.com/UAE-is-the-country-providing-the-most-jobs-in-the-world-It-has-surpassed-America-and-Canada-as-well</guid>
        <description><![CDATA[ <p>इंसान को आमतौर पर लगता है कि कनाडा, अमेरिका या ब्रिटेन जैसे देशों में नौकरी की संभावनाएं अधिक हैं, लेकिन इन सभी को पीछे छोड़ते हुए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पहले पायदान पर है. साल 2025 की तीसरी तिमाही में हायरिंग के मामले में दुनिया भर में पहले नंबर पर है. यहां का नेट एम्प्लॉयमेंट आउटलुक (NEO) +48 परसेंट है, जो ग्लोबल एवरेज +24 परसेंट से कहीं ज्यादा है. NEO एक सर्वे बेस्ड नंबर है, जिससे यह पता चलता है कि हायरिंग को लेकर एम्प्लॉयर्स के क्या इरादे हैं. इससे श्रम बाजार के रूझानों के बारे में पता लगता है कि मार्केट में नौकरी की कितनी संभावनाएं हैं.संयुक्त अरब अमीरात के 56 परसेंट एम्प्लॉयर्स को अपने वर्कफोर्स का दायरा बढ़ाने की उम्मीद है. केवल 8 परसेंट ही ऐसे हैं, जिन्हें कर्मचारियों की संख्या में कमी आने की संभावनाएं नजर आती हैं. यहां के टॉप हायरिंग सेक्टर्स में ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और ऑटोमेटिव (+64 परसेंट), कन्ज्यूमर गुड्स एंड सर्विसेज (+60 परसेंट), एनर्जी और यूटिलिटीज (+62 परसेंट) शामिल हैं. ये सभी वैश्विक मानदंडों से कहीं ऊपर हैं. यहां के एम्प्लॉयर्स बढ़ती महंगाई के साथ कई तरह की सुविधाएं दे रहे हैं जैसे कि तरह-तरह के भत्ते, परफॉर्मेंस बोनस, काम करने के लिए हाइब्रिड या रिमोट ऑप्शन वगैरह. इन्हें देखते हुए ग्लोबल जॉब मार्केट में यूएई 2025 की तीसरी तिमाही में नौकरी चाहने वालों के लिए दुनिया के सबसे आशाजनक गंतव्य के रूप में उभरा है. मैनपावरग्रुप के हालिया एम्प्लॉयमेंट आउटलुक सर्वे के मुताबिक, यूएई ने रिकॉर्ड तोड़ नेट एम्प्लॉयमेंट आउटलुक (NEO) +48 परसेंट दर्ज किया है. इससे यह दुनियाभर में हायरिंग के मामले में टॉप रैंकिंग वाला देश बन गया है. आधे से अधिक एम्प्लॉयर्स खासतौर पर लॉजिस्टिक्स, कन्ज्यूमर गुड्स और एनर्जी जैसे सेक्टर्स में अपना वर्कफोर्स बढ़ाने का प्लान बना रहे हैं</p> ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 29 Jul 2025 15:42:34 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>UAE is the country providing the most jobs in the world! It has surpassed America and Canada as well</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>सरकारी टेलीकॉम कंपनी एमटीएनएल नही चुका पा रही पब्लिक सेक्टर बैंको का 8,585 करोड़ रुपये का कर्ज! खबर बाहर आते ही एमटीएनएल के शेयर हुए धड़ाम</title>
        <link>https://delhilookout.com/Government-telecom-company-MTNL-is-unable-to-repay-the-loan-of-Rs-8,585-crore-to-public-sector-banks-As-soon-as-the-news-came-out,-MTNL-shares-crashed</link>
        <guid>https://delhilookout.com/Government-telecom-company-MTNL-is-unable-to-repay-the-loan-of-Rs-8,585-crore-to-public-sector-banks-As-soon-as-the-news-came-out,-MTNL-shares-crashed</guid>
        <description><![CDATA[ <p data-pm-slice="1 1 []"><span data-hovered="false" data-sentence="0353d79f82ac37d8_0_0">सरकारी टेलीकॉम कंपनी महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (MTNL) कर्ज में डूबी है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="0353d79f82ac37d8_0_1">कंपनी ने अपने रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि वह इस वक्त आर्थिक संकट का सामना कर रही है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="0353d79f82ac37d8_0_2">कंपनी ने बताया कि वह सात पब्लिक सेक्टर के बैंकों से लिए गए 8,585 करोड़ रुपये के लोन और उस पर ब्याज का पेमेंट करने से चूक गई है. </span><br><span data-hovered="false" data-sentence="0353d79f82ac37d8_0_3">मंगलवार को एक रेगुलेटरी फाइलिंग में MTNL ने कहा कि उसने कुछ बड़े सरकारी बैंकों से लोन लिया था. </span><span data-hovered="false" data-sentence="0353d79f82ac37d8_0_4">अब वह ब्याज सहित इसकी पूरी रकम चुकाने में नाकाम साबित हुई है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="0353d79f82ac37d8_0_5">इस खुलासे का असर MTNL के शेयरों पर दिखा. </span><span data-hovered="true" data-sentence="0353d79f82ac37d8_0_6">मंगलवार को MTNL के शेयर 4.80 परसेंट टूटकर 49.59 रुपये पर बंद हुए, जो पिछले सेशन से 2.50 रुपये कम है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="0353d79f82ac37d8_0_7">फाइलिंग में जिन बैंकों के नाम हैंउनमें यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, यूको बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक शामिल हैं. </span><span data-hovered="false" data-sentence="0353d79f82ac37d8_0_8">कंपनी ने बताया कि लोन पेमेंट में यह डिफॉल्ट अगस्त 2024 से फरवरी 2025 के दौरान हुई है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="0353d79f82ac37d8_0_9">कुल बकाए राशि में 7,794.34 करोड़ का मूलधन और 790.59 करोड़ रुपये का ब्याज है.</span><br><span data-hovered="false" data-sentence="0353d79f82ac37d8_0_10">इनमें सबसे अधिक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का 3,733.22 करोड़ रुपये का बकाया है और इसके बाद इंडियन ओवरसीज बैंक 2,434.13 करोड़ बकाया है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="0353d79f82ac37d8_0_11">MTNL भारी कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="0353d79f82ac37d8_0_12">उस पर टोटल 34,484 करोड़ रुपये का कर्ज है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="0353d79f82ac37d8_0_13">इसमें 8,585 करोड़ रुपये के लोन के साथ-साथ 24,071 करोड़ रुपये का सॉवरेन गारंटी बॉन्ड और उस पर ब्याज के भुगतान के लिए दूरसंचार विभाग से लिया गया 1,828 करोड़ रुपये का लोन भी शामिल है.</span><br><span data-hovered="false" data-sentence="0353d79f82ac37d8_0_14">सरकार ने पहले कंपनी को आर्थिक मदद दी है, लेकिन जिस तरह से कंपनी पर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है उसे देखते हुए इसकी रिकवरी पर सवाल पैदा होने लगे हैं. </span></p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 16 Jul 2025 15:56:25 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>Government telecom company MTNL is unable to repay the loan of Rs 8, 585 crore to public sector banks! As soon as the news came out, MTNL shares crashed</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>जवां और खूबसूरत दिखाने के किए जाने वाले&amp;एजिंग ट्रीटमेंट का भारत में है 114 करोड़ रूपए से भी ज्यादा का सालाना व्यापार!</title>
        <link>https://delhilookout.com/Anti-aging-treatments-to-make-one-look-young-and-beautiful-have-an-annual-business-of-over-Rs-114-crore-in-India</link>
        <guid>https://delhilookout.com/Anti-aging-treatments-to-make-one-look-young-and-beautiful-have-an-annual-business-of-over-Rs-114-crore-in-India</guid>
        <description><![CDATA[ <p data-pm-slice="1 1 []"><span data-hovered="false" data-sentence="ddc4cddc0728a6af">एक्ट्रेस-मॉडल शेफाली जरीवाला की मौत को लेकर तरह-तरह की खबरें सामने आ रही हैं. </span><span data-hovered="false" data-sentence="1c4cda6a3d9b310c">हाल ही में मुंबई पुलिस की जांच में उनके घर से कई तरह की दवाइयां बरामद हुई हैं. </span><span data-hovered="false" data-sentence="b0c768f6293e80b7">इनमें ग्लूटाथियोन (Glutathione) भी शामिल हैं. </span><span data-hovered="false" data-sentence="f19f9df785c24d3e">बताया जा रहा है कि शेफाली जरीवाला खुद को जवां और खूबसूरत दिखाने के लिए पिछले 7-8 सालों से एंटी-एजिंग ट्रीटमेंट करवा रही हैं. </span><span data-hovered="true" data-sentence="61690d3727c27a11">भारत में इसी ग्लूटाथियोन का बाजार तेजी से बढ़ता जा रहा है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="5af65e7cfcbdd606">रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे देश में अकेले ग्लूटाथियोन का मार्केट 114 करोड़ रुपये से ज्यादा का बताया जा रहा है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="17bb2567d918f23c">वहीं, पूरी स्किन ब्राइटनिंग दवाइयों के बाजार की बात करें तो यह 1,600 करोड़ रुपये से ज्यादा का बताया जा रहा है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="25e70f7f3b8ac658">भारत में ग्लूटाथियोन टैबलेट के मार्केट साइज की बात करें, तो यह 100 करोड़ से भी ज्यादा पहुंच चुका है.</span><span data-hovered="false" data-sentence="96ef5bd89cc41e56">एक रिपोर्ट के मुताबिक, जहां 2024 में भारत में इसका मार्केट 13.39 मिलियन डॉलर यानी 114 करोड़ रुपये का रहा. </span><span data-hovered="false" data-sentence="48db778cc6aa1e1f">खास बात तो यह है कि इस दवा की डिमांड इतनी ज्यादा है कि इसकी बिक्री में करीब 13 CAGR के करीब ग्रोथ देखी जा रही है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="0c68eeb43c753b19">फार्मा और कॉस्मेटिक इंडस्ट्री में स्किन केयर प्रोडक्ट्स में ग्लूटाथियोन की मांग लगातार बढ़ती जा रही है. </span><span data-hovered="false" data-sentence="368ef58d1abb8429">भारत में कई सारी कंपनियां ग्लूटाथियोन टैबलेट बनाती हैं. </span><span data-hovered="false" data-sentence="d5156e70e638a4a0">इनमें ग्रीनवेल लाइफसाइन्स, डीएम फार्मा, यक्सन बायोकेयर प्राइवेट लिमिटेड, ज़ीके हेल्थकेयर और ग्लेडियर वेलनेस के नाम शामिल हैं. </span><span data-hovered="false" data-sentence="1f73a508aa05772f">इनके अलावा, सेतु न्यूट्रिशन, कार्बामाइड फोर्ट और हर्बल मैक्स जैसे ब्रांड विभिन्न फॉर्मूलेशन के साथ ग्लूटाथियोन सप्लीमेंट बेचते हैं. </span></p> ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 01 Jul 2025 17:58:01 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>Anti-aging treatments to make one look young and beautiful have an annual business of over Rs 114 crore in India!</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गोरखपुर से नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की करेंगे शुरुआत! 21 जून से दौड़गी पटरी पर</title>
        <link>https://delhilookout.com/Prime-Minister-Narendra-Modi-will-launch-the-new-Vande-Bharat-Express-train-from-Gorakhpur-It-will-run-on-the-tracks-from-June-21</link>
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        <description><![CDATA[ <p data-pm-slice="1 1 []"><span data-hovered="true" data-sentence="b59537e49313015c">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल बिहार को एक बड़ी सौगात देने वाले हैं। </span><span data-hovered="false" data-sentence="2ae282d049e02770">पीएम मोदी पटना से गोरखपुर के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत करेंगे। </span><span data-hovered="false" data-sentence="04b4074100fd470f">अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ये ट्रेन पटना से गोरखपुर के तक सफर को आरामदायक बनाएगी।</span><span data-hovered="false" data-sentence="54bfd08c2a3f9a80">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार यानी 20 जून को बिहार दौरे पर जा रहे हैं। </span><span data-hovered="false" data-sentence="c113ca33e33d88f2">इस दौरान वह सिवान जाएंगे और यहीं से वंदे भारत ट्रेन का उद्घाटन करेंगे। </span><span data-hovered="false" data-sentence="84d1691af4dd295c">यह ट्रेन 21 जून से नियमित रूप से अपने तय रुट पर दौड़ने लगेगी। </span><span data-hovered="false" data-sentence="d68c9e41f21cfe40">केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना का उत्तर बिहार और पूर्वांचल के लोगों के लिए विशेष लाभ होगा। </span><span data-hovered="false" data-sentence="c5a0c6d82b4949f6">रेल मंत्रालय की माने तो अभी शुरुआत में ट्रेन में 8 कोच होंगे जिन्हें बढ़ाकर बाद में 16 तक किया जाएगा। </span><span data-hovered="false" data-sentence="d3acb3064f65526f">यह ट्रेन गोरखपुर और पाटलिपुत्र के बीच आठ स्टेशनों से होकर गुजरेगी। </span><span data-hovered="false" data-sentence="fb739d6230516638">गोरखपुर से चलने वाली यह वंदे भारत ट्रेन सुबह 6:30 बजे रवाना होगी और दोपहर 1:30 बजे पाटलिपुत्र जंक्शन पहुंचेगी। </span><span data-hovered="false" data-sentence="61f8d0550ff4c095">इस दौरान यह गोरखपुर से चलने के बाद कप्तानगंज, बगहा, नरकटियागंज, बेतिया, सुगौली, बापूधाम, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर और फिर हाजीपुर रुकते हुए पाटलिपुत्र पहुंचेगी।</span></p> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 19 Jun 2025 18:55:26 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>Prime Minister Narendra Modi will launch the new Vande Bharat Express train from Gorakhpur! It will run on the tracks from June 21</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>देश में जीएसटी लागू हुए पूरे 8 साल! सरकार बताएगी क्या कुछ बदला जीएसटी आने के बाद</title>
        <link>https://delhilookout.com/It-has-been-8-years-since-GST-was-implemented-in-the-country-The-government-will-tell-what-all-has-changed-after-the-introduction-of-GST</link>
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        <description><![CDATA[ <p data-pm-slice="1 1 []"><span data-sentence="05092fe68cb83eb5">यह पहल ऐसे समय में शुरू की गई है जब गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स नेटवर्क (जीएसटीएन) ने रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलावों का ऐलान किया है जो जुलाई 2025 की कर अवधि से प्रभावी होंगे। </span><span data-sentence="d5972eb144f13ca4">नए बदलावों के लागू होने के बाद मासिक जीएसटी भुगतान फॉर्म जीएसटीआर-3बी को एडिट नहीं किया जा सकता है।</span><br><span data-sentence="578d1aefe87f5edd">सीबीआईसी के अनुसार, इसका मतलब है कि व्यवसाय अब फाइलिंग करने के बाद किसी भी विवरण को मैन्युअल रूप से नहीं बदल पाएंगे। </span><span data-sentence="aca96f0ad47688a4">इसके बजाय अब इस फॉर्म को जीएसटीआर-1 जैसे अन्य फॉर्म से बिक्री डेटा के आधार पर स्वतः भर दिया जाएगा और फॉर्म जीएसटीआर-1ए के माध्यम से पहले से ही सुधार करना होगा।</span><span data-sentence="d64269199c2d934e">जीएसटीएन ने कहा कि जीएसटी रिटर्न के बीच सटीकता में सुधार और राजस्व लीकेज को रोकने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। </span><span data-sentence="eba454f47593d34c">इसके अतिरिक्त, रिटर्न दाखिल करने के लिए एक सख्त समय सीमा शुरू की जा रही है। </span><span data-sentence="6d7dbc2d79340e8e">जुलाई 2025 से, करदाताओं को नियत तिथि के तीन साल से अधिक समय बाद कोई भी जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की अनुमति नहीं होगी। </span><span data-sentence="6176e1c9297ebe5a">नियम जीएसटीआर-1, जीएसटीआर-3बी, जीएसटीआर-9, जीएसटीआर-4 और अन्य सहित सभी प्रकार के रिटर्न पर लागू होगा। </span><span data-sentence="7aaaa5f5e9abf82b">यह बदलाव वित्त अधिनियम, 2023 का हिस्सा था और अब इसे जीएसटी पोर्टल पर लागू किया जाएगा। </span><span data-sentence="cffa65e6c470426e">इसके अतिरिक्त, सीबीआईसी की ओर से करदाताओं को सलाह दी गई है कि वे अपने रिकॉर्ड की समीक्षा करें और नए नियमों के लागू होने से पहले किसी भी लंबित रिटर्न को जमा करें ताकि स्थायी रूप से लॉक आउट होने से बचा जा सके।</span></p> ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 17 Jun 2025 19:08:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>It has been 8 years since GST was implemented in the country! The government will tell what all has changed after the introduction of GST</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>कर चोरी के खिलाफ आयकर शुरू करेगा बड़ा अभियान! 31 जुलाई तक बड़ी तलाशी और जब्ती की कार्रवाई के आदेश</title>
        <link>https://delhilookout.com/Income-Tax-will-start-a-big-campaign-against-tax-evasion-Orders-for-big-search-and-seizure-operations-till-July-31</link>
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        <description><![CDATA[ <p data-pm-slice="1 1 []"><span data-sentence="6adc27b964d471e2">केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आयकर विभाग के क्षेत्रीय कार्यालयों को निर्देश दिया है कि वे काले धन और टैक्‍स चोरी के खिलाफ अभियान तेज करें. अनरिपोर्टेड और अंडर-रिपोर्टेड व्यवसायों को कर के दायरे में लाने के लिए एक समयबद्ध रणनीति बनाएं. सीबीडीटी ने आयकर विभाग के प्रत्येक क्षेत्राधिकार को 31 जुलाई तक कम से कम एक बड़ी तलाशी और जब्ती कार्रवाई करने को कहा गया है. इसके अलावा अगस्त 2025 से मार्च 2026 के बीच कम से कम दो अतिरिक्त तलाशी और जब्ती कार्रवाई करने के निर्देश हैं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सीबीडीटी को चालू वित्त वर्ष के दौरान 2.4 लाख करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता लगाने की उम्मीद है. एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट के अनुसार, बोर्ड ने निर्देश दिया है कि कुल लक्ष्य का 60 प्रतिशत तलाशी और छापे जैसी घुसपैठ वाली पहलों के माध्यम से प्राप्त किया जाना चाहिए, जबकि 40 प्रतिशत गैर-घुसपैठ वाली जांच से आना चाहिए, जिसमें डेटा विश्लेषण और फाइनेंशियल इंटेलिजेंस जानकारी शामिल है. यह नया कदम एक व्यापक योजना के तहत उठाया गया है, जिसके तहत डेटा की सीमित उपलब्धता के कारण कर अधिकारियों की नजर से बच निकलने वाले दुर्ग्राही व्यवसायों को कर के दायरे में लाया जाएगा और देश के राजस्व संग्रह को बढ़ाया जाएगा.</span></p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 28 Apr 2025 16:09:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>Income Tax will start a big campaign against tax evasion! Orders for big search and seizure operations till July 31</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>मारुति सुजुकी के बाद अब टाटा मोटर्स भी अप्रैल 2025 से बढाएगी कारों की कीमतें!</title>
        <link>https://delhilookout.com/After-Maruti-Suzuki,-now-Tata-Motors-will-also-increase-the-prices-of-cars-from-April-2025</link>
        <guid>https://delhilookout.com/After-Maruti-Suzuki,-now-Tata-Motors-will-also-increase-the-prices-of-cars-from-April-2025</guid>
        <description><![CDATA[ <p data-pm-slice="1 1 []"><span data-sentence="d7abf9a899f4a3ae">मारुति सुजुकी के बाद अब टाटा मोटर्स भी अप्रैल 2025 से पैसेंजर्स गाड़ियों की कीमतों में बढ़ोतरी करने को तैयार है। इसमें इलेक्ट्रिक कारें भी शामिल होंगी। कंपनी का कहना है कि यह मूल्य समायोजन बढ़ती इनपुट लागत के प्रभाव को आंशिक रूप से ऑफसेट करने के लिए किया जा रहा है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, टाटा मोटर्स कीमतों में इस साल दूसरी बार बढ़ोतरी करने जा रही है। टाटा मोटर्स ने एक बयान में कहा कि बढ़ोतरी की सीमा मॉडल और वैरिएंट के आधार पर अलग-अलग होगी। हालांकि, कंपनी ने प्रस्तावित मूल्य बढ़ोतरी की मात्रा के बारे में विस्तार से नहीं बताया।खबर के मुताबिक, इस साल जनवरी में, कंपनी ने अपने यात्री वाहन पोर्टफोलियो की कीमतों में 3 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की थी। टाटा मोटर्स हैचबैक टियागो से लेकर 5 लाख रुपये से लेकर 25.09 लाख रुपये (एक्स-शोरूम दिल्ली) तक की कीमत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों सहित कई यात्री वाहन बेचती है। इससे पहले बीते सोमवार को टाटा मोटर्स ने कहा कि वह अगले महीने से अपने वाणिज्यिक वाहन रेंज की कीमत में 2 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करेगी। 165 अरब अमेरिकी डॉलर वाले टाटा समूह का हिस्सा, टाटा मोटर्स 44 अरब अमेरिकी डॉलर वाला संगठन है। यह कार, यूटिलिटी वाहन, ट्रक और बसें बनाती है। मारुति सुजुकी इंडिया ने भी कहा कि वह अगले महीने से अपने पूरे मॉडल रेंज की कीमतों में 4 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने की योजना बना रही है।</span></p> ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 18 Mar 2025 19:53:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>After Maruti Suzuki, now Tata Motors will also increase the prices of cars from April 2025!</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>अयोध्या श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सरकार को दिया 400 करोड़ रुपये का टैक्‍स</title>
        <link>https://delhilookout.com/Ayodhya-Shri-Ram-Janmabhoomi-Tirtha-Kshetra-Trust-paid-Rs-400-crore-tax-to-the-government</link>
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        <description><![CDATA[ <p data-pm-slice="1 1 []"><span data-sentence="d31d86376869950e">रामनगरी अयोध्‍या में रामलला के मंदिर का निर्माण होने के बाद से देश और दुनिया से यहां हजारों की तादाद में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान हजारों-लाखों की संख्‍या में श्रद्धालु रामलला के दर्शन करने पहुंचे थे. मंदिर निर्माण के बाद यहां आने वाले लोगों की संख्‍या में काफी वृद्धि हुई है, जिसका असर राम जन्‍मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्‍ट की कमाई पर भी पड़ा है. यही वजह है कि राम मंदिर ट्रस्‍ट ने पिछले पांच सालों में 400 करोड़ रुपये का टैक्‍स सरकार को दिया है. टैक्‍स के तौर पर चुकाई गई रकम से ही राम मंदिर ट्रस्‍ट की कमाई का अंदाजा लगाया जा सकता है.राम मंदिर ट्रस्ट के सेक्रेटरी चंपत राय ने रविवार को कहा कि धार्मिक पर्यटन में उछाल के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पिछले पांच वर्षों में सरकार को लगभग 400 करोड़ रुपये का टैक्‍स चुकाया है. उन्होंने कहा कि यह राशि 5 फरवरी 2020 से 5 फरवरी 2025 के बीच चुकाई गई. इसमें से 270 करोड़ रुपये जीएसटी के रूप में चुकाए गए, जबकि शेष 130 करोड़ रुपये विभिन्न अन्य टैक्‍स कैटेगरी के तहत चुकाए गए. श्रद्धालुओं की संख्‍या में भारी वृद्धि के चलते राम मंदिर ट्रस्‍ट की कमाई में भी बढ़ोतरी हुई है. ऐसे में ट्रस्‍ट की ओर से करोड़ों रुपये का टैक्‍स चुकाया गया है. राम मंदिर ट्रस्‍ट के सेक्रेटरी चंपत राय ने रामलला के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्‍या के बारे में भी जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में दस गुना वृद्धि हुई है, जिससे यह एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र बन गया है. इससे अयोध्‍या और आसपास के स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं. उन्होंने कहा कि महाकुंभ के दौरान 1.26 करोड़ श्रद्धालु अयोध्या आए थे. पिछले साल अयोध्या में 16 करोड़ पर्यटक आए थे, जिनमें से 5 करोड़ श्रद्धालु राम मंदिर गए थे. चंपत राय ने बताया कि ट्रस्ट के वित्तीय रिकॉर्ड का नियमित रूप से नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) के अधिकारियों द्वारा ऑडिट किया जाता है.</span></p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 17 Mar 2025 17:17:22 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>Ayodhya Shri Ram Janmabhoomi Tirtha Kshetra Trust paid Rs 400 crore tax to the government</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि मेगा फूड एंड हर्बल पार्क नागपुर के मिहान में तैयार! 100 प्रतिशत प्राकृतिक जूस होगा तैयार</title>
        <link>https://delhilookout.com/Baba-Ramdevs-company-Patanjali-Mega-Food-and-Herbal-Park-is-ready-in-Nagpurs-MIHAN-100-natural-juice-will-be-prepared</link>
        <guid>https://delhilookout.com/Baba-Ramdevs-company-Patanjali-Mega-Food-and-Herbal-Park-is-ready-in-Nagpurs-MIHAN-100-natural-juice-will-be-prepared</guid>
        <description><![CDATA[ <p data-pm-slice="0 0 []"><span data-sentence="f4a863ad9ff75dcb">बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि मेगा फूड एंड हर्बल पार्क नागपुर के मिहान में तैयार है. 9 मार्च से कंपनी का परिचालन शुरू हो जाएगा. मिहान में यूनिट स्थापित करने के लिए सितंबर 2016 में भूमिपूजन किया गया था. बता दें, नागपुर स्थित पतंजलि की ये यूनिट फ्रूट्स एंड वैजीटेहबल्स प्रोसेसिंग प्लांट है. यहां ट्रॉपिकल और सिटरस फलों और सब्जियों को प्रोसेस करके जूस, पल्प, पेस्ट और प्यूरी का उत्पादन किया जाएगा. </span></p>
<p><span data-sentence="238bc0b78f1210bf">नागपुर को ऑरेंज सिटी कहा जाता है. नागपुर में संतरा, कीनू, मौसम्मी और नीबूं जैसे खट्टे फल का उत्पादन अधिक है. नागपुर की इसी खासियत को ध्यान में रखते हुए पतंजलि ने यहां सिटरस प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना की है. ये जूस 100 प्रतिशत प्राकृतिक होगा. खास बात है कि इसमें किसी भी प्रकार के प्रिजर्वेटिव्स या शुगर का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. </span></p>
<p><span data-sentence="e1cd7e452536262b">सिटरस फलों के अलावा, यहां ट्रॉपिकल फ्रूट्स की भी प्रोसेसिंग की जाएगी. जैसे- आंवला 600 टन (प्रतिदिन), आम 400 टन (प्रतिदिन), अमरूद 200 टन (प्रतिदिन), पपीता 200 टन (प्रतिदिन), गाजर 160 टन (प्रतिदिन), एलोविरा 100 टन (प्रतिदिन) सहित अन्य फलों को भी प्रोसेस किया जा सकता है. वैश्विक मानकों के अनुसार, प्लांट में जूस, पल्प, प्यूरी और पेस्ट का उत्पादन किया जा सकता है. इस प्रक्रिया को प्राइमरी प्रोसेसिंग कहा जाता है. इसके अलावा, रीटेल पैकिंग की प्रक्रिया को सेकेंडरी प्रोसेसिंग कहा जाता है. नागपुर की फैक्ट्री में इसके लिए टेट्रा पैक यूनिट भी तैयार की जाएगी. बता दें, पतंजलि लोगों को आरोग्य देती है. उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को ध्यान में देते हुए टैट्रा पैक एसेप्टिक पैकेजिंग में किसी भी प्रकार के प्रिजर्वेटिव या शुगर के इस्तेमाल का प्रयोग नहीं किया जाएगा. </span></p>
<p></p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 10 Mar 2025 17:57:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>Baba Ramdev&#039;s company Patanjali Mega Food and Herbal Park is ready in Nagpur&#039;s MIHAN! 100% natural juice will be prepared</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>लग्जरी कार मेकर लेक्सस ने 3 करोड़ की कीमत वाली SUV  LX 500D का अपडेटेड मॉडल लॉन्च किया! शानदार फीचर जानकर रह जाओगे हैरान</title>
        <link>https://delhilookout.com/Luxury-carmaker-Lexus-has-launched-an-updated-model-of-its-SUV-LX-500D,-priced-at-Rs-3-crore.-You-will-be-surprised-to-know-the-amazing-feature.</link>
        <guid>https://delhilookout.com/Luxury-carmaker-Lexus-has-launched-an-updated-model-of-its-SUV-LX-500D,-priced-at-Rs-3-crore.-You-will-be-surprised-to-know-the-amazing-feature.</guid>
        <description><![CDATA[ <p>लग्जरी कार मेकर लेक्सस ने भारत में अपने प्रीमियम एसयूपी LX 500D का अपडेटेड मॉडल लॉन्च कर दिया है। लेक्सस एलएक्स 500डी को दो अलग-अलग वैरिएंट में लॉन्च किया गया है। इसके पहले वैरिएंट का नाम अर्बन और दूसरे वैरिएंट का नाम ओवरटेल रखा गया है। लेक्सस ने इस साल जनवरी में आयोजित भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो में इस ताकतवर एसयूवी को शोकेस किया था। बताते चलें कि लेक्सस जापान की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी टोयोटा की सब्सिडरी कंपनी है जो प्रीमियम सेगमेंट की लग्जरी कार बनाती है।<br>लेक्सस एलएक्स 500डी के अर्बन वैरिएंट की शुरुआती कीमत 3 करोड़ रुपये तय की गई है। जबकि इसके ओवरटेल वैरिएंट की शुरुआती कीमत 3.12 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। अपडेट से पहले लेक्सस एलएक्स 500डी की शुरुआती कीमत 2.83 करोड़ रुपये थे। लेकिन अपडेट के बाद इसकी कीमत में सीधे-सीधे 17 लाख रुपये की बढ़ोतरी हो गई है। जहां अर्बन वैरिएंट को खास शहरों में ड्राइव के लिए डिजाइन किया गया है तो वहीं दूसरी ओर ओवरटेल वैरिएंट को एडवेंचरस ऑफ रोडिंग के लिए तैयार किया गया है। लेक्सस एलएक्स 500डी के दोनों वैरिएंट बाहर से दिखने में लगभग एक जैसे ही हैं। दोनों वैरिएंट को अलग ग्रिल, अलॉय और टायर जैसे पार्ट्स से पहचाना जा सकता है।<br>लेक्सस की अपडेटेड एलएक्स 500डी 3.3 लीटर के V6 डीजल इंजन से लैस है, जो काफी ताकतवर है। ये शक्तिशाली एसयूवी सिर्फ 8 सेकेंड में 0 से 100 किमी प्रति घंटा तक की स्पीड पकड़ सकती है। इसकी टॉप स्पीड 210 किमी प्रति घंटा है। नई एलएक्स 500डी पहले से काफी ज्यादा सुरक्षित होगी। लेक्सस की ये एसयूवी 'सेफ्टी सिस्टम 3.0' के साथ आएगी, जिसमें प्री-कोलिजन सिस्टम, अडेप्टिव क्रूज कंट्रोल, ब्लाइंड स्पॉट मॉनिटरिंग, सेफ्टी एग्जिट असिस्ट, लेन डिपार्चर असिस्ट, ऑटो हाई बीम और अडेप्टिव हाई बीम सिस्टम जैसे तमाम लेटेस्ट सेफ्टी फीचर्स हैं। कंपनी ने इस कार में सीट मसाजर को भी अपग्रेड किया है, जो लंबी दूरी की यात्रा में काफी सुकून और आराम देंगे।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 06 Mar 2025 18:49:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>Luxury carmaker Lexus has launched an updated model of its SUV LX 500D, priced at Rs 3 crore. You will be surprised to know the amazing feature.</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>40,000 करोड़ के नीचे रिलायंस गु्रप! शेयर बाजार में भारी कमजोरी!</title>
        <link>https://delhilookout.com/Reliance-Group-below-Rs-40,000-crore-A-huge-drop-in-the-stock-market</link>
        <guid>https://delhilookout.com/Reliance-Group-below-Rs-40,000-crore-A-huge-drop-in-the-stock-market</guid>
        <description><![CDATA[ <p>रिलायंस ग्रुप की कंपनियों में सोमवार को बड़ी गिरावट हुई और इसके कारण ग्रुप का मार्केट कैप 40,000 करोड़ रुपये से अधिक घट गया है।<br>रिलायंस ग्रुप की सभी कंपनियों का मार्केट कैप 40,511.91 करोड़ रुपये कम होकर 17.46 लाख करोड़ रुपये हो गया है।<br>इस गिरावट की वजह शेयर बाजार में कमजोरी को माना जा रहा है, जिसके कारण ग्रुप की सभी कंपनियों के शेयर लाल निशान में बंद हुए।<br>जस्ट डायल लिमिटेड में सबसे अधिक गिरावट आई, इसके बाद स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड और बालाजी टेलीफिल्म्स लिमिटेड का स्थान रहा, जो सबसे अधिक नुकसान में रहे।<br>रिलायंस ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का शेयर निफ्टी 50 में तीसरा सबसे बड़ा टॉप लूजर्स था।<br>निफ्टी के लाल निशान में बंद होने में रिलायंस इंडस्ट्रीज का बड़ा योगदान था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के बेंचमार्क में यह दूसरा सबसे अधिक भार वाला स्टॉक है।<br>रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 35,319.49 करोड़ रुपये कम होकर 15.89 लाख करोड़ रुपये रह गया है।<br>शेयर में लगातार दो कारोबारी सत्रों से गिरावट हो रही है। पिछले हफ्ते यह गुरुवार के कारोबारी सत्र को छोड़कर तीन दिन लाल निशान में बंद हुआ था। रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 26.10 रुपये या 2.17 प्रतिशत गिरकर 1,174 रुपये पर बंद हुआ।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 03 Mar 2025 18:26:36 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>Reliance Group below Rs 40, 000 crore A huge drop in the stock market!</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>भारतीय मध्यमवर्ग अपनी आय का एक तिहाई हिस्सा सिर्फ लोन की किश्तों भरने के लिए करता है खर्च!</title>
        <link>https://delhilookout.com/The-Indian-middle-class-spends-one-third-of-its-income-just-to-pay-loan-installments</link>
        <guid>https://delhilookout.com/The-Indian-middle-class-spends-one-third-of-its-income-just-to-pay-loan-installments</guid>
        <description><![CDATA[ <p data-pm-slice="1 1 []"><span data-sentence="70e92d74834a1746">एक नए अध्ययन में पाया गया है कि भारतीय अपनी आय का एक तिहाई हिस्सा लोन की किश्तों का भुगतान करने में खर्च कर रहे हैं.</span><span data-sentence="55f3d2616b750d02">पीडब्ल्यूसी और परफियोस (PwC and Perfios) की रिपोर्ट ‘भारत कैसे खर्च करता है’ ने 30 लाख लोगों के खर्च व्यवहार का विश्लेषण किया, जो मुख्य रूप से फिनटेक, गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियों (एनबीएफसी) और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं.</span><span data-sentence="3aad7982c35678e1">अध्ययन में भाग लेने वाले लोग तृतीय श्रेणी के शहरों से लेकर महानगरों तक के थे, जिनकी आय 20,000 रुपये से लेकर 1,00,000 रुपये प्रति माह तक थी.</span><span data-sentence="bedf7eaf90153061">रिपोर्ट के अनुसार, ईएमआई का भुगतान करने वालों में उच्च-मध्यम स्तर के कमाने वाले लोगों की संख्या सबसे अधिक थी, जबकि शुरूआती स्तर के कमाने वालों की संख्या सबसे कम थी. </span><span data-sentence="bf71dde21cd4098c">इसमें यह भी पाया गया कि कम वेतन वाले लोग औपचारिक स्रोतों के बजाय दोस्तों, परिवार या स्थानीय उधार देने वालों से उधार लेने की अधिक संभावना रखते थे.</span><span data-sentence="52e6f233ba5a6ae7">रिपोर्ट में खर्च को तीन व्यापक श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है – अनिवार्य खर्च (39%), आवश्यकताएं (32%) और विवेकाधीन (discretionary) खर्च (29%).</span><span data-sentence="8aadbf458653b4f9">रिपोर्ट के अनुसार, अनिवार्य खर्च को ऋण चुकौती और बीमा पॉलिसियों के लिए प्रीमियम पर खर्च के रूप में परिभाषित किया गया है, जबकि विवेकाधीन खर्च में ऑनलाइन गेमिंग, बाहर खाने या भोजन का ऑर्डर देना, मनोरंजन आदि पर खर्च शामिल है. </span><span data-sentence="fada7e4665edf8ec">आवश्यकताओं में बुनियादी घरेलू जरूरतें जैसे उपयोगिताएं (पानी, बिजली, गैस, आदि), ईंधन, दवा, किराने का सामान आदि शामिल हैं.</span><span data-sentence="c4f9d1e9a8ae0f86">रिपोर्ट में कहा गया है, ‘कम वेतन वाले लोग अपनी आय का ज़्यादातर हिस्सा ज़रूरी आवश्कताओं को पूरा करने या कर्ज चुकाने में लगा रहे हैं. इसके विपरीत, उच्च वेतन वाले लोग अपनी आय का एक बड़ा हिस्सा अनिवार्य और विवेकाधीन खर्च में लगा रहे हैं.’</span></p>
<p><span data-sentence="50c843d0e138b9f6">रिपोर्ट बताती है कि उच्च आय वर्ग में ऋण उच्च जीवन-यापन खर्च के साथ-साथ विलासिता की वस्तुओं और छुट्टियों के प्रति बढ़ती आकांक्षाओं का संकेत है.रिपोर्ट में पाया गया कि शुरूआती स्तर की आय श्रेणी से उच्च आय श्रेणी में आने पर विवेकाधीन खर्च 22% से बढ़कर 33% हो गया.रिपोर्ट में कहा गया है, ‘अनिवार्य खर्चों के लिए भी यही प्रवृत्ति देखी गई है, जहां खर्च का प्रतिशत प्रवेश स्तर के आय वालों के लिए 34% से बढ़कर उच्च आय वालों के लिए 45% हो जाता है. हालांकि, आवश्यकता खर्च के लिए एक विपरीत प्रवृत्ति देखी गई है, जहां वेतन में वृद्धि के साथ खर्च किए गए धन का प्रतिशत घटता है – प्रवेश स्तर के आय वालों के लिए 44% से घटकर उच्च आय वालों के लिए 22% हो जाता है.’रिपोर्ट में पाया गया कि जीवनशैली से जुड़ी खरीदारी विवेकाधीन खर्चों का 62% से अधिक है, उच्च आय वर्ग के लोग ऐसी वस्तुओं पर लगभग तीन गुना अधिक खर्च करते हैं (3,207 रुपये प्रति माह) जबकि प्रवेश स्तर के लोग (958 रुपये) ऐसे उत्पादों पर खर्च करते हैं. ऑनलाइन गेमिंग कम आय वालों (22%) के बीच सबसे लोकप्रिय है, जो उच्च आय वालों के लिए घटकर 12% रह गया है.</span></p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 19 Feb 2025 18:18:34 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>The Indian middle class spends one-third of its income just to pay loan installments!</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>भारत में एसआईपी खाते बंद होने के लगातार नए रिकॉर्ड! जनवरी में 61 लाख 33 हजार खाते बंद होने का रिकॉर्ड अब तक सबसे हाई</title>
        <link>https://delhilookout.com/New-records-of-SIP-account-closure-in-India-Record-high-of-61.33-lakh-accounts-closed-in-January</link>
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        <description><![CDATA[ <p data-pm-slice="1 1 []"><span data-sentence="8cddb4b1efec4a59">चुअल फंड ने रिटर्न देने में थोड़ी कमी क्या कर दी कि निवेशकों में घबराहट का आलम पैदा हो गया है. यहां तक कि एसआईपी को निवेश की पहली सीढ़ी मानने वाले निवेशकों में पैसा डूबने का डर पैदा हो गया है. इस कारण एसआईपी यानी सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के खाते धड़ाधड़ बंद हो रहे हैं. एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया यानी एंफी के डाटा के मुताबिक, केवल जनवरी महीने में 61 लाख 33 हजार लोगों ने अपने एसआईपी खाते बंद करा लिए. वहीं केवल 56 लाख 19 हजार लोगों ने अपने नए एसआईपी खाते खोले. इस तरह एसआईपी में निवेश करने वालों की संख्या की तुलना में एसआईपी में निवेश बंद करने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. अगर इसी तरह से एसआईपी खाते बंद होने की तादाद लगातार बढ़ती रही तो भारत में पूरी म्यूचुअल फंड इंडस्ट्रीज के लिए संकट पैदा हो सकता है. भारत में एसआईपी खाते बंद होने के लगातार नए रिकॉर्ड बन रहे हैं. जनवरी में 61 लाख 33 हजार खाते बंद होने का रिकॉर्ड अब तक सबसे हाई है. दिसबंर महीने में भी एसआईपी खाते बंद कराने के पिछले सारे रिकॉर्ड टूट गए. दिसंबर महीने में 45 लाख एसआईपी खाते टर्मिनेट किए गए. जो उस समय में एक महीने में ऑल टाइम हाई था. इससे पहले मई 2024 में 44 लाख एसआईपी खाते बंद हुए थे. </span></p>
<p><span data-sentence="f20f735db8781c46">एसआईपी खाते बंद कराने के निवेशकों के रुख ने बाजार के दिग्गजों को चिंता में डाल दिया है. शेयर बाजार के दिग्गजों की चिंता इस बात को लेकर है कि पहले एसआईपी निवेशक बाजार की तात्कालिक उठापटक से प्रभावित नहीं होते थे और लॉन्ग टर्म निवेश के जरिए अच्छा रिटर्न हासिल करते थे. लेकिन एसआईपी निवेशकों में लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट से वेल्थ पैदा करने का यह रुख खत्म हो रहा है. एसआईपी इन्वेस्टर अपने इन्वेस्टमेंट को रुपये के मूल्य के आधार पर लॉन्ग टर्म कंपाउंडिंग में रिटर्न को देखते हैं. इसके बावजूद खाता खुलवाने में कमी चिंताजनक है.</span></p> ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 18 Feb 2025 17:44:49 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>New records of SIP account closure in India! Record high of 61.33 lakh accounts closed in January</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>भारत में टैक्स के बोझ तले दबते आम आदमी की पुकार सुनेंगी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण</title>
        <link>https://delhilookout.com/Finance-Minister-Nirmala-Sitharaman-will-listen-to-the-cry-of-the-common-man-burdened-by-tax-in-India.</link>
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        <description><![CDATA[ <p>1 फरवरी, 2025 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में आम बजट पेश करेंगी. इससे लोगों को टैक्स से राहत मिलने की काफी उम्मीद है. देश के नागरिकों को उम्मीद है कि पिछले साल शेयर बाजार में आए उछाल के बाद कैपिटल गेन टैक या पूंजीगत लाभ सहित कई अन्य टैक्स बढ़ा दिए गए थे. अब जब शेयर बाजार में गिरावट का दौर जारी है, तो लोगों को आस है कि वित्त मंत्री कुछ राहत की भी पेशकश करेंगी. <br>टैक्स के बोझ तले दबा आम आदमी<br>आम आदमी पर टैक्स के बढ़ते दबाव का जिक्र करते हुए वेंकटेश ने यह भी लिखा कि ''आज 1,000 रुपये कमाने वाला 340 रुपये का टैक्स भर रहा है. <br>बाकी जितना बचा है उसमें से - <br>200 रुपये की पेट्रोल की खरीद पर 110 रुपये का टैक्स लगता है.<br>शिक्षा पर खर्च किए गए 200 रुपये पर 36 जीएसटी लगता है. <br>बीमा पर खर्च किए गए 100 रुपये पर 18 रुपये 18 जीएसटी लगता है. <br>किताबों और स्टेशनरी पर खर्च किए गए 100 रुपये पर 18 रुपये जीएसटी लगता है. <br>100 रुपये की सेविंग्स और 50 रुपये इंटरेस्ट पर पूंजीगत लाभ कर के रूप में 10 रुपये का भुगतान करना पड़ता है. <br>बचा क्या फिर ? सिर्फ 300- जिसमें से टोल फीस, हॉस्पिटल बिल (जीएसटी के साथ), किराया, किराने का सामान और एंटरटेनमेंट जैसी चीजों पर अभी खर्च बाकी है. हमारी आय का 50 परसेंट से ज्यादा हिस्सा सरकार निगल जाती है. बदले में हमें क्या मिलता है? खराब एयर क्वॉलिटी, गड्ढों से भरी सड़कें, बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार, सुस्त न्यायपालिका, ढहता सार्वजनिक बुनियादी ढांचा और बढ़ती महंगाई.'' </p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 29 Jan 2025 18:18:00 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>Finance Minister Nirmala Sitharaman will listen to the cry of the common man burdened by tax in India.</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट में कर सकती है देश के रियल एस्टेट सेक्टर को इंडस्ट्री का दर्जा देने का ऐलान</title>
        <link>https://delhilookout.com/Finance-Minister-Nirmala-Sitharaman-in-her-Budget-speech-said-that-the-real-estate-sector-will-be-given-the-status-of-an-industry.</link>
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        <description><![CDATA[ <p>1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए बजट पेश करने वाली हैं. इससे देश के रियल एस्टेट सेक्टर को बहुत उम्मीदें हैं ताकि विकास के नए रास्ते भी खुले और लंबे समय से आ रही चुनौतियों का भी समाधान हो सके. इस सेक्टर के कई बड़े लीडर्स ने रियल एस्टेट में ट्रांसफॉर्मेशन की उम्मीदें जताई हैं ताकि देश के आर्थिक विकास और हाउसिंग फॉर ऑल के सरकार के लक्ष्यों के साथ तालमेल बिठाया जा सके. इसके अलावा, रियल एस्टेट सेक्टर की लंबे समय से मांग है कि इसे भी उद्योग का दर्जा दिया जाए. इसी के साथ होम लोन पर टैक्स छूट को 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की भी मांग है, जिससे घर खरीदने वालों को राहत मिल सके. देश के बड़े शहरों में बढ़ती कीमतों का ध्यान रखते हुए किफायती आवास की परिभाषा बदलने की भी मांग की गई है ताकि सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके. रियल एस्टेट सेक्टर की मांग स्टाम्प ड्यूटी में कटौती करने की भी है. </p> ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 17 Jan 2025 17:34:22 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>Finance Minister Nirmala Sitharaman in her Budget speech said that the real estate sector will be given the status of an industry.</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>डॉलर के मुकाबले में भारतीय रुपये में भारी गिरावट का दौर जारी!</title>
        <link>https://delhilookout.com/The-Indian-rupee-continues-to-slide-against-the-US-dollar.</link>
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        <description><![CDATA[ <p>शेयर बाजार और भारतीय रुपये में गिरावट का दौर थम नहीं रहा है। आज अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपये में करीब 2 साल की सबसे बड़ी गिरावट आई। रुपया 57 पैसे टूटकर 86.61 (अस्थायी) प्रति डॉलर के नए सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ। जेफरीज का अनुमान है कि मिड टर्म में रुपया टूटकर 88 तक जा सकता है। आखिर, क्या वजह है कि डॉलर के मुकरबले रुपये में गिरावट थम नहीं रही है? रुपये टूटने से आपकी जेब पर क्या होगा असर? आइए इन सभी सवालों के जवाब जानते हैं। विदेशी मुद्रा बाजार में किसी भी मुद्रा की कीमत मुद्रा की मांग और उसकी आपूर्ति के आधार पर निर्धारित होती है। यह उसी तरह है जैसे बाजार में किसी अन्य उत्पाद की कीमत निर्धारित होती है। जब किसी उत्पाद की मांग बढ़ती है जबकि उसकी आपूर्ति स्थिर रहती है, तो इससे उपलब्ध आपूर्ति को सीमित करने के लिए उत्पाद की कीमत बढ़ जाती है। दूसरी ओर, जब किसी उत्पाद की मांग गिरती है जबकि उसकी आपूर्ति स्थिर रहती है, तो इससे विक्रेताओं को पर्याप्त खरीदारों को आकर्षित करने के लिए उत्पाद की कीमत कम करनी पड़ती है। वस्तु बाजार और विदेशी मुद्रा बाजार के बीच एकमात्र अंतर यह है कि विदेशी मुद्रा बाजार में वस्तुओं के बजाय मुद्राओं का अन्य मुद्राओं के साथ विनिमय किया जाता है। रुपये में गिरावट का मौजूदा दौर मुख्य रूप से भारत से विदेशी निवेशकों द्वारा पैसा निकलने के कारण हो रहा है, जिससे रुपये पर दबाव पड़ा है। वैश्विक निवेशक विभिन्न देशों में अपने निवेश को इधर-उधर कर रहे हैं, क्योंकि केंद्रीय बैंक अपनी मौद्रिक नीतियों को अलग-अलग स्तरों पर पुनर्गठित कर रहे हैं। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर इंडेक्स लगातार मजबूत हो रहा है। छह मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत को मापने वाला डॉलर इंडेक्स बढ़कर 109.01 पर पहुंच गया है। 10 साल के अमेरिकी बॉन्ड पर भी यील्ड बढ़कर अप्रैल 2024 के स्तर 4.69 प्रतिशत पर पहुंच गई। इसका असर भी भारतीय रुपये पर देखने को मिल रहा है। इससे रुपया लगातार कमजोर हो रहा है। </p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 13 Jan 2025 18:03:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>The Indian rupee continues to slide against the US dollar.</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>अनिल अंबानी की हुई बल्ले! 2025 के पहले दिन हुए अनिल अंबानी कर्जमुक्त! </title>
        <link>https://delhilookout.com/Anil-Ambani-Anil-Ambani-became-debt-free-on-the-first-day-of-2025</link>
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        <description><![CDATA[ <p>अन‍िल अंबानी की कंपनी पर जून 2024 तक 17,812 करोड़ रुपये का कर्ज था. ज‍िसे उन्‍होंने नए साल शुरू होती ही पूरी तरह से खत्‍म कर द‍िया. अब उनकी इस कंपनी पर जीरो कर्ज है. इसी तरह र‍िलायंस इंफ्रा ने भी अपने करीब 87 प्रत‍िशत कर्ज का भुगतान कर द‍िया है. प‍िछले द‍िनों र‍िलायंस कैप‍िटल को न‍िप्‍पॉन का न‍िवेश म‍िलने के बाद र‍िलायंस पावर के कर्जमुक्‍त होने की खबर आई थी. दोनों कंपन‍ियों के तेजी से कर्ज कम होने का असर यह हुआ क‍ि र‍िलायंस पावर और र‍िलायंस इंफ्रा के शेयर में तेजी देखी गई. प‍िछले द‍िनों अन‍िल अंबानी ने इंफ्रा सेक्‍टर में नई कंपनी भी शुरू कर दी. इन खबरों से छोटे न‍िवेशकों का भरोसा अन‍िल अंबानी पर बढ़ रहा है. र‍िलायंस इंफ्रा और र‍िलायंस पावर की तरफ से प‍िछले द‍िनों दूसरी त‍िमाही के शानदार नतीजे पेश क‍िये गए. र‍िलायंस इंफ्रा का कंसोल‍िडेट प्रॉफ‍िट बढ़कर 4,082.5 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. इसी तरह र‍िलायंस पावर के कंसोलिडेटेड प्रॉफिट का आंकड़ा 2,878.15 करोड़ रुपये रहा. रिलायंस इंफ्रा की नई सब्‍स‍िड‍ियरी कंपनी रिलायंस जय प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड (RJPPL) को रियल एस्टेट सेक्‍टर में बड़े कदम उठाने के मकसद से शुरू क‍िया गया है. बेटे के नाम से शुरू की गई कंपनी से अन‍िल अंबानी को और मजबूती म‍िलने की उम्‍मीद है. इन खबरों का असर कंपनी के शेयरों पर भी देखा जा रहा है. अन‍िल अंबानी के दोनों ही बेटे जय अनमोल अंबानी और जय अंशुल अंबानी ने उनके बुरे वक्‍त में पूरा साथ न‍िभाया. दोनों की मेहनत और न‍िवेशकों का भरोसा अंबानी के ब‍िजनेस पर रंग ला रहा है. उनके बेटों की काब‍िल‍ियत के दम पर मीड‍िया ने दोनों को 'अनमोल रत्‍न' नाम से पुकारना शुरू कर द‍िया है. कड़ी मेहनत के दम पर छोटे अंबानी के बड़े बेटे अनमोल अंबानी ने अपने ब‍िजनेस की नेटवर्थ पहले ही 2000 करोड़ के पार पहुंचा दी है. अंबानी की कंपन‍ियों के कर्ज कम करने और नए ऑर्डर हासिल करने के पीछे बेटे, जय अनमोल अंबानी और जय अंशुल अंबानी का ही हाथ बताया जा रहा है. दोनों बेटे लाइमलाइट से दूर रहकर चुपचाप अपना काम करने में जुटे हुए हैं.</p> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 02 Jan 2025 16:37:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>Anil Ambani! Anil Ambani became debt-free on the first day of 2025!</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>देश के शहरी मध्यवर्ग की खरीदारी क्षमता हुई कम! जीडीपी पर पड़ा गहरा असर&amp;सरकार कैसे पार पाएगी घटती जीडीपी से</title>
        <link>https://delhilookout.com/The-purchasing-power-of-the-countrys-urban-middle-class-has-decreased-The-deep-impact-on-GDP---how-the-government-will-overcome-the-declining-GDP</link>
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        <description><![CDATA[ <p>अभी हाल ही में आए जीडीपी आंकड़ों ने भारतीयों को निराश किया था. इस झटके से लोग अभी उबरे भी नहीं थे कि फिच ने देश को एक और झटका दिया है. इस इंटरनेशनल रेटिंग एजेंसी ने 2024-25 के वित्तीय वर्ष में भारत के जीडीपी में तेजी का अनुमान सात फीसदी से घटाकर 6.4 फीसदी कर दिया है. हालांकि फिच ने कई संकेतों के आधार पर इकोनॉमी में गति बने रहने की उम्मीद जताई है.फिच का मानना है कि उपभोक्ता बाजार में देशवासियों की जरूरतों के कारण बाजार में खरीदारी होते रहने से इकोनॉमी में सुधार के लक्षण दिखते रहेंगे. वहीं सरकार की ओर से डिजिटलाइजेशन और इन्फ्रास्ट्रक्चर को दी जा रही मदद विकास का ग्रोथ इंजन बनेगा. फिच ने हालांकि वित्तीय वर्ष 2026 के लिए इस अनुमान को 2025 की तुलना में थोड़ा बढ़ाकर 6.5 फीसदी किया है. जो वित्तीय वर्ष 2024 के अनुमान 8.2 फीसदी से काफी कम है. फिच ने इस अनुमान के साथ यह भी सफाई दी है कि एसेट परफॉर्मेंस के आधार पर यह कहा जा सकता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए विकास के मोर्चे पर गति बनी रहेगी. जीडीपी बढ़ने के हिसाब से अगर देखा जाए तो चालू साल की दूसरी तिमाही काफी खराब रही. आंकड़ों के आधार पर अगर हम बात करें तो इस दौरान केवल 5.4 फीसदी जीडीपी बढ़ने के लक्षण हैं. जो पिछली सात तिमाहियों में सबसे कम है. इसका सबसे बड़ा कारण देश के शहरी मध्यवर्ग की खरीदारी क्षमता का कम पड़ जाना है. महंगाई बढ़ने की तुलना में आमदनी के नहीं बढ़ने के कारण यह वर्ग जीवन की जरूरतों पर कम खर्च करने के लिए मजबूर हो गया है. देश के शहरी मध्यवर्ग की खरीदारी क्षमता हुई कम! जीडीपी पर पड़ा गहरा असर-सरकार कैसे पार पाएगी घटती जीडीपी से </p> ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 13 Dec 2024 18:45:46 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>The purchasing power of the country&#039;s urban middle class has decreased! The deep impact on GDP - how the government will overcome the declining GDP</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>ठगों ने कंपनी की रिटर्न पॉलिसी का फायदा उठाते हुए Myntra वेबसाइट को लगाया 50 करोड़ का चूना!</title>
        <link>https://delhilookout.com/Fraudsters-cheat-Myntra-website-of-Rs-50-crore-by-taking-advantage-of-the-companys-return-policy</link>
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        <description><![CDATA[ <p>फ्लिपकार्ट की फैशन बेस्ड वेबसाइट Myntra के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। दरअसल, कंपनी को रिफंड स्कैम की वजह से करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा। खबरों के मुताबिक, ठगों ने कंपनी की रिटर्न पॉलिसी का फायदा उठाते हुए पूरे स्कैम को अंजाम दिया, जिसका खुलासा कंपनी के ऑडिट में हुआ है। स्कैमर्स ज्यादा वैल्यू वाली चीजों के ऑर्डर करते थे, जैसे ब्रांडेड शूज, कपड़े और एक्सेसरीज आदि। ऑर्डर डिलीवर होने के बाद ही सामान में कमी, गलत आइटम की डिलीवरी या डिलीवरी ना होना जैसी फ्रॉडस्टर्स फर्जी शिकायत दर्ज करवाते थे।Myntra कस्टमर्स की शिकायत पर उन्हें रिफंड क्लेम का मौका देता है, जिसमें कम आइटम्स का डिलीवर होना, कलर मिसमैच या गलत सामान जैसे ऑप्शन होते हैं। शिकायत मिलने के बाद ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म रिफंड देता है। रिपोर्ट की मानें, कंपनी की रिफंड क्लेम पॉलिसी का फायदा उठाकर देश के अलग-अलग इलाकों में 50 करोड़ रुपये का स्कैम किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान के जयपुर में एक गैंग इस फ्रॉड को अंजाम दे रही है क्योंकि लगभग सभी फ्रॉड ऑर्डर जयपुर से प्लेस किए गए हैं। इसके अलावा ठगों ने बेंगलुरु और दूसरे महानगरों से भी ऐसे ऑर्डर आए हैं, जिनमें रिफंड क्लेम किया गया है। इसमें से कुछ ऑर्डर तो चाय की दुकान, टेलर शॉप्स या स्टेशनरी स्टोर्स पर भी डिलीवर किए गए हैं।  ठगों ने कंपनी की रिटर्न पॉलिसी का फायदा उठाते हुए Myntra वेबसाइट को लगाया 50 करोड़ का चूना!</p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 11 Dec 2024 18:42:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>Fraudsters cheat Myntra website of Rs 50 crore by taking advantage of the company&#039;s return policy!</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>गुडगांवा में बिका देश का सबसे महंगा पेंटहाउस! 190 करोड़ रूपए की कीमत का 16,290 वर्गफुट में बना सबसे लग्जरी पेंटहाउस</title>
        <link>https://delhilookout.com/Countrys-most-expensive-penthouse-sold-in-Gurgaon-The-most-luxurious-penthouse-built-in-16,290-square-feet-at-a-cost-of-Rs-190-crore</link>
        <guid>https://delhilookout.com/Countrys-most-expensive-penthouse-sold-in-Gurgaon-The-most-luxurious-penthouse-built-in-16,290-square-feet-at-a-cost-of-Rs-190-crore</guid>
        <description><![CDATA[ <p>देश के कई हिस्सों में लग्जरी पेंटहाउस बनकर तैयार हो रहे हैं, जिन्हें ऊंचे दाम पर बेचा जा रहा है. इस क्रम में आज हम आपको एक ऐसे पेंटहाउस के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी कीमत ने रियल एस्टेट सेक्टर में एक नया रिकॉर्ड कायम किया है. हम यहां बात कर रहे हैं गुड़गांव में डीएलएफ कैमेलियाज सोसाइटी में बिके एक अपॉर्टमेंट की, जिसका सौदा 190 करोड़ रुपये में हुआ है. इसी के साथ यह देश का सबसे महंगा पेंटहाऊस बन गया है.भारत के किसी भी हाई राइज बिल्डिंग में अब तक जितने भी फ्लैट या अपार्टमेंट बेचे गए हैं, उनमें इसकी कीमत प्रति वर्ग फुट के हिसाब से सबसे अधिक है. सुपर एरिया के हिसाब से इसकी कीमत प्रति वर्ग फुट 1.2 लाख तय किया गया, जबकि कारपेट एरिया का सौदा प्रति वर्ग फुट 1.8 लाख के हिसाब से हुआ. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, 16,290 वर्ग फुट में फैली इस पूरी प्रॉपर्टी को सॉफ्टवेयर कंपनी Info-x Pvt Ltd ने अपने निदेशक ऋषि पार्ती के जरिए खरीदा है. हालांकि, सोसायटी ने अब तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है. रियल एस्टेट कंपनियों के डाटा एनालिटिक्स विशेषज्ञ इसे भारत में सबसे बड़े रियल एस्टेट सौदों में से एक मान रहे हैं. आपको बता दें, यह डील 2 दिसंबर को रजिस्टर की गई. इस 6 BHK पेंटहाऊस का बिल्ट-अप क्षेत्र 11 हजार से 16 हजार 500 वर्ग फुट तक है. इसमें हर मास्टर बेडरूम के साथ अलग से ड्रेसिंग एरिया, वॉशरूम, लिविंग रूम और फ्रंट बेडरूम डेक जैसी सुविधाएं हैं. पेंटहाउस में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी अलग से रहने का इंतजाम है.</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 09 Dec 2024 18:18:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>Country&#039;s most expensive penthouse sold in Gurgaon! The most luxurious penthouse built in 16, 290 square feet at a cost of Rs 190 crore</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>माता&amp;पिता और बच्चो के खराब होते संबंधों का सबसे बड़ा कारण स्मार्टफोन! रिश्तो में होने लगा इरिटेशन </title>
        <link>https://delhilookout.com/Smartphones-are-the-biggest-reason-for-the-deteriorating-relationship-of-parents-and-children-Irritation-starts-in-relationship </link>
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        <description><![CDATA[ <p>‘साइबरमीडिया रिसर्च’ द्वारा किए गए सर्वेक्षण के मुताबिक, माता-पिता औसतन 5 घंटे से अधिक और बच्चे प्रतिदिन 4 घंटे से अधिक समय अपने स्मार्टफोन पर बिताते हैं। दोनों समूह स्मार्टफोन का अधिकतर इस्तेमाल सोशल मीडिया और मनोरंजन के लिए करते हैं। ‘वीवो स्विच ऑफ 2024′ सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक, ‘‘स्मार्टफोन के अत्यधिक इस्तेमाल से व्यक्तिगत संबंधों में तनाव पैदा हुआ है, माता-पिता और बच्चे दोनों ही इसे अपने बीच संघर्ष का एक स्रोत मानते हैं।66 प्रतिशत माता-पिता और 56 प्रतिशत बच्चे अत्यधिक स्मार्टफोन उपयोग के कारण अपने व्यक्तिगत संबंधों में नकारात्मक बदलाव देखते हैं।”अध्ययन के अनुसार, माता-पिता और बच्चे दोनों एक-दूसरे के साथ घनिष्ठ संबंध चाहते हैं, लेकिन कोई भी समूह अपनी अत्यधिक और उद्देश्यहीन स्मार्टफोन इस्तेमाल की आदतों पर अंकुश लगाने को तैयार नहीं है। सर्वेक्षण में शामिल 73 प्रतिशत माता-पिता और 69 प्रतिशत बच्चे इस बात से सहमत थे कि स्मार्टफोन का अत्यधिक उपयोग उनके बीच विवाद का कारण है।अध्ययन के मुताबिक, माता-पिता और बच्चे दोनों ही स्मार्टफोन पर बहुत ज़्यादा निर्भर हैं, क्योंकि यह उनके जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा बन गया है। सर्वेक्षण के अनुसार, 76 प्रतिशत माता-पिता और 71 प्रतिशत बच्चे इस बात से सहमत हैं कि वे अपने स्मार्टफोन के बिना नहीं रह सकते। अध्ययन के मुताबिक, सर्वेक्षण में शामिल 64 प्रतिशत बच्चों ने स्वीकार किया कि वे स्मार्टफोन के आदी हो चुके हैं, तथा अपना अधिकांश समय सोशल मीडिया और मनोरंजन गतिविधियों में बिताते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘दो तिहाई बच्चों का कहना है कि यदि उनके मित्र सोशल मीडिया ऐप पर नहीं होते तो वे इसका उपयोग नहीं करते। 90 प्रतिशत से अधिक बच्चों का कहना है कि काश सबसे लोकप्रिय सोशल मीडिया ऐप का आविष्कार ही नहीं हुआ होता।” यह अध्ययन रिपोर्ट दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु, अहमदाबाद और पुणे के 1,543 स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं की राय पर आधारित है। माता-पिता और बच्चो के खराब होते संबंधों का सबसे बड़ा कारण स्मार्टफोन! रिश्तो में होने लगा इरिटेशन  </p> ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 06 Dec 2024 16:37:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>Smartphones are the biggest reason for the deteriorating relationship of parents and children! Irritation starts in relationship </media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>उत्तर प्रदेश के नए जिले महाकुंभ मेला को मिलेगा  2500 करोड़ रुपये का बजट! उत्तर प्रदेश के 76 वां जिला होगा महाकुंभ मेला</title>
        <link>https://delhilookout.com/Mahakumbh-Mela,-the-new-district-of-Uttar-Pradesh,-will-get-a-budget-of-Rs-2500-crore-Maha-Kumbh-Mela-will-be-held-in-76th-district-of-Uttar-Pradesh</link>
        <guid>https://delhilookout.com/Mahakumbh-Mela,-the-new-district-of-Uttar-Pradesh,-will-get-a-budget-of-Rs-2500-crore-Maha-Kumbh-Mela-will-be-held-in-76th-district-of-Uttar-Pradesh</guid>
        <description><![CDATA[ <p>उत्तर प्रदेश सरकार ने यूपी में अब एक और नए जिले की घोषणा की है. योगी सरकार ने प्रयागराज महाकुंभ के आयोजन के लिए मेला क्षेत्र को नया जिला घोषित कर दिया है. बीते दिनों महाकुंभ मेला नाम से नए जिले की अधिसूचना जारी करते हुए बताया गया कि महाकुंभ मेला जिले में वह सभी प्रक्रियाएं अपनाई जाएंगी, जो किसी दूसरे जिले के संचालन के लिए जरूरी होती हैं.आसान भाषा में कहें तो अब मेला क्षेत्र के लिए अलग से डीएम, पुलिस कप्तान, थाने और चौकियां होंगी. हालांकि, ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है. इससे पहले भी यूपी सरकार की ओर से कुंभ और अर्ध कुंभ के मौके पर नए जिले की अधिसूचना जारी होती रही है. आपको बता दें, यूपी के 76वें जिले, महाकुंभ मेले के लिए योगी सरकार ने वित्त वर्ष 2023-24 में ही बजट पेश कर दिया था. फरवरी 2023 में योगी सरकार ने बताया था कि मेले के लिए उन्होंने जो बजट पेश किया है, वह 2500 करोड़ रुपये का है. आपको बता दें, इससे पहले वित्त वर्ष 2022-23 में कुंभ मेले के लिए 621.55 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया था. यूपी के 76वें जिले में अधिकारियों की नियुक्ति की बात करें तो कलेक्टर मेलाधिकारी विजय किरन आनंद होंगे. वहीं, एसएसपी के तौर पर राजेश द्विवेदी की नियुक्ति पहले ही हो चुकी है. आपको बता दें, महाकुंभ मेला जिले में पूरा परेड क्षेत्र और चार तहसीलों सदर, सोरांव, फूलपुर और करछना के 67 गांव शामिल हैं. उत्तर प्रदेश के नए जिले महाकुंभ मेला को मिलेगा  2500 करोड़ रुपये का बजट! उत्तर प्रदेश के 76 वां जिला होगा महाकुंभ मेला</p> ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 03 Dec 2024 17:01:41 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>Mahakumbh Mela, the new district of Uttar Pradesh, will get a budget of Rs 2500 crore! Maha Kumbh Mela will be held in 76th district of Uttar Pradesh</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>मलेशिया के तीसरे सबसे धनी व्यक्ति आनंद कृष्णन का निधन! इकलौता बेटा बन गया बौद्ध भिक्षु! कौन संभालेगा 4000 करोड़ रूपए की संपत्ति</title>
        <link>https://delhilookout.com/Malaysias-third-richest-man-Anand-Krishnan-passes-away-The-only-son-became-a-Buddhist-monk-Who-will-handle-property-worth-Rs-4000-crore</link>
        <guid>https://delhilookout.com/Malaysias-third-richest-man-Anand-Krishnan-passes-away-The-only-son-became-a-Buddhist-monk-Who-will-handle-property-worth-Rs-4000-crore</guid>
        <description><![CDATA[ <p>मलेशिया के सबसे अमीर लोगों में से एक आनंद कृष्णन (AK) का 86 साल की उम्र में न‍िधन हो गया. उनके कारोबारी साम्राज्य में टेलीकॉम, सेटेलाइट, मीडिया, ऑयल, गैस और रियल एस्टेट शामिल है. उनके न‍िधन से जुड़ी जानकारी उनकी प्राइवेट इनवेस्‍टमेंट फर्म, उसाहा तेगास के एक बयान में दी गई. उनका इकलौता बेटा वेन अजान सिरीपान्यो (Ven Ajahn Siripanyo) प‍िछले द‍िनों उस समय सुर्खियों में था, जब उन्होंने 18 साल की उम्र में 5 बिलियन डॉलर की विरासत छोड़कर बौद्ध भिक्षु बनने का फैसला क‍िया. अब मीड‍िया में यह चर्चा चल रही है क‍ि उनकी 40000 करोड़ रुपये की संपत्‍त‍ि को कौन संभालेगा?उसाहा तेगास की तरफ से बताया गया क‍ि एके (AK) ने राष्ट्र निर्माण और कॉर्पोरेट जगत में अहम योगदान दिया है. उनके परोपकारी कदम ने कई लोगों के जीवन में रोशनी दी है. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार अक्‍सर एके के नाम से पहचाने जाने वाले कृष्णन, मलेशिया के तीसरे सबसे अमीर शख्‍स थे. उनकी कुल संपत्ति 40,000 करोड़ रुपये (5 बिलियन अमेरिकी डॉलर) से ज्‍यादा थी. अपनी कॉर्पोरेट उपलब्धियों के साथ ही वह एक बेहद परोपकारी शख्‍स थे. आनंद कृष्णन (AK) के इकलौते बेटे वेन अजान सिरीपान्यो (Ven Ajahn Siripanyo) ने 18 साल की उम्र में 40000 करोड़ की संपत्‍त‍ि की विरासत को छोड़ द‍िया. अपने इस फैसले के साथ उन्‍होंने सांसारिक जीवन त्याग कर बौद्ध भिक्षु बनने का फैसला कर सभी को चौंका दिया. सिरीपान्यो का यह फैसला थाईलैंड में एक अस्थायी प्रवास से शुरू हुआ था. आज, दो दशक से ज्‍यादा समय बाद वह थाईलैंड-म्यांमार बॉर्डर के पास स्थित दताओ डम मठ के अध्यक्ष हैं. मलेशिया के तीसरे सबसे धनी व्यक्ति आनंद कृष्णन का निधन! इकलौता बेटा बन गया बौद्ध भिक्षु! कौन संभालेगा 4000 करोड़ रूपए की संपत्ति</p> ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 29 Nov 2024 16:33:39 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>Malaysia&#039;s third richest man Anand Krishnan passes away! The only son became a Buddhist monk! Who will handle property worth Rs 4000 crore?</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>जोमैटो सीईओ दीपिंदर गोयल फ्री में करेंगे काम! 31 मार्च, 2026 नही लेंगे वेतन</title>
        <link>https://delhilookout.com/Zomato-CEO-Deepinder-Goyal-will-work-for-free-Will-not-take-salary-till-March-31,-2026</link>
        <guid>https://delhilookout.com/Zomato-CEO-Deepinder-Goyal-will-work-for-free-Will-not-take-salary-till-March-31,-2026</guid>
        <description><![CDATA[ <p>तीन साल पहले यानी वित्त वर्ष 2020-21 की शुरुआत में जोमैटो सीईओ ने कहा था कि फाइनेंशियल ईयर 2023-24 के अंत तक 36 महीनों के लिए वे अपनी सैलरी नहीं लेंगे. हालांकि, अब उन्होंने अपने इस फैसले को 31 मार्च, 2026 तक बढ़ा दिया है यानी वो दो साल और अपना वेतन नहीं लेंगे। कंपनी के डाक्यूमेंट्स लिखा है, "दीपिंदर गोयल ने बोर्ड को बताया कि 24 मार्च, 2021 और 1 अप्रैल, 2024 के वाइड लेटर्स के अनुसार, उन्होंने 1 अप्रैल, 2021 से 31 मार्च, 2026 तक की अवधि के लिए स्वेच्छा से अपना वेतन छोड़ दिया है." हालांकि, गोयल इस बीच जोमैटो के एमडी और सीईओ के तौर पर कंपनी में अपनी भूमिका और कार्यों को करते रहेंगे. इस दौरान वे वैरिएबल पे की कुल राशि भी लेंगे. ये राशि बोर्ड बाद में तय करेगी.बता दें कि गोयल के पास जोमैटो के 4.18 फीसदी के शेयर हैं. इसकी कीमत 25 नवंबर को बीएसई पर कारोबार बंद होने तक 10,000 करोड़ रुपये से अधिक थी. जोमैटो के शेयर में इस साल अब तक 140 फीसदी से अधिक की बढ़त हुई है. दरअसल आज यानी 26 नवंबर को दोपहर 1 बजे बीएसई पर ये 277.35 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा था जिसकी वजह से शेयरों की कीमत में उछाल आया है.जोमैटो का 26 नवंबर को दोपहर 1 बजे तक 2,45,243 करोड़ रुपये यानी लगभग 28.8 बिलियन डॉलर का बाजार पूंजीकरण रहा. इसके हाल ही में लिस्टेड इसकी प्रतिद्वंद्वी स्विगी का बाजार पूंजीकरण 99,845 करोड़ रुपये यानी लगभग 11.8 बिलियन डॉलर है. जोमैटो सीईओ दीपिंदर गोयल फ्री में करेंगे काम! 31 मार्च, 2026 नही लेंगे वेतन</p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 27 Nov 2024 17:56:44 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>Zomato CEO Deepinder Goyal will work for free! Will not take salary till March 31, 2026</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>उद्योग जगत के महान शख्स  एस्सार समूह के सह&amp;संस्थापक शशि रुइया का लंबी बीमारी के बाद निधन</title>
        <link>https://delhilookout.com/Essar-Group-co-founder-Shashi-Ruia,-industry-legend,-passes-away-after-prolonged-illness</link>
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        <description><![CDATA[ <p>एस्सार समूह के सह-संस्थापक शशि रुइया का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि रुइया का 25 नवंबर को रात 11 बजकर 55 मिनट पर मुंबई में निधन हो गया। पीटीआई की खबर के मुताबिक, वह करीब एक महीने पहले अमेरिका से इलाज करा लौटे थे। मंगलवार को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक उनका पार्थिव शरीर रुइया हाउस में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। शाम 4 बजे रुइया हाउस से शवयात्रा हिंदू वर्ली श्मशान घाट के लिए रवाना होगी।शशि रुइया के परिवार में उनकी पत्नी मंजू और दो बेटे प्रशांत तथा अंशुमान हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रुइया के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वह उद्योग जगत के महान शख्स थे। दूरदर्शी नेतृत्व और उत्कृष्टता के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता ने भारत के कारोबारी परिदृश्य को बदल दिया। उनका निधन काफी दुखद है। उन्होंने इनोवेशन और डेवलपमेंट के लिए हाई स्टैंडर्ड स्थापित किए। उनके पास हमेशा कई विचार होते थे। हमेशा इस बात पर चर्चा करते थे कि हम अपने देश को कैसे बेहतर बना सकते हैं। 80 वर्षीय उद्योगपति शशि रुइया ने अपने भाई रविकांत रुइया (उर्फ रवि रुइया) के साथ मिलकर साल 1969 में मेटल से लेकर टेक्नोलॉजी तक के कारोबार से जुड़ी कंपनी एस्सार ग्रुप की स्थापना की थी। शशिकांत रुइया ने अपने पिता नंद किशोर रुइया के मार्गदर्शन में साल 1965 में अपने करियर की शुरुआत की और 1969 में चेन्नई पोर्ट पर एक बाहरी ब्रेकवाटर का निर्माण करके एस्सार की नींव रखी। एस्सार ग्रुप आज स्टील, ऑयल रिफाइनिंग, इन्वेस्टिगेशन और प्रोडक्शन, टेलीकॉम, बिजली और निर्माण सहित कई सेक्टर में कारोबार कर रहा है। उद्योग जगत के महान शख्स  एस्सार समूह के सह-संस्थापक शशि रुइया का लंबी बीमारी के बाद निधन</p> ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 26 Nov 2024 17:05:18 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>Essar Group co-founder Shashi Ruia, industry legend, passes away after prolonged illness</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>भारत में क्विक कॉमर्स में अमेजन इंडिया की दस्तक से ब्लिंकिट, जैप्‍टो और स्विगी की उड़ी नींदे</title>
        <link>https://delhilookout.com/ Blinkit,-Zepto-and-Swiggy-are-in-trouble-due-to-the-entry-of-Amazon-India-in-quick-commerce-in-India.</link>
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        <description><![CDATA[ <p> भारत में क्विक कॉमर्स एक तेजी से बढ़ रहा क्षेत्र है. इसकी मौजूदा ग्रॉस वैल्‍यू ₹57,701 करोड़ रुपये आंकी गई है. ब्लिंकिट, जैप्‍टो और स्विगी इंस्‍टामार्ट इस क्षेत्र के प्रमुख खिलाड़ी हैं. लेकिन, अब इन तीनों ही कंपनियों के लिए आने वाले दिन तगड़ी प्रतिस्‍पर्धा वाले होने वाले हैं. ऐसा इ‍सलिए है क्‍योंकि ई-कॉमर्स दिग्‍गज अमेजन इंडिया ने भी इस क्षेत्र में कूदने की पूरी तैयारी कर ली है. कंपनी अपनी क्विक कॉमर्स सेवा ‘तेज’ को इस साल के अंत या फिर नए साल साल के शुरुआत में लॉन्‍च कर सकती है. अमेजन इंडिया तेज की लॉन्चिंग के लिए जोर-शोर से जुटी है और कर्मचारियों की भर्ती से लेकर कंपनी डार्क स्टोर्स, स्टॉक-कीपिंग यूनिट्स (SKUs) और तेज डिलीवरी नेटवर्क बनाने में लगी हुई है.<br>Amazon का प्रवेश ऐसे समय में हो रहा है जब Flipkart ने अपनी “Minutes” सेवा त्योहारों के सीजन में लॉन्च की है. बिगबास्‍केट (BigBasket) ने अक्टूबर में ₹900 करोड़ की बिक्री दर्ज की, जबकि टाटा डिजिटल (Tata Digital) भी अपनी “Neu Flash” सेवा शुरू कर चुका है. पहले अमेजन इंडिया की क्विक कॉमर्स सेवा साल 2025 की पहली तिमाही में शुरू करने की थी, लेकिन अब उसने अपना इरादा बदल इसे पले ही लॉन्‍च करने का मन बनाया है.  भारत में क्विक कॉमर्स में अमेजन इंडिया की दस्तक से ब्लिंकिट, जैप्‍टो और स्विगी की उड़ी नींदे</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 25 Nov 2024 15:59:42 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords> Blinkit, Zepto and Swiggy are in trouble due to the entry of Amazon India in quick commerce in India.</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>एक ही दिन में गौतम अड़ानी को हुआ 1,25,045 करोड़ रुपये का भारी नुकसान</title>
        <link>https://delhilookout.com/Gautam-Adani-suffered-a-huge-loss-of-Rs-1,25,045-crore-in-a-single-day.</link>
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        <description><![CDATA[ <p>अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी की नेटवर्थ में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है। अडानी ग्रुप पर अमेरिकी अभियोजकों द्वारा लगाए गये आरोपों के बाद से गौतम अडानी को लगातार नुकसान हो रहा है। अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयर करीब 28% तक टूट चुके हैं। गुरुवार के बाद आज शुक्रवार को भी शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखी जा रही है। इसका सीधा असर गौतम अडानी की नेटवर्थ पर भी हुआ है। उनकी नेटवर्थ 20% से अधिक गिर गई है। ऐसे में उनसे अब भारत और एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति का दर्जा भी छिन गया है।फोर्ब्स रियलटाइम बिलियनेयर्स लिस्ट के अनुसार, गौतम अडानी की नेटवर्थ में अमेरिका में लगे आरोपों के चलते 21.21% की गिरावट आ चुकी है। फोर्ब्स रियलटाइम बिलियनेयर्स लिस्ट के डेटा के अनुसार, शुक्रवार सुबह 10 बजकर 50 मिनट तक नेटवर्थ 14.8 अरब डॉलर (1,25,045 करोड़ रुपये) गिर चुकी थी। इससे गौतम अडानी की नेटवर्थ अब 55 अरब डॉलर ही रह गई है। नेटवर्थ में इस गिरावट से गौतम अडानी दुनिया के सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में काफी नीचे आ गये हैं। वे इस लिस्ट में 27 वें स्थान पर आ गये हैं। पहले वे इस लिस्ट में 18वें स्थान पर थे।<br>गौतम अडानी पहले भारत के सबसे अमीर व्यक्ति थे। यह दर्जा अब रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी के पास वापस आ गया है। मुकेश अंबानी इस समय 97.6 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ दुनिया के 18वें सबसे अमीर व्यक्ति हैं। एक ही दिन में गौतम अड़ानी को हुआ 1,25,045 करोड़ रुपये का भारी नुकसान</p> ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 22 Nov 2024 13:57:59 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>Gautam Adani suffered a huge loss of Rs 1, 25, 045 crore in a single day.</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>हिमाचल भवन की कुर्की के आदेश के बाद अब बिकानेर हाउस को भी कुर्क करने के आदेश!</title>
        <link>https://delhilookout.com/After-the-order-for-attachment-of-Himachal-Bhawan,-now-order-for-attachment-of-Bikaner-House-also</link>
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        <description><![CDATA[ <p>दिल्ली स्थित हिमाचल भवन को कुर्क करने के आदेश के बाद पटियाला हाउस कोर्ट ने बीकानेर हाउस को भी अटैच करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने यह राजस्थान की नोखा नगर पालिका और एनवायरो इन्फ्रा इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड के बीच हुए मध्यस्थता समझौते का पालन नहीं करने पर आदेश जारी किया है.<br>दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में कमर्शियल कोर्ट की जज विद्या प्रकाश की बेंच ने यह आदेश दिया. उन्‍होंने अपने आदेश में कहा कि 21 जनवरी 2020 को एनवायरो इन्फ्रा इंजीनियर्स के बीच विवाद के बाद नगर पालिका को 50,31,512 लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया गया था. मगर इसके बावजूद भी नगर पालिका ने कंपनी को इसका भुगतान नहीं किया.<br>मामले में अगली सुनवाई 29 नवंबर को होगी. कोर्ट ने नोखा नगर पालिका प्रतिनिधि को उस दिन अदालत में पेश होने का आदेश दिया है.इससे पहले हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने दिल्ली स्थित हिमाचल भवन को कुर्क करने का आदेश जारी किया था. कांग्रेस के नेतृत्व वाली सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार के लगभग 150 करोड़ रुपये का बिजली बकाया भुगतान करने में विफल रहने पर यह आदेश जारी किया था.अदालत ने विद्युत विभाग के प्रधान सचिव को इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान करने के लिए तथ्य-जांच करने का भी निर्देश दिया है. अदालत का यह आदेश सुक्खू सरकार द्वारा 64 करोड़ रुपये चुकाने के पिछले आदेशों की अनदेखी करने के बाद आया था, जो अब ब्याज के कारण बढ़कर लगभग 150 करोड़ रुपये हो गया है. हिमाचल भवन की कुर्की के आदेश के बाद अब बिकानेर हाउस को भी कुर्क करने के आदेश!</p> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 21 Nov 2024 16:47:42 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>After the order for attachment of Himachal Bhawan, now order for attachment of Bikaner House also!</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>7 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ चीन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और फ्रांस से भी तेज गति से भारत की अर्थव्यवस्था की बढ़ने की उम्मीद</title>
        <link>https://delhilookout.com/With-a-growth-rate-of-7-percent,-Indias-economy-is-expected-to-grow-faster-than-China,-Australia,-Canada-and-France.</link>
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        <description><![CDATA[ <p><br>जी20 देशों में विकास दर के मामले में इस साल भारत के बाद 5 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ इंडोनेशिया दूसरे और 4.8 प्रतिशत के साथ चीन तीसरे स्थान पर है। जी-20 देशों में भारत की अर्थव्यवस्था 7 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ 2024 में सबसे तेज गति से बढ़ने की उम्मीद है।<br>ब्राजील में चल रहे जी-20 शिखर सम्मेलन में रैंकिंग जारी होने के बाद एक्स पर पोस्ट किए गए भारत सरकार के बयान के मुताबिक, अनुमानित 7 प्रतिशत की जीडीपी विकास दर के साथ भारत जी-20 देशों में अग्रणी स्थान पर है। यह उपलब्धि भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को उजागर करती है, जो वैश्विक चुनौतियों के बीच अपनी मजबूती और तेज गति से देश के विकास को प्रदर्शित करती है।जीडीपी वृद्धि में 3.6 प्रतिशत की विकास दर के साथ रूस चौथे और 3 प्रतिशत के साथ ब्राजील पांचवे स्थान पर है।वहीं, 3 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ अफ्रीका रीजन छठवें और 2.8 प्रतिशत की वृद्धि दर से अमेरिका सातवें स्थान पर है।2024 में अन्य पश्चिमी देश जैसे कनाडा की जीडीपी वृद्धि 1.3 प्रतिशत, फ्रांस, यूरोपीयन यूनियन और यूके की जीडीपी विकास दर 1.1 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। इटली और जापान की विकास दर क्रमश: 0.7 प्रतिशत और 0.3 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।ऑस्ट्रेलिया की जीडीपी वृद्धि दर इस साल 1.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। विकसित देशों में जर्मनी का प्रदर्शन सबसे खराब 0 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 और 19 नवंबर को आयोजित होने वाले जी20 2024 के लिए ब्राजील के रियो डी जेनेरियो पहुंचे, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। मध्य पूर्व और यूरोप में चल रहे जलवायु संकट और संघर्ष के बीच आयोजित इस शिखर सम्मेलन का फोकस भूख, गरीबी और असमानता के खिलाफ लड़ाई, सतत विकास और वैश्विक शासन सुधारों पर है। सभी 19 जी20 सदस्य देश - अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया, मैक्सिको, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, रूस, तुर्की, ब्रिटेन और अमेरिका और यूरोपीय संघ - दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। 7 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ चीन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और फ्रांस से भी तेज गति से भारत की अर्थव्यवस्था की बढ़ने की उम्मीद</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 18 Nov 2024 17:10:38 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>With a growth rate of 7 percent, India&#039;s economy is expected to grow faster than China, Australia, Canada and France.</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में एक बार फिर से गिरावट दर्ज</title>
        <link>https://delhilookout.com/Indias-foreign-exchange-reserves-once-again-declined.</link>
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        <description><![CDATA[ <p>भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में एक बार फिर से गिरावट दर्ज की गई. बताया जा रहा कि विदेशी मुद्रा भंडार में ये गिरावट विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की बिकवाली के चलते आई है. 11 अक्टूबर 2024 को खत्म हुए सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 10.74 बिलियन डॉलर कम हो गया. इसके बाद ये गिरकर 700 बिलियन डॉलर से नीचे पहुंचकर 690 बिलियन डॉलर पर आ गया. बता दें कि इसके पहले हफ्ते में फॉरेक्स रिजर्व 701.176 बिलियन डॉलर रहा था. जबकि 4 अक्टूबर को फॉरेक्स रिजर्व ने 704.88 बिलियन डॉलर के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गया था.<br>बता दें कि शुक्रवार को भारतीय रिजर्व बैंक ने फॉरेक्स रिजर्व का डेटा जारी किया है. जिसके मुताबिक, विदेशी मुद्रा भंडार 10.74 बिलियन घटकर 690.43 अरब डॉलर पर आ गया. वहीं फॉरेन करेंसी एसेट्स में भी 10.54 बिलियन डॉलर की कटौती दर्ज की गई. उसके बाद ये कम होकर 602.210 बिलियन डॉलर हो गया. भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में एक बार फिर से गिरावट दर्ज</p> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 14 Nov 2024 18:25:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>India&#039;s foreign exchange reserves once again declined.</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनी के खिताब पर एनवीडिया ने एक बार फिर कब्जा</title>
        <link>https://delhilookout.com/Nvidia-has-once-again-captured-the-title-of-the-worlds-most-valuable-company</link>
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        <description><![CDATA[ <p>दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनी के खिताब पर एनवीडिया ने एक बार फिर कब्जा कर लिया है. चिपमेकर एनवीडिया पहले भी ये मुकाम हासिल कर चुकी है. इस बार भी एनवीडिया ने एप्पल को दूसरे नंबर पर धकेलकर पहला स्थान पा लिया है. दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी बनने के पीछे एनवीडिया ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की ताकत को भी खूब जिम्मेदार दिखाया है. एआई हार्डवेयर मार्केट में अपना दबदबा जमाने के जरिए एनवीडिया लगातार नए-नए रिकॉर्ड गढ़ती जा रही है. एनवीडिया की ताकत इतनी है कि एसएंडपी 500 इंडेक्स में इसका वेटेज 7 फीसदी है और इस साल कंपनी ने इंडेक्स के लिए 21 फीसदी की बढ़ोतरी अभी तक हासिल कर ली है. एनवीडिया का मार्केट कैप शानदार उछाल के साथ 3.43 ट्रिलियन डॉलर पर आ गया है और इस अभूतपूर्व कारनामे को करने के लिए एआई के सहारे से कंपनी को जबरदस्त ग्रोथ दिखाने का मौका मिला है. कंपनी के एआई ट्रेनिंग और रनिंग मॉड्यूल के जरिए कंपनी इस क्षेत्र में अपना रुतबा बरकरार रखे हुए है और पूरे साल के दौरान एनवीडिया की धमाकेदार ग्रोथ ने कारोबारी हलकों से हैरान किया है और इसके निवेशकों को मालामाल किया है.कंपनी ने एआई की बढ़ती डिमांड को संभालने के लिए मुख्य रूप से डेटा सेंटर और एआई रिसर्चर्स पर जमकर निवेश किया है. इसके रिटर्न के रूप में एनवीडिया के शेयर आसमान की ऊंचाई पर जा पहुंचे हैं. कल के ट्रेड में अमेरिकी बाजार में नैस्डेक पर एनवीडिया कॉर्प के शेयर 145.61 अमेरिकी डॉलर पर बंद हुए और इसमें 4 फीसदी से ज्यादा उछाल के साथ कारोबार बंद हुआ है. इसी के सहारे शेयर बाजार में एनवीडिया एक शानदार मार्जिन के साथ अपने कॉम्पीटीटर्स को पीछे छोड़ रही है.टेक इंडस्ट्री में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का दबदबा छाया हुआ है और इसके दायरे में एप्पल, अल्फाबेट, माइक्रोसॉफ्ट और मेटा सभी टेक दिग्गज कंपनियां आ रही हैं. एआई निवेश के लिए टेक्नोलॉजी का यूज करके ये तकनीकी कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स् और सेवाओं का विस्तार कर रही हैं और ग्लोबल रूप से इन सभी को चिप सप्लाई करके एनवीडिया पायोनियर बनी हुई है.</p> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 07 Nov 2024 18:04:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>Nvidia has once again captured the title of the world&#039;s most valuable company</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>देश में त्योहारी सीजन में सब्जियों के रेट ने बनाया मंहगाई का नया रिकॉर्ड!</title>
        <link>https://delhilookout.com/Vegetable-prices-set-a-new-inflation-record-during-the-festive-season-in-the-country</link>
        <guid>https://delhilookout.com/Vegetable-prices-set-a-new-inflation-record-during-the-festive-season-in-the-country</guid>
        <description><![CDATA[ <p>देश में त्योहारी सीजन चल रहा है और खाने-पीने के सामान के बेतहाशा महंगे होने के चलते आम जनता असमंजस में है. फेस्टिव सीजन में घर और किचेन का बजट कैसे बनाया जाए जिससे धनतेरस, नरक चतुर्दशी और दिवाली जैसे पर्व पर खाने-पीने से लेकर सजावटी सामानों की बढ़ती कीमत उन्हें परेशान ना करे, यही बड़ा सवाल है. इस समय चाहे आप सब्जी लेने के लिए पास की लोकल मंडी में चले जाएं या ऑनलाइन सब्जियां मंगवाएं, आपको ज्यादा दाम ही देने पड़ेंगे. जानिए आपको परेशानी में डालनी वाली सबसे ज्यादा वो कौनसी सब्जियां हैं जिनके दाम इस समय आसमान पर पहुंचे हुए हैं.<br>सब्जी मंडी में सब्जियों के दाम देखें तो आपको महंगाई का करेंट लग सकता है, जैसे यहां प्याज 70-80 रुपये किलो है और टमाटर 90-100 रुपये प्रति किलो पर है. आलू के दाम 40-50 रुपये प्रति किलो पर हैं. हमने यहां ग्रोफर्स के रेट लिए हैं जो ताजा सब्जियों के लिए ऑनलाइन डिलिवरी क्षेत्र में अच्छी बाजार हिस्सेदारी रखता है. इस पर सब्जियों के दाम देखें तो यहां आपको काफी अंतर देखने को मिलेगा. यहां टमाटर 120 रुपये किलो तो आलू 50 रुपये किलोग्राम पर मिलेंगे. यहां पर फ्रेंच बीन्स के रेट 180 रुपये किलो तक हैं. भिंडी 90 रुपये किलो तो फूलगोभी 100 रुपये किलो के रेट पर मिल रही है. लहसुन 400 रुपये किलो पर है यानी इसकी महंगाई तो सातवें आसमान पर है.</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 21 Oct 2024 17:27:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>Vegetable prices set a new inflation record during the festive season in the country!</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>10 वर्ष में 132% बढ़ गए ITR फाइल करन वाले! 182% बढ़ गया डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन</title>
        <link>https://delhilookout.com/ITR-filers-increased-by-132-in-10-years-Direct-tax-collection-increased-by-182</link>
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        <description><![CDATA[ <p>इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) फाइल करने वालों की संख्या में पिछले 10 सालों में दोगुना इजाफा देखने को मिला है. वित्त वर्ष 2013-14 के लिए कुल 3,79,74,966 आयकर रिटर्न फाइल किए गए थे जिसकी संख्या 2023-24 में बढ़कर  8,61,32,779 हो गई है. यानि मोदी सरकार के पिछले 10 सालों के कार्यकाल के दौरान इनकम टैक्स रिटर्न भरने वालों की संख्या में 4,81,57,813 का इजाफा हुआ है. यानि 10 सालों में आईटी रिटर्न भरने वालों की संख्या 127 फीसदी बढ़ी है.  सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (CBDT) ने वित्त वर्ष 2023-24 तक के लिए टाइम-सीरीज डेटा जारी किया है. इस डेटा के मुताबिक वित्त वर्ष 2013-14 में 3,50,43,126 इंडीविजुअल्स टैक्सपेयर्स ने इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल किया था जिसकी संख्या 2023-24 में 8,13,90,736 हो गई है. इंडीविजुअल्स कैटगरी (Individuals Category) वाले टैक्सपेयर्स जिन्होंने आईटी रिटर्न फाइल किया है उनकी संख्या में पिछले 10 सालों में 4,63,47,610 का इजाफा हुआ है. यानि ऐसे व्यक्ति जिन्होंने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल किया है ऐसे लोगों की संख्या में बीते 10 सालों में 132 फीसदी का इजाफा हुआ है.  इनकम टैक्स विभाग (Income Tax Department)  के मुताबिक एसेसमेंट ईयर 2013-14 में पैन कार्ड (PAN Card)  होल्ड करने वाले सभी टैक्सपेयर्स की संख्या 5,26,44,496 थी जो एसेसमेंट ईयर 2023-24 में बढ़कर 10,41,13,847 रही है. इसमें इंडीविजुअल्स टैक्सपेयर्स की संख्या एसेसमेंट ईयर 2013-14 में कुल 4,95,76,555 थी जो एसेसमेंट ईयर 2023-24 में बढ़कर 9,91,75,656 हो गई है. यानि 10 एसेसमेंट ईयर के दौरान इंडीविजुअल्स टैक्सपेयर्स की संख्या में 100 फीसदी यानि डबल इजाफा हुआ है.    सीबीडीटी (Central Board Of Direct Taxes) के डेटा के मुताबिक वित्त वर्ष 2014-15 में जब मोदी सरकार सत्ता में आई थी तब डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 6,95,792 करोड़ रुपये (6.96 लाख करोड़ रुपये के करीब) रहा था जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़कर 19,60,166 करोड़ रुपये (19.60 लाख करोड़ रुपये) रहा है. यानि मोदी सरकार के 10 सालों के कार्यकाल में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन जिसमें इनकम टैक्स (Income Tax), कॉरपोरेट टैक्स (Corporatae Tax) और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में 12,64,374 करोड़ रुपये (12.64 लाख करोड़ रुपये के करीब) यानि 182 फीसदी का उछाल आया है. वित्त वर्ष 2004-25 में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 1.32 लाख करोड़ रुपये रहा था. </p> ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 18 Oct 2024 15:30:04 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>ITR filers increased by 132% in 10 years! Direct tax collection increased by 182%</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>माइक्रोमैक्स फोन याद है ना! अब माइक्रोमैक्स टक्कर देगी मुकेश अंबानी की कंपनी को! पहले भी पछाड़ चुके है सैमसंग जैसी कंपनियों को</title>
        <link>https://delhilookout.com/Remember-Micromax-phone-Now-Micromax-will-compete-with-Mukesh-Ambanis-company-We-have-already-defeated-companies-like-Samsung</link>
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        <description><![CDATA[ <p>नए कारोबार में एंट्री करने जा रहे राहुल शर्मा चीन और दूसरे देश की कंपनियों के साथ बातचीत कर रहे हैं. उनके साथ मिलकर वो माइक्रोमैक्स का एक कंटेंट ऐप तैयार करेंगे, जिसपर कई ओटीटी स्ट्रीमिंग ऐप मौजूद रहेंगी. उनके इस कदम से ओटीटी सेक्टर में बड़ा बदलवा होने की उम्मीद है.बता दें कि ओटीटी की दुनिया में मुकेश अंबानी की कंपनी जियो काफी एक्टिव है. अंबानी के जियो ऐप पर पहले से ही कई प्लेटफॉर्म मौजूद हैं. उनके पास जियो, डिज्नी+ हॉटस्टार के जैसे कई प्लेटफॉर्म हैं. अब इस बिजनेस में माइक्रोमैक्स के उतरने से जियो को कड़ी टक्कर मिलने वाली है. सिर्फ इतना ही नहीं माइक्रोमैक्स एआई हार्डवेयर सेक्टर में उतने के लिए ताइवान की कंपनियों के साथ बातचीत कर रही है. हाल ही में कंपनी ने ग्रेटर नोएडा में वीवो की मोबाइल फोन फैक्ट्री का अधिग्रहण किया है. यहां कंपनी अपने एक वेंचर्स के साथ मिलकर मोबाइल फोन, आईटी हार्डवेयर और ऑटोमोटिव पार्ट्स बनाएगी. कंपनी ने  AI डेटा सेंटर्स तैयार करने जा रही है.  राहुल शर्मा माइक्रोमैक्स से सीईओ, को फाउंडर हैं. उन्होंने साल 2000 में पिता से 3 लाख रुपये लेकर माइक्रोमैक्स की शुरुआत की.  उन्होंने दोस्त राजेश अग्रवाल, विकास जैन और सुमीत अरोड़ा के साथ मिलकर माइक्रोमैक्स इन्फोर्मेटिक्स की शुरुआत की थी. साल 2008 में उन्होंने मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग शुरू किया और सस्ता स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी के तौर पर अपनी पहचान बना ली.  1300 करोड़ रुपये के मालिक राहुल शर्मा ने साल 2017 में भारत की पहली AI बेस्ड इलेक्ट्रिक बाइक पेश की. बता दें कि राहुल शर्मा के तार बॉलीवुड से भी जुड़े हैं. बॉलीवुड एक्ट्रेस असीम उनकी पत्नी हैं.</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 07 Oct 2024 16:23:23 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>Remember Micromax phone? Now Micromax will compete with Mukesh Ambani&#039;s company! We have already defeated companies like Samsung</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 200 मिलियन फॉलोअर्स तक पहुंचने वाले पहले व्यक्ति बने एलन मस्क! पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा 131.9 फॉलोअर्स के साथ दूसरे स्थान पर</title>
        <link>https://delhilookout.com/Elon-Musk-becomes-the-first-person-to-reach-200-million-followers-on-social-media-platform-X-Former-US-President-Barack-Obama-is-in-second-place-with-131.9-followers.</link>
        <guid>https://delhilookout.com/Elon-Musk-becomes-the-first-person-to-reach-200-million-followers-on-social-media-platform-X-Former-US-President-Barack-Obama-is-in-second-place-with-131.9-followers.</guid>
        <description><![CDATA[ <p>टेक अरबपति एलन मस्क (Elon Musk) गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 200 मिलियन फॉलोअर्स तक पहुंचने वाले पहले व्यक्ति बन गए. उन्होंने अक्टूबर 2022 में 44 बिलियन डॉलर में इसका अध‍िग्रहण किया था. एक्स के मालिक के बाद 131.9 मिलियन फॉलोअर्स के साथ पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा (Barack Obama) और 113.2 मिलियन फॉलोअर्स के साथ फेमस फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो (Cristiano Ronaldo)  का नंबर आता है.<br>पॉपुलर पॉप सिंगर जस्टिन बीबर (Justin Bieber) 110.3 मिलियन फॉलोअर्स के साथ चौथे स्थान पर हैं और रिहाना(Rihanna) 108.4 मिलियन फॉलोअर्स के साथ पांचवें स्थान पर हैं.भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने हाल ही में दुनिया में 100 मिलियन का आंकड़ा पार किया है. जिसकी मस्क ने सराहना की थी. अब उनके 102.4 मिलियन फॉलोअर्स हैं.मस्क ने हाल ही में कहा कि एक्स के अब 600 मिलियन से अधिक मंथली  एक्टिव यूजर (एमएयू) और लगभग 300 मिलियन डेली एक्टिव यूजर उपयोगकर्ता (डीएयू) हैं.<br>हाल ही में सामने आई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मस्क के अधिकांश फॉलोअर्स फेक हैं और लाखों नए डीएक्टिव अकाउंट्स की वजह से यह संख्या बढ़ गई है. हालांकि, दावे को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.</p> ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 04 Oct 2024 14:41:27 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>Elon Musk becomes the first person to reach 200 million followers on social media platform X! Former US President Barack Obama is in second place with 131.9 followers.</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>अनिल अंबानी की कंपनी के अच्छे दिन शुरू! कंपनियों पर कर्ज कम तो वहीं निवेशकों का बढ़ा भरोसा</title>
        <link>https://delhilookout.com/Good-days-begin-for-Anil-Ambanis-company-While-debt-on-companies-reduced,-investor-confidence-increased</link>
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        <description><![CDATA[ <p>अनिल अंबानी की कंपनी के अच्छे दिन शुरू हो गए हैं. कंपनियों पर कर्ज कम हो रहा है तो वहीं निवेशकों भरोसा बढ़ता जा रहा है. अनिल अंबानी कंपनियों में निवेश बढ़ता जा रहा है. बीते कुछ वक्त से रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रा के शेयर रॉकेट की तेजी से बढ़ रहे हैं. शेयरों में लौटी जान से अनिल अंबानी का नेटवर्थ बढ़ रहा है. रिलायंस इंफ्रा का मार्केट कैप 50 प्रतिशत बढ़कर 8,500 करोड़ रुपये से बढ़कर 12,500 करोड़ रुपये हो गया तो वहीं रिलायंस पावर का मार्केट कैप 25 प्रतिशत बढ़कर 11,500 करोड़ रुपये से 14,600 करोड़ रुपये हो गया.  रिलायंस पावर के कर्ज मुक्त होने और रिलायंस इंफ्रा का कर्ज 85 फीसदी तक घटने के बाद अब अनिल अंबानी फंड जुटाने की कोशिश में है.</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 23 Sep 2024 16:57:47 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>Good days begin for Anil Ambani&#039;s company! While debt on companies reduced, investor confidence increased</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>भारत में बढ़ रही है एक लाख से ऊपर के लक्जरी स्मार्टफोन खरीदने की होड़</title>
        <link>https://delhilookout.com/The-competition-to-buy-luxury-smartphones-above-Rs-1-lakh-is-increasing-in-India.</link>
        <guid>https://delhilookout.com/The-competition-to-buy-luxury-smartphones-above-Rs-1-lakh-is-increasing-in-India.</guid>
        <description><![CDATA[ <p style="text-align: left;">उद्योग विशेषज्ञों ने मंगलवार को कहा कि प्रीमियमीकरण की प्रवृत्ति के बीच खर्च योग्य आय में वृद्धि के साथ, हाल की तिमाहियों में देश में लक्जरी स्मार्टफोन की बिक्री में वृद्धि हुई है।काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार, एक लाख रुपये और उससे ऊपर के स्मार्टफोन की शिपमेंट में साल-दर-साल आधार पर मौजूदा कैलेंडर वर्ष की पहली तिमाही में 20 प्रतिशत और दूसरी तिमाही में 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस साल की पहली छमाही में एक लाख रुपये और उससे ऊपर के सेगमेंट की बाजार हिस्सेदारी एक प्रतिशत से कुछ अधिक रही।काउंटरपॉइंट रिसर्च के निदेशक तरुण पाठक ने आईएएनएस को बताया, दूसरी छमाही में सैमसंग गैलेक्सी फोल्डेबल्स और नए एप्पल आईफोन सीरीज के आगमन के साथ इस हिस्सेदारी में मामूली वृद्धि की उम्मीद है।उन्होंने आगे बताया कि 2021 में देश में लग्जरी या सुपर-प्रीमियम स्मार्टफोन की बिक्री 14 प्रतिशत बढ़ी थी। अगले साल 2022 में इसमें 96 प्रतिशत और 2023 में 53 प्रतिशत की वृद्धि हुई। साल 2023 में सैमसंग ने सुपर-प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार में 52 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की, जबकि एप्पल की हिस्सेदारी 46 प्रतिशत रही।साइबर मीडिया रिसर्च (सीएमआर) के उपाध्यक्ष-इंडस्ट्री रिसर्च ग्रुप प्रभु राम के अनुसार, भारतीय स्मार्टफोन बाजार में प्रीमियमाइजेशन की लहर लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने आईएएनएस को बताया, उपभोक्ता अब उन स्मार्टफोन डिवाइसेज को प्राथमिकता दे रहे हैं जो न केवल बेहतर विशेषताएं और फीचर्स प्रदान करते हैं, बल्कि एक लाइफस्टाइल स्टेटमेंट के रूप में भी कार्य करते हैं।उनके अनुसार, पहली छमाही में एक लाख रुपये और उससे ऊपर के ऊबर-प्रीमियम स्मार्टफोन ने देश में सालाना आधार पर 80 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि देखी है। अप्रैल-जून तिमाही में, सैमसंग ने मूल्य के हिसाब से 25 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ बाजार में प्रमुखता हासिल की, इसके बाद विवो और एप्पल का स्थान है। हालांकि, हाल ही में आईफोन की पूरी रेंज में कीमतों में कटौती के चलते एप्पल के अगली तिमाही में फिर से उबरने की उम्मीद है। इस साल की दूसरी तिमाही में, भारत में 5जी स्मार्टफोन की बाजार हिस्सेदारी रिकॉर्ड 77 प्रतिशत रही, जिसका मुख्य कारण उनका घटता औसत बिक्री मूल्य (एएसपी) है।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 03 Sep 2024 16:47:22 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>The competition to buy luxury smartphones above Rs 1 lakh is increasing in India.</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>क्या आप किसी और के  ट्रेन टिकट  पर सफर कर सकते है! अगर हमें कहे हां तो...........</title>
        <link>https://delhilookout.com/Can-you-travel-on-someone-elses-train-ticket-If-you-tell-us-yes-then...</link>
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        <description><![CDATA[ <p>क्या आपके ट्रेन टिकट पर कोई और सफर कर सकता है? दरअसल भारतीय रेलवे में यात्रा के दौरान कई बार यह सवाल उठता है कि, क्या एक व्यक्ति के द्वारा बुक की गई टिकट पर कोई दूसरा व्यक्ति यात्रा कर सकता है. भारतीय रेलवे के एक सर्कुलर के अनुसार, ऐसा संभव है, लेकिन कुछ शर्तों के तहत. <br>मालूम हो कि, आप अपने ट्रेन टिकट को किसी अन्य व्यक्ति को ट्रांसफर कर सकते हैं, लेकिन यह केवल परिवार के सदस्यों के लिए संभव है. परिवार के सदस्य में पति-पत्नी, बच्चे, माता-पिता, भाई-बहन शामिल होते हैं. अगर आप अपनी टिकट को किसी दूसरे परिवार के सदस्य के नाम पर ट्रांसफर करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको कुछ प्रक्रियाओं का पालन करना होगा.<br>आवेदन की प्रक्रिया:<br>1. आवेदन पत्र भरें: टिकट ट्रांसफर के लिए, सबसे पहले आपको एक आवेदन पत्र भरना होगा. इस पत्र में आपको टिकट की विवरण, यात्रा की तारीख, और ट्रांसफर की आवश्यकता के कारणों का उल्लेख करना होगा.<br>2. स्टेशन मास्टर से संपर्क करें: आवेदन पत्र भरने के बाद, इसे संबंधित स्टेशन मास्टर के पास प्रस्तुत करना होगा. स्टेशन मास्टर आपकी आवेदन की समीक्षा करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि सभी शर्तें पूरी की गई हैं.<br>3. अनुमति प्राप्त करें: यदि सब कुछ सही है, तो स्टेशन मास्टर आपकी टिकट ट्रांसफर की अनुमति देगा. इसके बाद, आपके द्वारा नामित परिवार सदस्य को यात्रा करने की अनुमति मिल जाएगी.</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 02 Sep 2024 18:05:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>Can you travel on someone else&#039;s train ticket? If you tell us yes then...</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>इस हफ्ते शेयर मार्केट में रहेगा उछाल! त्यौहारी मौसम में आएगी बहार</title>
        <link>https://delhilookout.com/There-will-be-a-boom-in-the-stock-market-this-week-Spring-will-come-in-the-festive-season</link>
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        <description><![CDATA[ <p>भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के पहले दिन उछाल देखने को मिल रहा है. प्री-ओपनिंग शेयर में भी बाजार में तेजी देखने को मिली. उसके बाद सेंसेक्स एक बार फिर से उछाल के साथ ओपन हुआ. इससे पहले पिछले सप्ताह शुक्रवार को भी बाजार उछाल के साथ बंद हुआ था. तब बाजार के दोनों प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में उछाल दर्ज किया गया था.<br>सोमवार सुबह 9.15 बजे शेयर बाजार में उछाल दर्ज किया गया. सेंसेक्स 82725.28 अंक पर ओपन हुआ. जबकि यह पिछले कारोबारी सत्र में 82365.77 अंक पर क्लोज हुआ था. वहीं निफ्टी ने 25333.60 अंक पर ओपनिंग की. वहीं पिछले कारोबारी सत्र में निफ्टी 25235.90 अंक पर बंद हुआ था. जबकि बैंक निफ्टी में भी आज उछाल देखने को मिला. बैंक निफ्टी 51579.50 अंक पर खुला जो शुक्रवार को 51351.00 अंक पर क्लोज हुआ था.<br>इससे पहले प्री-ओपनिंग सेशन में भी बाजार में उछाल के संकेत मिले. प्री-ओपनिंग में सेंसेक्स 359.51 अंक यानी 0.44 प्रतिशत के उछाल के साथ 82725.28 अंक पर पहुंच गया. जबकि निफ्टी 97.70 अंक यानी 0.39 फीसदी के उछाल के साथ 25333.60 अंक पर कारोबार करता दिखा. वहीं बैंक निफ्टी में 228.50 अंक यानी 0.44 प्रतिशत के उछाल के साथ 51579.50 अंक पर पहुंच गया. सोमवार सुबह 9 बजकर 25 मिनट पर बीएसई सेंसेक्स के 30 में से 26 शेयरों में तेजी देखी गई. जबकि 4 शेयरों में मामूली गिरावट का रुख देखा गया. टॉप गेनर में एशियन पेंट्स देखा गया. जबकि आईटीसी, एचसीएल, बजाज फिनसर्व के शेयरों में भी आज तेजी देखने को मिल रही है. बजाज फाईनेंस और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में भी आज उछाल देखने को मिल रहा है.</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 02 Sep 2024 16:52:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>There will be a boom in the stock market this week! Spring will come in the festive season</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>क्या आप जानते है कि यूटयूब पर सिलवर और गोल्ड बटन कैसे मिलता है? जानिए क्या होती है प्रक्रिया</title>
        <link>https://delhilookout.com/Do-you-know-how-to-get-silver-and-gold-buttons-on-YouTube-Know-what-the-process-is</link>
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        <description><![CDATA[ <p><strong>बाजार आपके लिए-</strong> सोशल मीडिया ने पिछले कुछ सालों में ही लोगों की कमाई के द्वार खोल दिए हैं. खासकर यूट्यूब और फेसबुक ने लोगों को कमाई के खूब मौके दे रखे हैं. आलम यह है कि कोरोनाकाल और लॉकडाउन के दौरान देश में कुछ ऐसे लोग यूट्यूबर बनकर उभरे, जिनकी कमाई का आज कोई अंदाजा भी नहीं लगा सकता है. ऐसे में देखा-देख कुछ और लोगों ने भी यूट्यूब पर चैनल बनाकर वीडियोज बनानी शुरू कर दी हैं.  लेकिन कुछ लोगों को अभी भी यूट्यूब से जुड़ी अहम जानकारी नहीं हैं. मसलन, सिलवर बटन कैसे मिलता है आदि-आदि. यूट्यूब चैनल पर एक लाख सब्सक्राइबर्स पूरे होने के बाद ही सिल्वर बटन मिलता है. सिल्वर बटन मिलने के बाद कोई भी यूट्यूबर विज्ञापन के माध्यम से पैसा कमा सकते हैं. विज्ञापन की बात करें तो आमतौर पर एक यूट्यूब विज्ञापन प्रोग्राम से आप प्रति एक हजार व्यूज पर 100-200 रुपए कमा सकते हैं. खास बात यह है कि सिल्वर बटन मिलने के बाद ब्रांड्स स्पॉन्सरशिप और प्रोडक्ट प्लेसमेंट के लिए आपके चैनल से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा यूट्यूब आपको अफिलिएट मार्केटिंग के जरिए भी मोटी कमाई का मौका देता है. </p> ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 31 Aug 2024 15:53:24 +0530</pubDate>
        <dc:creator>admin</dc:creator>
        <media:keywords>Do you know how to get silver and gold buttons on YouTube? Know what the process is</media:keywords>
    </item>
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